टेस्ला के फायदे के लिए पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी सरकार

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर, Piyush Goyal ने कहा कि सरकार किसी विशेष कंपनी या उसके हितों के लिए अपनी पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी

टेस्ला के फायदे के लिए पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी सरकार

देश में इम्पोर्ट होने वाली कारों पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक कस्टम्स ड्यूटी लगती है

ख़ास बातें
  • टेस्ला ने इम्पोर्ट टैरिफ में छूट देने की मांग की है
  • इस अमेरिकी कंपनी की देश में दो अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की योजना है
  • पिछले कुछ वर्षों में EV की बिक्री तेजी से बढ़ी है
विज्ञापन
बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में शामिल Tesla को भारत में बिजनेस शुरू करने के लिए विशेष छूट नहीं दी जाएगी। केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश के कानून और टैरिफ से जुड़े नियम इंटरनेशनल EV कंपनियों को दुनिया की इस सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी में बेस बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। 

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर, Piyush Goyal ने कहा कि सरकार किसी विशेष कंपनी या उसके हितों के लिए अपनी पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी। उनका कहना था, "सरकार किसी विशेष कंपनी के लिए पॉलिसी में बदलाव नहीं करती। किसी को भी डिमांड करने की छूट है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सरकार उस डिमांड के आधार पर फैसला करेगी।" देश में फैक्टरी लगाने के लिए टेस्ला ने शुरुआत में इम्पोर्ट टैरिफ में छूट देने की मांग की है। गोयल ने बताया,  "हम बहुत से उपायों पर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए मंत्रालयों और स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा की जा रही है। हम यूरोप से लेकर अमेरिका तक के संभावित इनवेस्टर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं।" 

देश में कम्प्लीटली बिल्ड यूनिट्स (CBU) के तौर पर इम्पोर्ट होने वाली कारों पर 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक कस्टम्स ड्यूटी लगती है। पिछले वर्ष एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अगर सरकार 12,000 व्हीकल्स के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाती है तो टेस्ला 50 करोड़ डॉलर तक इनवेस्टमेंट करने के लिए तैयार है। सरकार की ओर से अगर 30,000 व्हीकल्स पर इस टैक्स में कमी की जाती है तो टेस्ला दो अरब डॉलर तक इनवेस्टमेंट कर सकती है। 

इस वर्ष जनवरी में पहली बार इलेक्ट्रिक कारों की इंटरनेशनल सेल्स वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 69 प्रतिशत बढ़कर 10 लाख यूनिट्स से अधिक पर पहुंच गई थी। पिछले वर्ष जनवरी में यह 6,60,000 यूनिट्स की थी। मार्केट रिसर्च फर्म Rho Motion ने बताया था कि जनवरी में यूरोपियन मार्केट्स में EV की सेल्स 92,741 यूनिट्स की थी। चीन में यह आंकड़ा (प्लग-इन हाइब्रिड को मिलाकर) सात लाख यूनिट्स से अधिक का था। यह एक महीना पहले की तुलना में 37 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि. वर्ष-दर-वर्ष आधार पर इसमें लगभग 79 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ कारणों से इस वर्ष EV की सेल्स में ग्रोथ घट सकती है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. अंतरिक्ष से आ रही आफत! तूफानी स्पीड से पृथ्वी के करीब पहुंच रहे 2 बड़े एस्टरॉयड, जेट प्लेन जितना है साइज
  2. Vi और BSNL मिलाएगी हाथ! Jio, Airtel से मुकाबला करने शेयर करेंगे टॉवर, स्पेक्ट्रम
  3. बिना बैटरी वाली स्मार्टवॉच! शरीर की गर्मी से चलेगी, जल्द हो सकती है लॉन्च
  4. Jio का सबसे बड़ा धमाका! 500 रुपये में 12 OTT, फ्री Jiohotstar, Prime Video, 2GB डेली, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग वाला प्लान!
  5. आधार कार्ड खो गया! घबराएं नहीं, घर बैठे मिलेगा, बस ये स्टेप करें फॉलो
  6. Samsung Galaxy A57, Galaxy A37 की लॉन्च डेट आई, 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ 25 मार्च को एंट्री!
  7. Xiaomi Black Shark Blade 2+ पावर बैंक लॉन्च, 10 हजार mAh बैटरी, 22.5W चार्जिंग से लैस, जानें कीमत
  8. 9 हजार से सस्ता खरीदें लेटेस्ट Vivo 5G फोन, 7200mAh बैटरी! Amazon पर धमाका डील
  9. Realme 16 5G जल्द हो सकता है भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  10. सरकार ने ब्लॉक की 300 बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »