• होम
  • electric vehicle
  • ख़बरें
  • भारत में बिक्री के लिए Tesla ने जर्मनी में शुरू की इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग 

भारत में बिक्री के लिए Tesla ने जर्मनी में शुरू की इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग 

कंपनी की एक टीम इस महीने के अंत तक देश में मैन्युफैक्चरिंग लगाने की साइट की तलाश करने के लिए विजिट कर सकती है

भारत में बिक्री के लिए Tesla ने जर्मनी में शुरू की इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग 

मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है

ख़ास बातें
  • जर्मनी में कंपनी के प्लांट में मॉडल Y की मैन्युफैक्चरिंग होती है
  • अमेरिका और चीन जैसे टेस्ला के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटी है
  • कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए हैं
विज्ञापन
बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में शामिल Tesla ने भारत में एक्सपोर्ट के लिए जर्मनी के अपने प्लांट में राइट-हैंड ड्राइव कारों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है। कंपनी की एक टीम इस महीने के अंत तक देश में मैन्युफैक्चरिंग लगाने की साइट की तलाश करने के लिए विजिट कर सकती है। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने Reuters को बताया, "राइट-हैंड ड्राइव कारों को भारत के लिए एलोकेट किया जाएगा। कंपनी ने इनकी मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है।" हालांकि, यह पता नहीं चला है कि टेस्ला के किस मॉडल का भारत को एक्सपोर्ट किया जाएगा। जर्मनी में बर्लिन के निकट कंपनी के प्लांट में मॉडल Y की मैन्युफैक्चरिंग की जाती है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने EV कंपनियों के न्यूनतम 50 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट करने और तीन वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की शर्त पर इम्पोर्ट टैक्स में कटौती की घोषणा की थी। इससे टेस्ला को फायदा होगा जिसने इम्पोर्ट टैक्स में कटौती के लिए लॉबीइंग की थी। हालांकि, देश की ऑटोमोबाइल कंपनियां इस छूट का विरोध कर रही थी। 

इस बारे में टिप्पणी के लिए भेजी गई ईमेल का टेस्ला ने उत्तर नहीं दिया। हाल ही में Financial Times की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि टेस्ला अपनी फैक्टरी के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करेगी जहां पहले से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की मौजूदगी है। अमेरिका और चीन जैसे कंपनी के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटने के कारण यह नए मार्केट्स में संभावना देख रही है। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में टेस्ला की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है। 

यह लगभग चार वर्ष में पहली बार है कि जब वर्ष-दर-वर्ष आधार पर कंपनी की तिमाही सेल्स में कमी हुई है। इससे टेस्ला की ग्रोथ को लेकर आशंका बढ़ गई है। बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी ने पहली तिमाही में 3,86,810 व्हीकल्स की डिलीवरी की है। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स गिरना और BYD जैसे EV मेकर्स से कड़ी टक्कर मिलना इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। पिछले वर्ष की समान तिमाही में टेस्ला ने लगभग 4,23,000 यूनिट्स की बिक्री की थी। कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए थे लेकिन इसके बावजूद इसे सेल्स में कमी का सामना करना पड़ा है। इसका असर टेस्ला के शेयर प्राइस पर भी पड़ा है। इस वर्ष कंपनी के शेयर में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. अब WhatsApp पर AI बताएगा क्या बात करनी है! टेस्टिंग में नया फीचर
  2. Ultraviolette का Tesseract स्कूटर हुआ महंगा, जानें नया प्राइस
  3. ट्रेन में फोन चोरी से निपटने के लिए DoT और RPF ने निकाला समाधान, यात्रियों को होगा लाभ
  4. Ola Electric की बढ़ी मुश्किल, महाराष्ट्र सरकार ने ट्रेड सर्टिफिकेट न होने पर दिया नोटिस
  5. iPhone की शुरुआती कीमत Rs 98,000 हो जाएगी? ट्रंप के टैरिफ हाइक के बाद जानें क्या बोले एक्सपर्ट्स
  6. क्रिप्टो मार्केट पर ट्रंप के टैरिफ का ज्यादा असर नहीं, बिटकॉइन में 1 प्रतिशत की तेजी
  7. Poco C71 Launched in India: Rs 6,499 रुपये में 120Hz डिल्प्ले, 6GB रैम और बहुत कुछ, जानें कब होगी सेल
  8. LSG vs MI Match Live Streaming: आज लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम मुंबई इंडियंस का मैच Live ऐसे देखें फ्री में!
  9. Oppo Find X9 सीरीज में मिलेगा 200 मेगापिक्सल कैमरा, जानें सबकुछ
  10. 8000 रुपये सस्ता मिल रहा Realme 13 Pro, जानें क्या है पूरी डील
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »