भारत में बिक्री के लिए Tesla ने जर्मनी में शुरू की इलेक्ट्रिक कारों की मैन्युफैक्चरिंग 

कंपनी की एक टीम इस महीने के अंत तक देश में मैन्युफैक्चरिंग लगाने की साइट की तलाश करने के लिए विजिट कर सकती है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 अप्रैल 2024 14:33 IST
ख़ास बातें
  • जर्मनी में कंपनी के प्लांट में मॉडल Y की मैन्युफैक्चरिंग होती है
  • अमेरिका और चीन जैसे टेस्ला के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटी है
  • कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए हैं

मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है

बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में शामिल Tesla ने भारत में एक्सपोर्ट के लिए जर्मनी के अपने प्लांट में राइट-हैंड ड्राइव कारों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है। कंपनी की एक टीम इस महीने के अंत तक देश में मैन्युफैक्चरिंग लगाने की साइट की तलाश करने के लिए विजिट कर सकती है। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने Reuters को बताया, "राइट-हैंड ड्राइव कारों को भारत के लिए एलोकेट किया जाएगा। कंपनी ने इनकी मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी है।" हालांकि, यह पता नहीं चला है कि टेस्ला के किस मॉडल का भारत को एक्सपोर्ट किया जाएगा। जर्मनी में बर्लिन के निकट कंपनी के प्लांट में मॉडल Y की मैन्युफैक्चरिंग की जाती है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने EV कंपनियों के न्यूनतम 50 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट करने और तीन वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की शर्त पर इम्पोर्ट टैक्स में कटौती की घोषणा की थी। इससे टेस्ला को फायदा होगा जिसने इम्पोर्ट टैक्स में कटौती के लिए लॉबीइंग की थी। हालांकि, देश की ऑटोमोबाइल कंपनियां इस छूट का विरोध कर रही थी। 
Advertisement

इस बारे में टिप्पणी के लिए भेजी गई ईमेल का टेस्ला ने उत्तर नहीं दिया। हाल ही में Financial Times की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि टेस्ला अपनी फैक्टरी के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करेगी जहां पहले से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की मौजूदगी है। अमेरिका और चीन जैसे कंपनी के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटने के कारण यह नए मार्केट्स में संभावना देख रही है। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में टेस्ला की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है। 

यह लगभग चार वर्ष में पहली बार है कि जब वर्ष-दर-वर्ष आधार पर कंपनी की तिमाही सेल्स में कमी हुई है। इससे टेस्ला की ग्रोथ को लेकर आशंका बढ़ गई है। बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी ने पहली तिमाही में 3,86,810 व्हीकल्स की डिलीवरी की है। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स गिरना और BYD जैसे EV मेकर्स से कड़ी टक्कर मिलना इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। पिछले वर्ष की समान तिमाही में टेस्ला ने लगभग 4,23,000 यूनिट्स की बिक्री की थी। कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए थे लेकिन इसके बावजूद इसे सेल्स में कमी का सामना करना पड़ा है। इसका असर टेस्ला के शेयर प्राइस पर भी पड़ा है। इस वर्ष कंपनी के शेयर में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Nothing Phone (3) पर मिल रहा ₹39 हजार से ज्यादा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
#ताज़ा ख़बरें
  1. Dyson CameraJet: आ गया कैमरे वाला टूथब्रश! AI पता लगाएगा कहां है गंदगी, फिर वहीं करेगा सफाई
  2. स्मार्टफोन से भी पतला Power Bank! 8 सितंबर को भारत आ रहा Xiaomi का मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग वाला पावर बैंक
  3. ताइवानी कंपनी Optoma ने भारत में पेश की 55-98 इंच की प्रोफेशनल डिस्प्ले, जानें कहां होगा इस्तेमाल
  4. SIR Draft List 2026: वोटर लिस्ट में अपना नाम ऐसे करें चेक, अगर कट गया है तो क्या करें? यहां जानें सब कुछ
  5. फर्जी SIM खरीदी, IMEI से छेड़छाड़ किया तो होगी 3 साल की सजा और 50 लाख जुर्माना
  6. एक ही मशीन से फर्श, सोफा और कार की सफाई! Dreame H12 Dual FlexReach भारत में हुआ लॉन्च
  7. boltt के दोनों स्मार्टफोन की सेल आज से शुरू, मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट भी
  8. एक मशीन में 2 ड्रम और 34 वॉशिंग मोड्स! Xiaomi की नई Mini Washing Machine हुई लॉन्च
  9. Samsung Galaxy Book6 लैपटॉप लॉन्च, 14 इंच डिस्प्ले के साथ Intel Core 5 प्रोसेसर से लैस
  10. पोर्न ऐप के नाम पर साइबर ठगी, पैसों की लूट, Facebook ऐड से डाउनलोड हो रहे APK फाइल, I4C ने दी चेतावनी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.