भारत में EV की फैक्टरी लगाने के लिए साइट की तलाश कर रही Tesla

अमेरिका और चीन जैसे कंपनी के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटने के कारण यह नए मार्केट्स में संभावना देख रही है

भारत में EV की फैक्टरी लगाने के लिए साइट की तलाश कर रही Tesla

इस फैक्टरी में दो से तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट किया जा सकता है

ख़ास बातें
  • इसके लिए कंपनी इस महीने के अंत में अपनी एक टीम को भेजेगी
  • मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में टेस्ला की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है
  • कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए थे
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बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में शामिल Tesla ने भारत में फैक्टरी लगाने के लिए साइट की तलाश शुरू करने की तैयारी की है। इसके लिए कंपनी इस महीने के अंत में अपनी एक टीम को भेजेगी। इस फैक्टरी में दो से तीन अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट किया जा सकता है। 

Financial Times की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि टेस्ला गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करेगी जहां पहले से ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की मौजूदगी है। इस बारे में टिप्पणी के लिए Reuters की ओर से भेजे गए निवेदन का टेस्ला ने उत्तर नहीं दिया है। अमेरिका और चीन जैसे कंपनी के बड़े मार्केट्स में डिमांड घटने के कारण यह नए मार्केट्स में संभावना देख रही है। मौजूदा वर्ष की पहली तिमाही में टेस्ला की सेल्स 8.5 प्रतिशत घटी है। यह लगभग चार वर्ष में पहली बार है कि जब वर्ष-दर-वर्ष आधार पर कंपनी की तिमाही सेल्स में कमी हुई है। इससे टेस्ला की ग्रोथ को लेकर आशंका बढ़ गई है। 

बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी ने पहली तिमाही में 3,86,810 व्हीकल्स की डिलीवरी की है। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स गिरना और BYD जैसे EV मेकर्स से कड़ी टक्कर मिलना इसके पीछे बड़े कारण हैं। पिछले वर्ष की समान तिमाही में टेस्ला ने लगभग 4,23,000 यूनिट्स की बिक्री की थी। कंपनी ने अपने EV के प्राइसेज भी घटाए थे लेकिन इसके बावजूद इसे सेल्स में कमी का सामना करना पड़ा है। इसका असर टेस्ला के शेयर प्राइस पर भी पड़ा है। इस वर्ष कंपनी का शेयर लगभग 30 प्रतिशत गिरा है। भारत में पिछले महीने केंद्र सरकार ने न्यूनतम 50 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट करने वाली EV कंपनियों के लिए इम्पोर्ट टैक्स को घटाया था। 

देश के EV मार्केट में Tata Motors का पहला स्थान है। पिछले वर्ष कारों की कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी लगभग दो प्रतिशत की थी। सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस मार्केट में टेस्ला की एंट्री से इनवेस्टमेंट बढ़ सकता है। इससे ऑटो पार्ट्स मेकर्स को भी फायदा होगा। पिछले वर्ष मस्क ने अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मीटिंग की थी। इसके बाद टेस्ला की फैक्टरी लगाने की योजना की रफ्तार बढ़ी है। 
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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