इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी के लिए चीन की BYD के साथ Apple ने मिलाया था हाथ 

BYD की कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इन दोनों कंपनियों के बीच टाई-अप की योजना लगभग एक दशक पहले बनाई गई थी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 18 अक्टूबर 2024 14:47 IST
ख़ास बातें
  • एपल ने इस प्रोजेक्ट को कैंसल कर दिया है
  • दोनों कंपनियों के बीच इस टाई-अप का खुलासा नहीं किया गया था
  • BYD की इलेक्ट्रिक कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है

अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple की इलेक्ट्रिक कार बनाने के प्रोजेक्ट में चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी BYD के साथ वर्षों तक कार्य किया गया था। एपल ने इस प्रोजेक्ट को कैंसल कर दिया है। इसके लिए कंपनी ने BYD के साथ मिलकर लंबी रेंज की बैटरी डिवेलप करने पर कार्य किया था। 

Bloomberg ने इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि एपल और चीन की BYD ने लिथियम आयरन फॉस्फेट सेल्स के इस्तेमाल वाला बैटरी सिस्टम बनाने के लिए टाई-अप किया था। इस टेक्नोलॉजी का डिजाइन लंबी रेंज वाली और सुरक्षित इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बैटरीज के लिए था। हालांकि, एपल के पास BYD की मौजूदा Blade बैटरीज में इस्तेमाल होने वाली किसी टेक्नोलॉजी का मालिकाना हक नहीं है। इस टाई-अप से यह पता चलता है कि एपल ने इलेक्ट्रिक कार बनाने के अपने प्रोजेक्ट में कितनी प्रगति की थी। पिछले एक दशक में कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पर बड़ा खर्च किया था। 

हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच इस टाई-अप का खुलासा नहीं किया गया था। इस बारे में एपल और BYD के प्रवक्ताओं ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया हालांकि, BYD ने ई-मेल से दिए एक स्टेटमेंट में बताा कि Blade बैटरी का कॉन्सेप्ट उसके इंजीनियर्स का था। इस बैटरी पर BYD के पूरे पेटेंट और अन्य राइट्स हैं। BYD की कारों में Blade सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इन दोनों कंपनियों के बीच टाई-अप की योजना लगभग एक दशक पहले बनाई गई थी। 

एपल अपने इलेक्ट्रिक कार के प्रोजेक्ट के लिए कोर टेक्नोलॉजीज की तलाश कर रही थी। कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स को BYD के इंजीनियर्स ने Blade बैटरी के शुरुआती वर्जन को दिखाया था। एपल को इस टेक्नोलॉजी की एनर्जी स्टोरेज की क्षमताएं और सुरक्षा बेहतर लगी थी। इसके बाद कंपनी ने EV की रेंज बढ़ाने के लिए इसमें कस्टमाइजेशन की मांग की थी। एपल इससे पहले विभिन्न बैटरीज पर कार्य कर रही थी। इनमें निकेल और अल्कालाइन जैसे एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी ने बैटरी पैक डिजाइन और इंजीनियरिंग में भी काफी इनवेस्टमेंट किया था। यह बैटरी में जितने अधिक हो सकें उतने सेल लगाना चाहती थी। पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। अमेरिका और चीन EV के बड़े मार्केट्स में शामिल हैं। 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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