सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टो से जुड़े कानून को बताया पुराना, सरकार को रेगुलेशन बनाने की सलाह

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसीज के बिना रेगुलेशन वाले ट्रेड को हवाला के कारोबार जैसा बताया था

सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टो से जुड़े कानून को बताया पुराना, सरकार को रेगुलेशन बनाने की सलाह

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन के बिना रेगुलेशन के ट्रेड को हवाला के कारोबार जैसा बताया था

ख़ास बातें
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्रिप्टो से जुड़े मौजूदा कानून पुराने हैं
  • क्रिप्टोकरेंसीज के लिए कोर्ट ने सख्त रेगुलेशन बनाने पर जोर दिया है
  • पिछले कुछ वर्षों में इस सेगमेंट में स्कैम के मामले बढ़े हैं
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पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का मार्केट तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही इस सेगमेंट में फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े मौजूदा कानून 'पुराने'हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि इन डिजिटव एसेट्स के रेगुलेशन की व्यवस्था में 'कमी' है और केंद्र सरकार को इसका समाधान करने के लिए कदम उठाने चाहिए। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस Surya Kant, Dipankar Datta और Vijay Bishnoi की बेंच ने बिटकॉइन से जुड़े फ्रॉड के एक मामले की सुनवाई के दौरान क्रिप्टोकरेंसीज के लिए सख्त रेगुलेशन बनाने पर जोर दिया है। यह मांमला गुजरात के कारोबारी Shailesh Babulal Bhatt से जुड़ा है, जिस पर कई राज्यों में बिटकॉइन को लेकर फ्रॉड करने का आरोप है। इस मामले में भट्ट की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट Siddharth Dave और Mukul Rohatgi ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी देश के अटॉर्नी जनरल को क्रिप्टोकरेंसीज के लिए उपयुक्त रेगुलेटरी मैकेनिज्म बनाने का निर्देश दिया था। 

इस पर जस्टिस कांत ने कहा, "जब हमने यह कहा था कि रेगुलेटरी मैकेनिज्म बनाया जाना चाहिए, तो यह एक कड़ा बयान था। हम इसकी निगरानी कर रहे हैं। हम अंतरराष्ट्रीय इकोनॉमिक स्थितियों को देख रहे हैं।" यह पहली बार नहीं है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर स्पष्ट कानून बनाने पर जोर दिया है। इस मामले की पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिटकॉइन के बिना रेगुलेशन वाले ट्रेड को हवाला के कारोबार जैसा बताया था। इसके साथ ही कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि नियमों की कमी से लोगों के लिए व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करना आसान हो गया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि लगभग दो वर्ष पहले बिटकॉइन में ट्रेडिंग से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान उसने सरकार से वर्चुअल करेंसीज की ट्रेडिंग से जुड़ी पॉलिसी के बारे में जानकारी देने को कहा था लेकिन अभी तक उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला है। इस मामले की पिछली सुनवाई में सीनियर एडवोकेट रोहतगी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का एक सर्कुलर खारिज करने के बाद देश में बिटकॉइन में ट्रेडिंग गैर कानूनी नहीं है और इस वजह से उनके क्लाइंट की गिरफ्तारी गलत है। इस पर जस्टिस सूर्य कांत का कहना था कि वह व्यक्तिगत तौर पर बिटकॉइन के बारे में अधिक नहीं जानते। उन्होंने कहा था कि देश में बिटकॉइन में ट्रेडिंग हवाला कारोबार के एक बेहतर तरीके से निपटने के जैसा है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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