Samsung ने शुरू किया Bitcoin माइनिंग चिप का ट्रायल प्रोडक्शन

एप्लिकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) चिप्स के इस्तेमाल से बिटकॉइन माइनिंग में एनर्जी की खपत कम करने में मदद मिल सकती है

Samsung ने शुरू किया Bitcoin माइनिंग चिप का ट्रायल प्रोडक्शन

चीन की फर्म PanSemi इस चिप की पहली कस्टमर हो सकती है

ख़ास बातें
  • सैमसंग अपने चिप के लिए कंट्रोल को बेहतर बना रही है
  • इससे बिटकॉइन माइनिंग की एफिशिएंसी लगभग 30 प्रतिशत बढ़ सकती है
  • क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक जरूरत होती है
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कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने Bitcoin की माइनिंग की सुविधा देने वाले अपने थ्री 3 नैनोमीटर (nm) फाउंड्री प्रोसेसिंग चिप का डिवेलपमेंट पूरा कर लिया है। ऐसी रिपोर्ट है कि कंपनी इस चिप का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने के लिए तैयार है। ऐसे एप्लिकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) चिप्स के इस्तेमाल से बिटकॉइन माइनिंग में एनर्जी की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की फर्म PanSemi इस चिप की पहली कस्टमर हो सकती है। PanSemi बिटकॉइन माइनिंग की प्रोसेसिंग के लिए AISC की डिजाइनिंग करती है। सैमसंग अपने चिप के लिए कंट्रोल को बेहतर बना रही है, जिससे बिटकॉइन माइनिंग की एफिशिएंसी लगभग 30 प्रतिशत बढ़ सकती है। इस चिप के साथ सैमसंग का मुकाबला ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) से होगा, जो इस तरह के चिप्स की भी मैन्युफैक्चरिंग करती है। 

बिटकॉइन की प्रूफ-ऑफ-स्टेक माइनिंग को लेकर क्रिप्टो इंडस्ट्री का विरोध बढ़ रहा है। क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक जरूरत होती है। इसमें ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट करने के लिए मैथमैटिक्स की पजल्स को कंप्यूटर सिस्टम्स पर सॉल्व करना होता है। पजल को पहले सॉल्व करने वाले माइनर को रिवॉर्ड के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी दी जाती है। कजाकिस्तान की सरकार ने क्रिप्टो माइनिंग करने वालों के लिए इलेक्ट्रिसिटी पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया था। इससे पहले ईरान जैसे कुछ अन्य देशों में भी क्रिप्टो माइनिंग के कारण इलेक्ट्रिसिटी की कमी हो चुकी है। 

कुछ देशों में क्रिप्टो माइनिंग के लिए रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में माइनिंग फर्म स्ट्रॉन्गहोल्ड डिजिटल माइनिंग अपने सैकड़ों सुपर कंप्यूटर को बिजली देने के लिए कोयले की राख का इस्तेमाल करती है। इस फर्म का उद्देश्य अमेरिका के एनर्जी नेटवर्क को नुकसान पहुंचाए बिना बायप्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करना है। हाल ही में उज्बेकिस्तान ने सोलर पावर से क्रिप्टोकरेंसीज की माइनिंग की अनुमति देने का फैसला किया था। इसके अलावा ऐसी फर्मों को इनकम टैक्स में भी पूरी तरह छूट दी जाएगी। उज्बेकिस्तान की सरकार चाहती है कि क्रिप्टो माइनर्स अपने सोलर पैनल लगाकर अपने माइनिंग फॉर्म के लिए पावर की जरूरत को पूरा करें।  इसे बारे में उज्बेकिस्तान के प्रेसिडेंट की ओर से ऑर्डर जारी किया गया था। माइनिंग करने वाली फर्में के पास नियमित टैरिफ से दोगुने का भुगतान कर पावर ग्रिड से कनेक्ट होने का विकल्प भी होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिसिटी की खपत अधिक होने के दौरान इन फर्मों पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जा सकता है। क्रिप्टो माइनिंग के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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ये भी पढ़े: Crypto, Mining, Bitcoin, Samsung, Industry, Electricity, Taiwan, Uzbekistan, Chip

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