New York में घटेगा फॉसिल फ्यूल से क्रिप्टो माइनिंग के लिए एनर्जी का इस्तेमाल 

इससे जुड़ा एक बिल पास किया गया है। हालांकि, न्यूयॉर्क की गवर्नर Kathy Hochul का कहना है कि उन्होंने इस बिल पर हस्ताक्षर करने को लेकर फैसला नहीं किया है

New York में घटेगा फॉसिल फ्यूल से क्रिप्टो माइनिंग के लिए एनर्जी का इस्तेमाल 

कुछ देशों में क्रिप्टो माइनिंग के लिए रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है

ख़ास बातें
  • क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक जरूरत होती है
  • ईरान जैसे देशों में क्रिप्टो माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की कमी हो चुकी है
  • अमेरिका में क्रिप्टो माइनिंग तेजी से बढ़ रही है
विज्ञापन
अमेरिका के न्यूयॉर्क में Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसीज की माइनिंग के लिए कोल से चलने वाले पावर प्लांट्स से इलेक्ट्रिसिटी उपलब्ध कराने पर दो वर्ष का मोराटोरियम लागू हो सकता है। इससे जुड़ा एक बिल पास किया गया है। हालांकि, न्यूयॉर्क की गवर्नर Kathy Hochul का कहना है कि उन्होंने इस बिल पर हस्ताक्षर करने को लेकर फैसला नहीं किया है।

क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक जरूरत होती है। इसमें ब्लॉकचेन ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट करने के लिए मैथमैटिक्स की पजल्स को कंप्यूटर सिस्टम्स पर सॉल्व करना होता है। पजल को पहले सॉल्व करने वाले माइनर को रिवॉर्ड के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी दी जाती है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क की स्टेट असेंबली ने अप्रैल में इस बिल को पारित किया था। इसे सीनेट ने पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। गवर्नर के कार्यालय का कहना है कि Kathy Hochul बिल पर हस्ताक्षर करने को लेकर विचार कर रही हैं। उन्होंने एक स्टेटमेंट में कहा, "हमें एनवायरमेंट की सुरक्षा के साथ रोजगार के अवसरों को भी सुरक्षित करना होगा। इसके साथ ही यह पक्का करने की जरूरत है कि इससे जुड़ी फर्मों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिसिटी का उचित तरीके से प्रबंधन किया जाए।" 

बिल में कहा गया है कि न्यूयॉर्क में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग तेजी से बढ़ रही है। इससे इलेक्ट्रिसिटी की खपत में भी बढ़ोतरी होगी। पिछले वर्ष अमेरिका के बाद कजाकिस्तान बिटकॉइन माइनिंग के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सेंटर बन गया था। चीन के पिछले वर्ष क्रिप्टो माइनिंग पर रोक लगाने से कजाकिस्तान में माइनिंग करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, इनमें अवैध तौर पर माइनिंग करने वालों की बड़ी संख्या है। कजाकिस्तान की सरकार ने पिछले महीने क्रिप्टो माइनिंग करने वालों के लिए इलेक्ट्रिसिटी पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया था। इससे पहले ईरान जैसे कुछ अन्य देशों में भी क्रिप्टो माइनिंग के कारण इलेक्ट्रिसिटी की कमी हो चुकी है।

कुछ देशों में क्रिप्टो माइनिंग के लिए रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में माइनिंग फर्म स्ट्रॉन्गहोल्ड डिजिटल माइनिंग अपने सैकड़ों सुपर कंप्यूटर को बिजली देने के लिए कोयले की राख का इस्तेमाल करती है। इस फर्म का उद्देश्य अमेरिका के एनर्जी नेटवर्क को नुकसान पहुंचाए बिना बायप्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करना है।  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Senate, Bill, Mining, America, Environment, Blockchain
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इंटरनेशनल PC की शिपमेंट्स में बड़ी गिरावट, Lenovo का पहला रैंक बरकरार
  2. Motorola Edge 70 Max में होगी सबसे बड़ी बैटरी, 7100mAh के साथ सिंगल चार्ज में चलेगा 58 घंटे!
  3. Hisense लाई ऐसा फोन जिससे अलग हो जाती है स्क्रीन! Hisense A10 के जानें फीचर्स
  4. मोबाइल की महंगी मार! Rs 8 हजार बढ़ गई Samsung Galaxy M47 फोन की कीमत
  5. Vivo ने सस्ता फोन Vivo Y05e किया लॉन्च, 5150mAh बैटरी से लैस, जानें कीमत
  6. Acer ने लॉन्च किया 2 डिस्प्ले वाला फोन! 64MP कैमरा, 5000mAh बैटरी, जानें सबकुछ
  7. मोबाइल नेटवर्क गया तो इस देश में ट्रेनें हो गईं ठप! भारत में भी हो सकता है? जानें
  8. 5000mAh बैटरी वाला Xiaomi फोन 21 हजार सस्ता खरीदें! Flipkart पर भारी डिस्काउंट
  9. Samsung Galaxy S27 Pro के फीचर्स में हो सकती है कटौती! प्रोसेसर, कैमरा को लेकर अपडेट
  10. पाकिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ जारी हुआ फतवा, इस्लामिक कानून के तहत अवैध करार
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »