Crypto एक्सचेंज Kraken ने शुरू की NFT मार्केटप्लेस के लिए वेटलिस्ट

Kraken के यूजर्स को ऐसे NFT की ट्रेडिंग के लिए ब्लॉकचेन नेटवर्क फीस नहीं देनी होगी जिनमें फर्म एक कस्टोडियन है

Crypto एक्सचेंज Kraken ने शुरू की NFT मार्केटप्लेस के लिए वेटलिस्ट

Kraken क्रिप्टो एकाउंट रखने वाले यूजर्स अपने NFT एकाउंट को आसानी से इंटीग्रेट कर सकेंगे

ख़ास बातें
  • Kraken NFT से यूजर्स अपने कलेक्शंस कई ब्लॉकचेन्स पर क्यूरेट कर सकेंगे
  • क्रिएटर्स के हितों का भी इस मार्केटप्लेस पर ध्यान रखा जाएगा
  • इस पर प्रत्येक NFT के क्रिएटर्स को रिवॉर्ड मिलेगा
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बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Kraken ने अपने नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) मार्केटप्लेस के लिए बीटा में वेटलिस्ट शुरू की है। Kraken के को-फाउंडर और CEO Jesse Powell ने दिसंबर में कहा था कि इस मार्केटप्लेस का लक्ष्य लक्ष्य यूजर्स को लोन के लिए उनके NFT का इस्तेमाल कोलेट्रल के तौर पर करने में सक्षम बनाना है। 

वेटलिस्ट की घोषणा करते हुए Kraken ने इस मार्केटप्लेस के फीचर्स की जानकारी दी और NFT को पसंद करने वालों से वेटलिस्ट में शामिल होने का निवेदन किया। इस बारे में एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि Kraken के यूजर्स को ऐसे NFT की ट्रेडिंग के लिए ब्लॉकचेन नेटवर्क फीस नहीं देनी होगी जिनमें फर्म एक कस्टोडियन है। गैस फीस नहीं होने से एक्सचेंज के NFT कस्टमर्स तेजी से ट्रांजैक्शंस कर सकेंगे। Kraken क्रिप्टो एकाउंट रखने वाले यूजर्स अपने  NFT एकाउंट को आसानी से इंटीग्रेट कर सकेंगे। इसके अलावा सेलर्स अपने डिजिटल आर्ट्स को Kraken की ओर से सपोर्ट की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसीज में से किसी में भी लिस्ट करा सकेंगे। 

सेलर्स को अपने NFT के लिए डॉलर, यूरो और पाउंड जैसी करेंसीज में लिस्ट कराने का विकल्प मिलेगा। लिस्टिंग के बाद बायर्स के पास NFT पर बिडिंग के लिए समान करेंसी का इस्तेमाल करने की छूट होगी। एक्सचेंज ने बताया, "Kraken NFT के साथ ऐसे बिल्ट-इन टूल होंगे जिनसे यह समझने में मदद मिलेगी कि एक NFT की विशेषताएं समान कलेक्शन में अन्य NFT की तुलना में कितनी दुर्लभ हैं।" इसके अलावा Kraken NFT से यूजर्स को अपने कलेक्शंस कई ब्लॉकचेन्स पर क्यूरेट करने की अनुमति मिलेगी। इसका मतलब है कि यूजर्स विभिन्न ब्लॉकचेन्स से अपने सभी NFT को एक नेटवर्क से संभाल सकेंगे।

क्रिएटर्स के हितों का भी इस मार्केटप्लेस पर ध्यान रखा जाएगा। इस पर प्रत्येक NFT के क्रिएटर्स को रिवॉर्ड मिलेगा। NFT की सेकेंडरी मार्केट में प्रत्येक बिक्री का एक हिस्सा उसके क्रिएटर्स के पास जाएगा। NFT में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से यूनीक आइटम्स के टोकन्स को ऑथेंटिकेट किया जाता है जो दोबारा प्रोड्यूस किए जा सकने वाले डिजिटल एसेट्स से जुड़े होते हैं। इनमें आर्ट, म्यूजिक, इन-गेम आइटम्स और वीडियो शामिल हो सकते हैं। इनकी ऑनलाइन ट्रेडिंग की जा सकती है लेकिन इन्हें डुप्लिकेट नहीं किया जा सकता। 
 
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ये भी पढ़े: Crypto, Kraken, NFT, Users, Features, Blockchain, Purchase, Fees, Technology

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