ईरान के नए सिस्टम में टैंकर्स को ईमेल के जरिए कार्गो के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके बाद उन्हें ट्रांजिट फीस चुकाने के लिए कहा जाएगा। यह फीस प्रति बैरल एक डॉलर की होगी
अमेरिका ने ईरान से Hormuz जलडमरूमध्य में रुकावट नहीं डालने को कहा है
पिछले कुछ सप्ताह से ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए जा रहे हमलों को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है। इन हमलों के दौरान ईरान ने होर्मूज जलडमरूमध्य से जहाजों के निकलने पर रोक लगा दी थी। होर्मूज जलडमरूमध्य को ईरान अपने समुद्री क्षेत्र का हिस्सा मानता है। बहुत से देशों तक ऑयल और गैस पहुंचाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है।
अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध में दो सप्ताह के संघर्षविराम की घोषणा की है। इसके साथ ही अमेरिका ने Hormuz जलडमरूमध्य में रुकावट नहीं डालने को भी कहा है। हालांकि, इस समुद्री रास्ते को लेकर विवाद का समाधान जल्द होना मुश्किल लग रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ऑयल, गैस एंड पेट्रोकेमिकल्स प्रोडक्ट्स एक्सपोर्टर्स यूनियन के प्रवक्ता, Hamid Hosseini ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक जहाज की निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया, "यह निगरानी करनी होगी कि इन दो सप्ताह के दौरान होर्मूज स्ट्रेट का इस्तेमाल हथियारों को ले जाने के लिए न किया जाए।"
ईरान ने होर्मूज स्ट्रेट से निकलने वाले जहाजों के लिए एक नया सिस्टम शुरू करने की जानकारी दी है। इस सिस्टम में टैंकर्स को ईमेल के जरिए कार्गो के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके बाद उन्हें ट्रांजिट फीस चुकाने के लिए कहा जाएगा। यह ट्रांजिट फीस प्रति बैरल एक डॉलर की बताई गई है। इस सिस्टम क बारे में हुसैनी ने बताया, "ईमेल के पहुंचने और असेसमेंट पूरा होने के बाद जहाजों को बिटकॉइन में फीस चुकानी होगी। इससे यह पक्का किया जा सकेगा इस पेमेंट को प्रतिबंधों की वजह स जब्त न किया जाए।"
हाल ही में ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन्स की अधिकतर खरीदारी सामान्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जरिए की जाती है। हालांकि, कुछ मामलों में ब्लॉकचेन के साथ संपर्क होने की वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए ड्रोन खरीदने का भी पता चला है।
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