हाल ही में केंद्र सरकार ने कहा था कि उसकी क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने की योजना नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने बताया था कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी को एक 'एसेट' का दर्जा नहीं दिया गया है
हाल ही में RBI ने क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने की जरूरत बताई थी
देश में पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का मार्केट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर रेगुलेटरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और अन्य इंटरमीडियरीज के लिए मौजूदा टैक्स कानूनों के तहत ट्रांजैक्शंस की रिपोर्टिंग के लिए एक विस्तृत गाइडेंस जारी किया है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डिवेलपमेंट (OECD) के क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क को भी इस गाइडेंस के साथ लागू किया गया है। यह OECD के सदस्य देशों के बीच क्रिप्टो-एसेट्स पर टैक्स से जुड़ी जानकारी को ऑटोमैटिक तरीके से एक्सचेंज करने का एक इंटरनेशनल सिस्टम है। CBDT ने इस गाइडेंस में कहा है कि टैक्स की चोरी से लड़ने और रेवेन्यू बेस की सुरक्षा करने की देश की प्रतिबद्धता मजबूत है। हालांकि, क्रिप्टो-एसेट्स की तेजी से हो रही ग्रोथ से नई चुनौती खड़ी हुई है। इस गाइडेंस में क्रिप्टो-एसेट को 'वैल्यू के डिजिटल रिप्रेजेंटेशन' के तौर पर परिभाषित किया गया है जो ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट और सिक्योर करने के लिए क्रिप्टोग्राफिकली सिक्योर्ड डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर या इस प्रकार की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है।
CBDT ने बताया है कि क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क को G20 ने टैक्स से जुड़ी जानकारी के एक्सचेंज के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के तौर पर मान्यता दी है। हाल ही में केंद्र सरकार ने कहा था कि उसकी क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने की योजना नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने बताया था कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी को एक 'एसेट' का दर्जा नहीं दिया गया है। इस वजह से इस सेगमेंट को रेगुलेट करने का कोई सवाल नहीं है। इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने की जरूरत बताई थी।
प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को गलत बताया था कि फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने पर विचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया था कि फाइनेंस मिनिस्ट्री ने RBI और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने की संभावना तलाशने को कहा है। PIB की ओर से इस दावे को गलत बताया गया है। क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलेशन के लिए इसे एक एसेट के तौर पर मान्यता मिलनी चाहिए और भारत में ऐसा नहीं है। PIB की पोस्ट में बताया गया है, "भारत में क्रिप्टो को एक एसेट के तौर पर मान्यता नहीं मिली है। फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से इस प्रकार का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।"
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