क्रिप्टो स्कैम में पुणे के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को लाखों का नुकसान, 2 किसान हुए गिरफ्तार

इस मामले में पीड़ित पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य करते हैं। वह शेयर्स में ट्रेडिंग करते थे। उन्हें एक ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए इस स्कैम में फंसाया गया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 25 अगस्त 2024 21:11 IST
ख़ास बातें
  • इस मामले में पीड़ित पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य करते हैं
  • उन्होंने क्रिप्टो में इनवेस्टमेंट से जुड़ा एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा था
  • स्कैम करने वालों ने उन्हें क्रिप्टो में अच्छे प्रॉफिट का ऑफर दिया था

इन किसानों ने यह स्कैम करने वालों को अपने बैंक एकाउंट उपलब्ध कराए थे

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही इस सेगमेंट से जुड़े स्कैम के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह के एक मामले में महाराष्ट्र में पुणे के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 58 लाख रुपये से अधिक गंवाए हैं। इस व्यक्ति के साथ क्रिप्टोकरेंसी स्कैम 15 जुलाई से 12 अगस्त के बीच हुआ था। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने दो किसानों को गिरफ्तार किया है। इन किसानों ने यह स्कैम करने वालों को अपने बैंक एकाउंट उपलब्ध कराए थे। इस मामले में पीड़ित पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य करते हैं। वह शेयर्स में ट्रेडिंग करते थे। पिछले महीने उन्होंने शेयर्स और क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट से जुड़ा एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें एक मैसेंजर ऐप पर एक ग्रुप में ऑटोमैटिक तरीके से जोड़ दिया गया। स्कैम करने वालों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में अच्छे प्रॉफिट का ऑफर दिया था। इसके बाद उनसे विभिन्न बैंक एकाउंट्स में 58.70 लाख रुपये लिए गए। 

पुलिस ने बताया कि जब पीड़ित को प्रॉफिट की रकम नहीं मिली तो उन्होंने स्कैम करने वालों से पूछना शुरू किया लेकिन संदिग्धों ने उनकी कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ट्रांजैक्शंस को देखा और उन्हें पता चला कि पीड़ित ने दो बैंक एकाउंट्स में रकम ट्रांसफर की थी। ये एकाउंट दो किसानों के थे। इन किसानों ने मोबाइल SIM कार्ड भी खरीदकर संदिग्धों को दिए थे। 

हाल ही में अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (FBI) ने बताया है था कि पिछले वर्ष क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्कैम में 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने इस समस्या से निपटने के लिए क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाने की तैयारी की है। FBI ने एक रिपोर्ट में बताया था कि पिछले वर्ष क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट की आड़ में फ्रॉड बढ़कर 3.94 अरब डॉलर के थे। इससे पिछले वर्ष में इन फ्रॉड में लोगों ने लगभग 2.57 अरब डॉलर की रकम गंवाई थी। इस तरह के स्कैम्स में जालसाज क्रिप्टो से जुड़े इनवेस्टमेंट की एडवाइज की पेशकश करते हैं और लोगों को जाली टोकन्स में रकम लगाने के लिए कहते हैं। इसमें अधिक रिटर्न मिलने का लालच दिया जाता है। आमतौर पर, इस स्कैम में  फंसाने के लिए Facebook और Twitter जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जाता है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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