यह प्रीप्रिंट पेपर, बियॉन्ड सेंसर डेटा: फाउंडेशन मॉडल्स ऑफ बिहेवियरल डेटा फ्रॉम वियरेबल्स इम्प्रूव हेल्थ प्रेडिक्शन्स में सबमिट किया गया है, जो ऐप्पल हार्ट एंड मूवमेंट स्टडी (AHMS) स्टडी का हिस्सा है।
Photo Credit: Apple
इस मॉडल में यूजर की रोज की आदतों से मिलने वाले डेटा को देखकर 'पैटर्न' पकड़ा जाता है
लंबे समय से चली आ रही स्टडी में एक नया अपडेट सामने आया है, जिससे यह पता चलता है कि Apple Watch और iPhone के जरिए आपकी हेल्थ कंडीशन्स का अंदाजा लगाया जा सकता है, वो भी सिर्फ आपकी डेली एक्टिविटी देखकर। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह गर्भावस्था (Pregnancy) जैसी स्थिति को 92% तक की सटीकता से पहचान सकता है और इसके साथ-साथ संक्रमण (Infections) या अन्य हेल्थ डिसऑर्डर्स की जानकारी भी पहले से दे सकता है। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
यह प्रीप्रिंट पेपर, बियॉन्ड सेंसर डेटा: फाउंडेशन मॉडल्स ऑफ बिहेवियरल डेटा फ्रॉम वियरेबल्स इम्प्रूव हेल्थ प्रेडिक्शन्स में सबमिट किया गया है, जो ऐप्पल हार्ट एंड मूवमेंट स्टडी (AHMS) स्टडी का हिस्सा है। इस रिसर्च में एक नया मॉडल डिवेलप किया गया है, जिसका नाम है Wearable Behaviour Model (WBM) है। यह मॉडल iPhone और Apple Watch जैसे वियरेबल्स से यूजर की रोजाना की एक्टिविटीज, जैसे चलना, सोना, उठना-बैठना, हार्ट रेट और बाकी बायोमेट्रिक डेटा को एनालाइज करता है और हेल्थ से जुड़े बदलावों का अंदाजा लगाता है। इस स्टडी में यह साबित किया गया है कि यह मॉडल 57 अलग-अलग हेल्थ कंडीशन्स को पहचानने में सक्षम है।
WBM सीधे आपकी बॉडी से कोई नया सैंपल नहीं लेता, बल्कि यह आपकी रोज की आदतों से मिलने वाले डेटा को देखकर 'पैटर्न' पकड़ता है। जैसे अगर आपकी नींद लगातार डिस्टर्ब हो रही है, चलने की स्पीड धीमी हो रही है, दिल की धड़कन में अनियमितता है, फिजिकल एक्टिविटी का पैटर्न बदला है, तो यह सिस्टम यह डिटेक्ट करता है कि शायद कोई हेल्थ कंडीशन डेवलप हो रही है। और चौंकाने वाली बात ये है कि यह मॉडल कई बार इन संकेतों को उस समय पकड़ सकता है जब यूजर को खुद भी पता नहीं होता कि उनके शरीर में कुछ बदल रहा है।
इसमें सबसे खास बात ये है कि इन सभी पैटर्न्स को यूजर की डेली लाइफ एक्टिविटी से ही समझ लिया जाता है। मतलब न कोई लैब टेस्ट, न कोई रिपोर्ट, सिर्फ आपका Apple Watch पहनना ही काफी है।
नहीं, फिलहाल नहीं। यह रिसर्च Apple की Heart and Movement Study का हिस्सा है और अभी क्लिनिकल स्टेज में है। यानी, ये फीचर अभी तक आपके Apple Watch में उपलब्ध नहीं है, लेकिन रिसर्च इतना एडवांस है कि आने वाले समय में iOS या watchOS अपडेट्स के साथ ये हेल्थ डिटेक्शन फीचर्स का हिस्सा बन सकता है।
क्योंकि अब हेल्थ ट्रैकिंग सिर्फ हार्ट रेट तक सीमित नहीं रही, Apple पहली बार AI बेस्ड बिहेवियर मॉडलिंग से काम कर रहा है, जो किसी भी हेल्थ ऐप को एक इंसान जैसा सोचने लायक बना सकता है। ये तकनीक सिर्फ गंभीर बीमारियों को नहीं, बल्कि छोटे-मोटे लाइफस्टाइल इश्यू को भी पकड़ सकती है, जिससे प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा मिलेगा।
अभी नहीं। लेकिन Apple ने एक AI मॉडल डेवलप किया है जो डेली एक्टिविटी डेटा के आधार पर 92% सटीकता से प्रेग्नेंसी पहचान सकता है। ये रिसर्च स्टेज में है।
यह मॉडल Apple Watch और iPhone से एक्टिविटी, नींद, हार्ट रेट जैसे डेटा को ट्रैक कर पैटर्न पहचानता है और हेल्थ में बदलाव का अनुमान लगाता है।
नहीं। यह सिर्फ एक रिसर्च है जिसे भविष्य में iOS या watchOS अपडेट्स के ज़रिए रोलआउट किया जा सकता है।
हां, रिसर्च में संक्रमण, थकावट, नींद की गड़बड़ी और लो बैक पेन जैसी स्थितियों की पहचान में भी इस मॉडल की सटीकता 76% से ऊपर रही है।
Apple के मुताबिक, इस रिसर्च में इस्तेमाल हुआ डेटा पूरी तरह अनॉनिमस और एन्क्रिप्टेड था, जिससे यूज़र की प्राइवेसी बनी रहती है।
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