बड़ी संख्या में बिटकॉइन को होल्ड करने वाले व्हेल्स भी अपनी पोजिशन मजबूत कर रहे हैं। इस मार्केट में 1,000 बिटकॉइन से 10,000 बिटकॉइन रखने वाले व्हेल्स के पास 42.5 लाख बिटकॉइन से ज्यादा हो गए हैं
पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल बनाया था
पिछले कुछ सप्ताह में क्रिप्टो मार्केट में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। इस मार्केट में मंगलवार को तेजी थी। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस 75,000 डॉलर की ओर बढ़ा है। यह पिछले चार सप्ताह में बिटकॉइन का सबसे अधिक प्राइस है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का संकेत मिलने से मार्केट में तेजी आई है। इस मार्केट में 1.1 अरब डॉलर का इनफ्लो होने की रिपोर्ट है। इससे बहुत सी क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस बढ़े हैं।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 74,800 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी प्रॉफिट था। Ethereum का प्राइस लगभग 2,390 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। तेजी वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में BNB, XRP, Tron और Cardano शामिल थे। पिछले सप्ताह में बिटकॉइन और Ethereum का प्राइस क्रमशः आठ प्रतिशत और 12 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा है।
बड़ी संख्या में बिटकॉइन को होल्ड करने वाले व्हेल्स भी अपनी पोजिशन मजबूत कर रहे हैं। इस मार्केट में 1,000 बिटकॉइन से 10,000 बिटकॉइन रखने वाले व्हेल्स के पास 42.5 लाख बिटकॉइन से ज्यादा हो गए हैं। यह इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी की कुल सप्लाई का लगभग 21.3 प्रतिशत है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि मिडल ईस्ट में विवाद का समाधान निकलने पर क्रिप्टो मार्केट में खरीदारी बढ़ सकती है। इससे बिटकॉइन का प्राइस भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ सप्ताह से इसका प्राइस एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल हासिल किया था। इसके बाद से इसमें 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है।
हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के भी क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कुछ इंटरनेशनल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कम कॉस्ट वाले ड्रोन्स आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, अथॉरिटीज के लिए यह ट्रैक करना मुश्किल होता है कि इन ड्रोन को कौन खरीद रहा है और इसके पीछे उसका क्या उद्देश्य है। Chainalysis के ब्लॉकचेन रिसर्चर्स ने कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ड्रोन के डिवेलपर्स और मिलिट्री ग्रुप्स से जुड़े वॉलेट्स के बीच क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी ट्रांजैक्शंस का पता लगाया है।
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