Binance ने यूजर डेटा को रूस के साथ शेयर करने के आरोपों को गलत बताया

रूस की एजेंसी Rosfin जेल में बंद विपक्षी नेता Alexei Navalny की ओर से Bitcoin में जुटाए गए करोड़ों डॉलर का पता लगाने की कोशिश कर रही थी

Binance ने यूजर डेटा को रूस के साथ शेयर करने के आरोपों को गलत बताया

यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका सहित बहुत से देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं

ख़ास बातें
  • Reuters की जांच में यह पता चला था कि एक्सचेंज ने रूस से बिजनेस मांगा था
  • यह आरोप है कि इसके बदले में एक्सचेंज ने यूजर डेटा देने पर सहमति जताई थी
  • एक्सचेंज ने इस रिपोर्ट को लेकर शिकायत करने की जानकारी दी है
विज्ञापन
ग्लोबल क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने इन आरोपों को गलत बताया है कि उसने पिछले वर्ष अप्रैल में रूस को यूजर डेटा उपलब्ध कराने की सहमति दी थी। एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में कहा गया था कि मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने की जिम्मेदारी संभालने वाली रूस की एजेंसी Rosfin जेल में बंद विपक्षी नेता Alexei Navalny की ओर से Bitcoin में जुटाए गए करोड़ों डॉलर का पता लगाने की कोशिश कर रही थी। Navalny ने चार वर्ष पहले प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा था और उन्हें बाद में जहर दिया गया था, जिसका आरोप रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) पर लगा था। 

Binance ने एक स्टेटमेंट में कहा, "ये आरोप पूरी तरह गलत हैं कि Binance ने Alexei Navalny सहित कोई यूजर डेटा रूस की FSB के नियंत्रण वाली एजेंसियों और रूस के रेगुलेटर्स को दिया था। युद्ध से पहले Binance का रूस में कामकाज किसी अन्य इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के जैसा था।" एक्सचेंज ने बताया कि वह क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने पर रूस की सरकार के साथ लॉबीइंग कर रहा था और ऐसी ही कोशिशें उसने अमेरिका में भी की हैं। इसके साथ ही Binance ने रेगुलेटेड एक्सचेंजों के लिए सरकारों के साथ काम करने की जरूरत भी बताई। 

स्टेटमेंट के अनुसार, "दुनिया में कोई भी सरकार या कानून प्रवर्तन एजेंसी Binance से यूजर डेटा देने का निवेदन कर सकती है, अगर यह उपयुक्त कानूनी अधिकार के साथ है। रूस भी इससे अलग नहीं है।" Binance ने यह भी कहा कि वह ऐसी रिपोर्ट को लेकर समाचार एजेंसी Reuters को उसके एडिटोरियल कोड के तहत औपचारिक शिकायत देगा। 

हालांकि, Reuters ने बताया था कि उसकी जांच में यह पता चला था कि एक्सचेंज ने रूस के यूजर्स से बिजनेस की मांग की थी और उनके लिए छूट भी दी थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टेक्स्ट मैसेजेज से यह पुष्टि होती है कि ईस्टर्न यूरोप में एक्सचेंज के रीजनल हेड Gleb Kostarev ने Rosfin के साथ क्लाइंट डेटा शेयर करने के लिए सहमति दी थी और उन्होंने बाद में अपने एक सहयोगी के बताया था कि उनके पास इसे लेकर कोई विकल्प नहीं था। यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका सहित बहुत से देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं जिससे रूस की इकोनॉमी को नुकसान हुआ है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Russia, Binance, Regulator, User, Data, America, Government

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  2. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  4. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  5. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  6. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  7. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  8. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  9. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
  10. Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल वेरिएंट में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »