• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • कुछ देशों में विरोध के बाद ऐप स्टोर से ऐप को हटाने का कारण बताएगी Apple 

कुछ देशों में विरोध के बाद ऐप स्टोर से ऐप को हटाने का कारण बताएगी Apple 

कंपनी पर आरोप था कि उसके ऐप को हटाने के प्रोसेस की पूरी जानकारी नहीं मिलने से चीन और रूस जैसे देशों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा है

कुछ देशों में विरोध के बाद ऐप स्टोर से ऐप को हटाने का कारण बताएगी Apple 

एपल ने चीन और रूस जैसे देशों में बड़ी संख्या में ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाया था

ख़ास बातें
  • कंपनी के कुछ शेयरहोल्डर्स को Apple ने इसे लेकर सहमति दी है
  • यह जानकारी एपल की ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट में दी जाएगी
  • चीन में कंपनी के ऐप स्टोर में कई सोशल मीडिया ऐप नहीं हैं
विज्ञापन
अमेरिकी स्मार्टफोन और टेक कंपनी Apple ने अपने ऐप स्टोर से किसी ऐप को हटाने के कारण बताने का फैसला किया है। कंपनी पर आरोप लग रहा था कि उसके ऐप को हटाने के प्रोसेस की पूरी जानकारी नहीं मिलने से चीन और रूस जैसे देशों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा है। कंपनी के कुछ शेयरहोल्डर्स को Apple ने इसे लेकर सहमति दी है। 

पिछले वर्ष कंपनी के लगभग एक-तिहाई शेयरहोल्डर्स ने विदेश में सरकारों के साथ कंपनी की बातचीत में पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़ा एक रिजॉल्यूशन पास किया था। एपल ने चीन और रूस जैसे देशों में बड़ी संख्या में ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाया था, जिसके बाद कंपनी के इस प्रोसेस को लेकर सवाल उठे थे। Financial Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी से यह बताने को कहा गया था कि उसने चीन में लगभग दो वर्ष पहले कुछ ऐप्स को ऐप स्टोर से क्यों हटाया था। एपल ने फैसला किया है कि वह इस बारे में जानकारी देगी कि किस देश से कितने ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निवेदन मिले हैं। इसके साथ ही यह भी बताया जाएगा कि ये निवेदन कानूनी उल्लंघनों के कारण थे या नहीं और कंपनी ने इन पर सहमति दी है या नहीं। 

कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को यह भी बताएगी कि ऐप स्टोर की गाइडलाइंस के उल्लंघन की वजह से किस देश में कितने ऐप्स को हटाया गया है। यह जानकारी एपल की ट्रांसपैरेंसी रिपोर्ट में दी जाएगी। इससे पहले एपल विदेश में सरकारों के निवेदन पर ऐप्स को हटाती रही है। चीन में कंपनी के ऐप स्टोर में एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स या कई सोशल मीडिया ऐप्स नहीं हैं। भारत में भी ऐप स्टोर पर  PUBG Mobile और Garena Free Fire सहित कई ऐप्स और गेम्स पर बैन लगाया गया है।  

एपल ने पिछले वर्ष अप्रैल से दिसंबर के बीच भारत से 2.5 अरब डॉलर से अधिक के iPhones का एक्सपोर्ट किया है। यह पिछले वर्ष कंपनी के भारत से कुल एक्सपोर्ट का लगभग दोगुना है। इससे एपल के चीन में मुश्किलों के कारण अपने डिवाइसेज के प्रोडक्शन को शिफ्ट करने में तेजी लाने का संकेत मिल रहा है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों Foxconn और Wistron प्रत्येक ने देश से एक अरब डॉलर से अधिक के डिवाइसेज का एक्सपोर्ट किया है। पिछले वर्ष के अंत में चीन में फॉक्सकॉन की फैक्टरी में वर्कर्स के तोड़फोड़ करने और कोरोना की वजह से लगी पाबंदियों से आईफोन के प्रोडक्शन पर बड़ा असर पड़ा था। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Royal Enfield ने भारत में लॉन्च की अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Flying Flea C6, जानें प्राइस, रेंज
  2. TCS का नेट प्रॉफिट बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये, कंपनी देगी 31 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड
  3. OnePlus ने इंडिया में लॉन्च किया 100W GaN चार्जर, 2 डिवाइस को करेगा एक साथ चार्ज
  4. Realme ने लॉन्च किया 8000mAh बैटरी वाला बजट स्मार्टफोन C100 4G, जानें कीमत
  5. भारत के लग्जरी इलेक्ट्रिक कार मार्केट में BMW की बढ़ी हिस्सेदारी, पहली तिमाही में 1,185 यूनिट्स की बिक्री
  6. YouTube में आए दो कमाल के फीचर्स, अब वीडियो में टाइम भी बचेगा, और मिलेगा ज्यादा कंट्रोल, जानें कैसे
  7. Mac में छिपा ‘टाइम बॉम्ब’! 49 दिन बाद ऐप्स करना बंद कर सकते हैं काम, जानें बचने का तरीका
  8. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकती है 4,700mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  9. एक मैसेज और PF की पूरी जानकारी आपके हाथ में! इतना आसान तरीका शायद नहीं जानते होंगे
  10. Infinix Hot 70 में मिल सकता है MediaTek Helio G99 चिपसेट, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »