• होम
  • एआई
  • ख़बरें
  • AI in Job Hiring: भर्ती में AI भी कर सकता है भेदभाव, स्टडी ने चेताया

AI in Job Hiring: भर्ती में AI भी कर सकता है भेदभाव, स्टडी ने चेताया

कम से कम लगभग तीन-चौथाई भर्तीकर्ता किसी न किसी चरण में AI का इस्तेमाल करते हैं।

AI in Job Hiring: भर्ती में AI भी कर सकता है भेदभाव, स्टडी ने चेताया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में भी बहुतायत से किया जाने लगा है।

ख़ास बातें
  • भर्तीकर्ता किसी न किसी चरण में AI का इस्तेमाल करते हैं।
  • आवेदनों की स्क्रीनिंग या CV की समीक्षा में होता है इस्तेमाल।
  • पाया गया है कि AI भी पुरानी रूढ़ियों से प्रेरित हो सकता है।
विज्ञापन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process) में भी बहुतायत से किया जाने लगा है। कई बार भर्तीकर्ता समझता है कि AI कैंडिडेट का चुनाव करने में लिंग-भेद को महत्व नहीं देता है। लेकिन नई रिपोर्ट कुछ अलग ही इशारा करती है। स्टडी में सामने आया है कि AI की सहायता से की गई भर्ती में भी जेंडर को लेकर भेदभाव किया जा सकता है। बल्कि इंसानों से कहीं ज्यादा बुरी स्थिति यहां पर पैदा हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे AI भर्ती प्रक्रिया में लिंग-भेद का कारण बनता है। 

इंस्टीट्यूट फॉर द इक्वालिटी ऑफ वुमन एंड मेन ने लीज यूनिवर्सिटी और हासेल्ट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर यह स्टडी किया कि बेल्जियम में विभिन्न ऑर्गेनाइजेशन भर्ती के दौरान AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं। इसमें पाया गया कि भर्ती में अब कम से कम लगभग तीन-चौथाई भर्तीकर्ता किसी न किसी चरण में AI का इस्तेमाल करते हैं। इसमें की आवेदनों की स्क्रीनिंग या CV की समीक्षा भी शामिल हो सकती है। 

भर्ती करने वालों को लगता है कि AI इंसानों से बेहतर फैसले ले सकता है। लेकिन स्टडी में पाया गया है कि AI भी पुरानी रूढ़ियों से प्रेरित हो सकता है और भेदभाव पैदा कर सकता है। बल्कि यह असमानता को इंसानों से भी कहीं ज्यादा बढ़़ा सकता है। 12-17% लोगों ने कहा कि उन्होंने AI सिस्टम से पक्षपातपूर्ण परिणाम देखे हैं। पक्षपात का अधिकांश हिस्सा सोशल मीडिया एल्गोरिदम, उम्र और जातीयता से जुड़ा हुआ था। बहुत कम लोगों ने अकेले लिंगभेद का जिक्र किया।

इंस्टीट्यूट ने चेतावनी दी है कि बेल्जियम को AI टूल्स के लिए मजबूत सुरक्षा की जरूरत है। पाया गया है कि पांच में से केवल एक संगठन के पास उस तरह की नीतियां हैं जो AI नियमों का पालन करती हैं। यूरोपीय संघ के एआई अधिनियम में भर्ती उपकरणों को हाई रिस्क के रूप में वर्गीकृत किया गया है। कहा गया है कि उनकी सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए और भेदभाव से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। 

इंस्टीट्यूट ने यह भी कहा कि बेल्जियम को अपने भेदभाव-विरोधी कानूनों की समीक्षा करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे भर्ती और कार्यस्थल में उपयोग किए जाने वाले AI के लिए प्रभावी ढंग से काम करें। इस वर्ष के अंत में इंस्टीट्यूट भर्तीकर्ताओं को एआई का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने का तरीका समझाने के लिए एक ब्रोशर प्रकाशित करेगा।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S26 FE India Launch: भारत में कब शुरू होगी सेल? सामने आईं कई बड़ी डिटेल्स
  2. Laser से 1 मिनट में 1,800 मच्छरों का सफाया! चीन की इस मशीन का प्री-ऑर्डर शुरू, जानें कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी
  3. Lava Agni 4N आज यूके के बाजार में लॉन्च हुआ, 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा जैसे फीचर्स से लैस
  4. क्या फोन पर टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास उपयोग करना चाहिए, जानें क्या होगा असर
  5. मुस्लिम देश को सीधे आसमान से मिलेगा इंटरनेट, भारत से पहले Starlink को मिला 10 साल का लाइसेंस
  6. बिना इंटरनेट के फीचर फोन से होगा UPI पेमेंट, PhonePe ने लॉन्च किया UPI 123Pay; ऐसे करें रजिस्टर
  7. Poco X8 5G देगा 4 सितंबर को दस्तक, फीचर्स से लेकर डिजाइन आया सामने
  8. कैमरा जैसा लुक, एक साथ 3 डिवाइस होंगे चार्ज वो भी बिना केबल! ₹2,499 में लॉन्च हुआ Portronics का 20,000mAh Power Bank
  9. Lava के 50MP मेगापिक्सल कैमरा वाले Virat फोन की सेल शुरू, पाएं ₹2000 डिस्काउंट भी
  10. बत्तख जैसे दिखने वाले इस AI रोबोट के लिए टूट पड़े लोग, 24 घंटे में ₹25 करोड़ की बिक्री! आखिर क्या स्पेशल है इसमें?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »