• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Shukrayaan 1 : शुक्र ग्रह के लिए क्‍या है ISRO की तैयारी? जानें ‘शुक्रयान 1’ मिशन पर लेटेस्‍ट अपडेट

Shukrayaan-1 : शुक्र ग्रह के लिए क्‍या है ISRO की तैयारी? जानें ‘शुक्रयान-1’ मिशन पर लेटेस्‍ट अपडेट

Shukrayaan-1 : शुक्र ग्रह पर मिशन भेजने के बारे में सबसे पहले साल 2012 में सोचा गया था।

Shukrayaan-1 : शुक्र ग्रह के लिए क्‍या है ISRO की तैयारी? जानें ‘शुक्रयान-1’ मिशन पर लेटेस्‍ट अपडेट

नेशनल साइंस अकैडमी (INSA) में बोलते हुए एस सोमनाथ ने कहा कि इसरो शुक्र को स्‍टडी करने के लिए एक मिशन की योजना बना रहा है।

ख़ास बातें
  • शुक्र ग्रह पर मिशन भेजने की तैयारी में इसरो
  • अनऑफ‍िशियली मिशन को शुक्रयान1 कहा जाता है
  • मिशन से जुड़े पेलोड किए जा रहे डेवलप
विज्ञापन
ISRO यानी इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन अब नए अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी कर रहा है। Chandrayaan3 और Aditya L1 मिशन की कामयाबी के बाद उसकी नजर शुक्र ग्रह (Venus) पर है, जिसे पृथ्‍वी की जुड़वां बहन भी कहा जाता है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में इसरो के अध्‍यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि शुक्र मिशन को कॉन्फि‍गर किया गया है और कुछ पेलोड के डेवलपमेंट का काम अभी चल रहा है। मिशन को अभी अनऑफ‍िशियली शुक्रयान-1 (Shukrayaan-1) कहा जाता है। 

नेशनल साइंस अकैडमी (INSA) में बोलते हुए एस सोमनाथ ने कहा कि इसरो शुक्र को स्‍टडी करने के लिए एक मिशन की योजना बना रहा है। उन्‍होंने मंगल ग्रह पर एक स्‍पेसक्राफ्ट को लैंड कराने के प्रोजेक्‍ट का भी जिक्र किया। इसके अलावा, दो सैटेलाइट्स लॉन्‍च करने की योजना है जो अंतरिक्ष के मौसम का विश्‍लेषण करेंगे और पृथ्‍वी पर उसके प्रभावों का आकलन किया जा सकेगा। 

रिपोर्ट के अनुसार, एस सोमनाथ ने कहा कि शुक्र बहुत दिलचस्प ग्रह है। इसका वातावरण इतना घना है कि आप इसकी सतह में प्रवेश नहीं कर सकते। हम नहीं जानते कि शुक्र ग्रह की सतह कठोर है या नहीं। रिपोर्ट कहती है कि शुक्रयान-1 नाम दो शब्‍दों को मिलाकर बनता है। शुक्र यानी वीनस एक संस्‍कृत का शब्‍द है, जबकि यान का मतलब होता है क्राफ्ट।  

रिपोर्ट में बताया गया है कि शुक्र ग्रह पर मिशन भेजने के बारे में सबसे पहले साल 2012 में सोचा गया था। 2017 में इस पर शुरुआती स्‍टडी शुरू हुई। उसके बाद शुक्र ग्रह पर भेजे जाने वाले पेलोडों के प्रस्‍ताव मांगे गए। रिपोर्ट के अनुसार, मिशन का मकसद शुक्र ग्रह के वातावरण को स्‍टडी करना और उसकी संरचना को जानना है। शुक्र पर मिशन भेजने से वहां के अतीत से जुड़े राज भी सामने आ सकते हैं। पता चल सकता है कि क्‍या कभी शुक्र ग्रह पर जीवन हुआ करता था?  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. EV मार्केट में झटका लगने से Honda को 70 वर्षों में पहली बार हुआ नुकसान 
  2. Amazon की सेल आज हो रही खत्म! स्मार्टफोन्स, AC समेत कई प्रोडक्ट्स पर भारी छूट पाने का आखिरी मौका
  3. चांद से टकराया था 260km चौड़ा एस्टरॉयड! बनाया 2500 किलोमीटर का गड्ढा ...
  4. अनोखे हेडफोन! Edifier Auro Ace में गाने सिर्फ बजते नहीं, दिखते भी हैं, 62 घंटे की बैटरी के साथ हुए लॉन्च
  5. Flipkart SASA LELE Sale का आज आखिरी दिन, लूट लें ये बेस्ट डील्स!
  6. 365 दिनों तक 912GB से ज्यादा डेटा, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, FREE Gemini AI के साथ Jio का जबरदस्त प्लान!
  7. Xiaomi ने लॉन्च किया नया AI पावर्ड AC, 15 सेकेंड में कर सकता है कूलिंग! जानें कीमत
  8. 21 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 48MP कैमर वाला धांसू फोन! सबसे बड़ा ऑफर
  9. Amazon की समर सेल में OnePlus, Xiaomi और अन्य ब्रांड्स के टैबलेट्स पर 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट
  10. 400 लीटर क्षमता वाला फ्रिज Xiaomi ने किया लॉन्च, 1 घंटे में ऑटोमेटिक ही बनाता है बर्फ! जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »