• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 480 डिग्री तापमान में भी ना पिघलने वाली बैटरी देख लीजिए, जानें कहां काम आएंगी

480 डिग्री तापमान में भी ना पिघलने वाली बैटरी देख लीजिए, जानें कहां काम आएंगी

इन बैटरियों को शुक्र ग्रह पर लैंड करने वाले लैंडर में लगाया जाएगा। ऐसी बैटरी को टेस्‍ट भी किया है।

480 डिग्री तापमान में भी ना पिघलने वाली बैटरी देख लीजिए, जानें कहां काम आएंगी

Photo Credit: Nasa

दावा है कि यह बैटरी शुक्र ग्रह पर 120 पृथ्‍वी दिनों तक काम कर सकती है।

ख़ास बातें
  • शुक्र पर मिशन भेजने के लिए काम कर रही है नासा
  • ऐसा बैटरी सिस्‍टम डेवलप हो रहा है, तो ताकतवर हो
  • शुक्र ग्रह के गर्म वातावरण को झेलने वाली बैटरी हो रहीं तैयार
विज्ञापन
दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां अब गंभीरता के साथ शुक्र ग्रह (Venus) को ‘निहारने' लगी हैं। कई विशेषज्ञ पहले से कहते आए हैं कि नासा (Nasa) जैसी बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियों को शुक्र ग्रह पर मिशन भेजना चाहिए। पिछले साल यह मांग पेरिस में इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉटिकल कांग्रेस (IAC) में प्रस्तुत एक रिपोर्ट में भी कही गई थी। नासा और उसकी सहयोगी स्‍पेस एजेसियों की योजना अगले एक दशक में शुक्र ग्रह पर कुछ मिशन लॉन्‍च करने की है। लेकिन यह काम कैसे पूरा होगा। जिस ग्रह की सतह का तापमान ही 480 डिग्री सेल्सियस है, वहां कोई मिशन कैसे काम करेगा। लगता है नासा ने इसका हल ढूंढ लिया है। 

हाल में एक वीडियो में नासा ने शुक्र ग्रह के बारे में दिलचस्‍प चीजें बताई थीं। शुक्र ग्रह का वायुमंडल 24 किलोमीटर मोटी कार्बन डाई ऑक्‍साइड की परत से घिरा है। शुक्र ग्रह पर जो बादल हैं, वह सल्फ्यूरिक एसिड से भरपूर हैं। शुक्र ग्रह का तापमान इतना ज्‍यादा कि वह लेड यानी सीसे को पिघला सकता है। शुक्र ग्रह की सतह का तापमान 480 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

इसके बावजूद शुक्र ग्रह के लिए नासा का मिशन आगे बढ़ रहा है। वह एडवांस्‍ड थर्मल बैटरी (ATB) नाम की कंपनी के साथ मिलकर ऐसे बैटरी सिस्‍टम को डेवलप कर रही है, जो शुक्र ग्रह का ‘जानलेवा' तापमान झेल जाए। इन बैटरियों को शुक्र ग्रह पर लैंड करने वाले लैंडर में लगाया जाएगा। दोनों ने मिलकर ऐसी बैटरी को टेस्‍ट भी किया है। दावा है कि यह बैटरी शुक्र ग्रह पर 120 पृथ्‍वी दिनों तक काम कर सकती है। 

हालांकि यह बैटरी सिस्‍टम अभी विकस के चरण में है, लेकिन जो परिणाम मिले हैं, वह बताते हैं कि शुक्र ग्रह के कठोर वातावरण में काम करने में सक्षम बैटरी जल्द हकीकत बन सकती हैं। ऐसा नहीं है कि शुक्र ग्रह पर आजतक मिशन नहीं भेजे गए। नासा, सोवियन यूनियन, यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी और जापान ने अपने मिशन पूर्व में लॉन्‍च किए हैं। सोवियत यूनियन का स्‍पेसक्राफ्ट शुक्र ग्रह पर सिर्फ 2 घंटे काम कर पाया था। उम्‍मीद है कि नई बैटरियां आने वाले समय में किसी लैंडर को लंबे समय तक शुक्र ग्रह पर टिकने के काबिल बनाएंगी।  
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Hyundai की Creta Electric की बढ़ी चार्जिंग स्पीड, 100Kw फास्ट चार्जिंग को करेगी सपोर्ट
  2. Samsung Galaxy A57 में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, 6.6 इंच डिस्प्ले
  3. Redmi Note 15 Pro सीरीज कल होगी भारत में लॉन्च, तीन कलर्स के मिलेंगे ऑप्शन
  4. IIT जाने की तैयारी मुफ्त में कराएगा Google Gemini AI, ऐसे शुरू करें JEE एग्जाम प्रेप
  5. Samsung Galaxy S26 सीरीज में मिल सकती है सैटेलाइट कनेक्टिविटी, US FCC पर हुई लिस्टिंग
  6. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  7. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  8. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  9. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  10. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »