Smartphone Privacy

Smartphone Privacy - ख़बरें

  • फोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset काफी नहीं, इन 7 बातों का रखें ध्यान
    पुराना स्मार्टफोन बेचने से पहले सिर्फ Factory Reset कर देना काफी नहीं है। फोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने से पहले जरूरी डेटा का बैकअप लेना, Google या Apple Account हटाना और ई-सिम को नए फोन में स्थानांतरित करना जरूरी है। इसके अलावा SIM और मेमोरी कार्ड निकालना चाहिए। बैंकिंग, UPI और Authenticator जैसे जरूरी ऐप्स की जानकारी भी पहले नए फोन में सुरक्षित कर लेनी चाहिए। पुराने फोन से जुड़े स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और दूसरे Bluetooth डिवाइस का कनेक्शन हटाना भी जरूरी है। सभी चीजें जांचने के बाद फोन को पूरी तरह रीसेट करें और आखिर में यह जरूर देखें कि स्क्रीन पर सिर्फ शुरुआती सेटअप दिखाई दे रहा है।
  • क्या आपका फोन आपकी बातें सुन रहा है? तुरंत बदल दें ये 5 सेटिंग्स
    आज के समय में स्मार्टफोन यूजर्स की प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। कई बार किसी प्रोडक्ट या जगह के बारे में बात करने के बाद उसी से जुड़े Ads सोशल मीडिया पर दिखने लगते हैं। इसकी बड़ी वजह माइक्रोफोन एक्सेस, लोकेशन ट्रैकिंग और पर्सनलाइज्ड विज्ञापन जैसी सेटिंग्स हो सकती हैं। यूजर्स Hey Google और Hey Siri जैसे फीचर्स बंद करके, माइक्रोफोन परमिशन चेक करके और ट्रैकिंग सेटिंग्स बदलकर अपनी प्राइवेसी बेहतर कर सकते हैं। इसके अलावा Android और iPhone दोनों में Ads ट्रैकिंग बंद करने और ऐप परमिशन सीमित करने के विकल्प भी मिलते हैं।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
  • Google Maps आपकी हर लोकेशन सेव कर रहा है? ऐसे बंद करें ट्रैकिंग और डिलीट करें डेटा
    Google Maps में Location History फीचर आपके मूवमेंट और ट्रैवल हिस्ट्री को रिकॉर्ड करता है, जिससे ऐप आपको पर्सनलाइज्ड सुझाव और टाइमलाइन दिखा पाता है। हालांकि, कई यूजर्स अपनी प्राइवेसी के चलते इसे बंद करना चाहते हैं। अच्छी बात यह है कि इस सेटिंग को कुछ आसान स्टेप्स में ऑफ किया जा सकता है। इसके साथ ही, आप पहले से सेव लोकेशन डेटा को डिलीट या ऑटो-डिलीट पर भी सेट कर सकते हैं। इससे आपकी लोकेशन ट्रैकिंग पर बेहतर कंट्रोल मिलता है।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
  • भारत में स्मार्टफोन लोकेशन ट्रैकिंग के प्रपोजल के खिलाफ Apple और Samsung
    इस प्रपोजल को लेकर कुछ बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों ने आपत्ति जताई है। केंद्र सरकार को यह प्रपोजल सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने जून में दिया था। इस प्रपोजल में कहा गया था कि स्मार्टफोन यूजर्स की लोकेशंस तभी उपलब्ध कराई जानी चाहिए जब ऑलवेज-ऑन स्मार्टफोन लोकेशन ट्रैकिंग को अनिवार्य किया जाए।
  • अपने फोन में ये सेटिंग्स ऑन कर ली तो कभी लीक नहीं होगा पासवर्ड!
    आजकल ज्यादातर ऐप्स छोटी-छोटी, लगातार-सेंसिटिव जानकारी इस्तेमाल करते हैं, लोकेशन, ऑडियो रिकॉर्डिंग, कैमरा, 2FA और क्लिपबोर्ड डेटा। बहुत बार ऐप्स अनजाने में या बैकग्राउंड में ये एक्सेस लेते रहते हैं और यूजर को पता भी नहीं चलता। Android ने पिछले कुछ सालों में Privacy टूल्स जोड़े हैं पर हर निर्माता ने उन्हें अपनी UI में अलग-अलग जगह रखा है, इसलिए कई यूजर्स उन जरूरी सेफ्टी ऑप्शन्स को मिस कर देते हैं। Vivo और iQOO के फोन्स में Smart Privacy Protection का मकसद यही है, सिस्टम-लेवल की ऐसी सेटिंग्स जो थर्ड-पार्टी ऐप्स को सेंसेटिव एक्सेस या बैकग्राउंड स्क्रीनशॉट व रिकॉर्डिंग करने से रोकती है। अगर आप इन्हें सही तरीके से ऑन कर लें तो आपका पासवर्ड गलत हाथों में पड़ने से बचाया जा सकता है।
  • Samsung के Galaxy S26 Ultra में डिस्प्ले की प्राइवेसी के लिए मिल सकता है Flex Magic Pixel फीचर
    सैमसंग के Galaxy S26 Ultra में कुछ बड़े अपग्रेड हो सकते हैं। इनमें एक एडवांस्ड डिस्प्ले फीचर भी दिया जा सकता है। इस फीचर के लिए Flex Magic Pixel टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे यूजर के स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने के दौरान निकट खड़े व्यक्तियों के लिए उसकी स्क्रीन को देखना मुश्किल होगा। पिछले वर्ष मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में सैमसंग ने इस टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया था।

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