इंडियन मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में Reliance Jio ने अपने बूथ पर Jio के LEO सैटेलाइट ग्रुप स्टेशन का मॉडल शोकेस किया है।
Jio अपना 1600 सैटेलाइट्स का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) नेटवर्ट तैयार कर रहा है।
इंडियन मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में Reliance Jio ने अपने बूथ पर Jio के LEO सैटेलाइट ग्रुप स्टेशन का मॉडल शोकेस किया है। हालांकि, आज इसको लेकर कुछ घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद है कि कल कंपनी इसको लेकर ज्यादा जानकारी प्रदान कर सकती है। यह जियो का भविष्य का वो प्लान है, जिसके तहत कंपनी यूजर्स को सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइड करना चाहती है। इसके जरिए दूर दराज और लो नेटवर्क कनेक्टिविटी क्षेत्रों में भी हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो तेजी से अंतरिक्ष से हाई स्पीड इंटरनेट प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। दरअसल Jio अपना 1600 सैटेलाइट्स का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) नेटवर्ट तैयार कर रहा है। शुरुआत में टेलीकॉम दिग्गज टेस्ट फ्लाइट के तौर पर कुछ सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजेगा। यह एक प्रकार से हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अन्य टेक्नोलॉजी की जांच के लिए होगा। कंपनी बड़े स्तर पर सैटेलाइट भेजने से पहले हर तरह के फंक्शन की जांच करेगी। कंपनी का अगले साल अंतरिक्ष में अपनी सैटेलाइट भेजने का प्लान है।
Jio पिछले कुछ वर्षों से इसके लिए संबंधित लाइसेंस हासिल कर रहा है। हाल ही में कंपनी ने अंतरिक्ष में अपने सैटेलाइट के लिए स्लॉट सुरक्षित करने के लिए इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन (ITU) में आवेदन किया था। कंपनी का प्लान है कि सितंबर, 2027 तक कुछ टेस्ट सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा जाए। इसके जरिए कंपनी यह चेक करेगी कि क्या सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और अन्य टेक्नोलॉजी के फंक्शन ठीक से काम करेंगे जो कि बड़े स्तर पर सैटेलाइट भेजने से पहले काफी जरूरी है।
क्या है LEO सैटेलाइट
LEO सैटेलाइट का मतलब होता है कि लो अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट भेजना। जियो अपने सैटेलाइट नेटवर्क में कुल 1600 से ज्यादा सैटेलाइट भेजने की तैयारी कर रहा है। कंपनी 2030 तक करीबन 400-450 सैटेलाइट भेजेगी। इसके लिए Jio ने इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से मंजूरी ले ली है।
सैटेलाइट इंटरनेट से क्या बदल जाएगा?
सैटेलाइट इंटरनेट के बारे में सबसे पहले एलोन मस्क की कंपनी Starlink से पता चला था जो कि दुनिया भर में अंतरिक्ष से इंटरनेट प्रदान करने का काम कर रही है। अब इसी तर्ज पर भारत की Jio भी काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड प्रदान करना है, जहां कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती है। जियो अंतरिक्ष में जो सैटेलाइट भेजने वाला है, उससे 100-150 Gbps की स्पीड मिलेगी। वहीं सैटेलाइट नेटवर्क पूरा होने पर कुल स्पीड 4-4.8 Tbps तक स्पीड हो सकती है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Apple Watch Series 12
Starts from ₹56,900
Samsung Galaxy Watch Ultra 2
Starts from ₹59,805
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹41,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹38,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm)
Starts from ₹40,999
IMC 2026: Jio ने पेश किए स्मार्ट ग्लासेस, UPI पेमेंट कर पाएंगे और AI देगा सवालों का जवाब
Lenovo ने लॉन्च किया AI फीचर्स वाला ThinkBook 14x लैपटॉप, आपकी पसंद के मिलेंगे फीचर्स
Redmi 17C 5G की सेल आज से शुरू, 6000mAh बैटरी के साथ 50 मेगापिक्सल कैमरा से लैस
बिना इंटरनेट फोन में नहीं चलेगा Free TV? D2M चिप को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला