Online Safety

Online Safety - ख़बरें

  • UPI से गलत जगह भेज दिया पैसा? तुरंत करें ये काम, वरना वापस मिलना मुश्किल
    UPI के जरिए गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो जाना एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही समय पर कदम उठाकर पैसे वापस पाए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में सबसे पहले रिसीवर से संपर्क करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जवाब न मिले, तो UPI ऐप या बैंक में शिकायत दर्ज करनी होती है। इसके अलावा NPCI और बैंकिंग ओम्बड्समैन के जरिए भी मदद ली जा सकती है। हालांकि UPI ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं और रिवर्सल आसान नहीं होता, इसलिए जल्दी एक्शन लेना जरूरी है। सही प्रक्रिया अपनाकर पैसे रिकवर करने की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
  • हर UPI यूजर को पता होनी चाहिए ये 7 सिक्योरिटी टिप्स, नहीं तो एक गलती पड़ेगी भारी!
    UPI पेमेंट आज के समय में सबसे आसान और तेज तरीका बन चुका है, लेकिन इसके साथ फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। कई यूजर्स छोटी-छोटी गलतियों के कारण अपने पैसे गंवा देते हैं। ऐसे में UPI ऐप में मौजूद कुछ जरूरी सेटिंग्स को ऑन रखना बेहद जरूरी है, जैसे App Lock, ट्रांजैक्शन अलर्ट और डेली लिमिट सेट करना। इसके अलावा अनजान रिक्वेस्ट और फर्जी ऐप्स से बचना भी जरूरी है। सही सावधानी और सेटिंग्स के जरिए आप अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और फ्रॉड के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
  • गेमर्स के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने लागू किए नए नियम - जानें कौन से गेम चलेंगे, कौन से होंगे बंद
    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नए नियम लागू किए हैं, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होंगे। इन नियमों के तहत Online Gaming Authority of India का गठन किया गया है, जो इस सेक्टर की निगरानी करेगा। सरकार ने “regulation-light” अप्रोच अपनाई है, जिससे ज्यादातर सोशल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। हालांकि, मनी गेम्स पर सख्ती रहेगी और ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इसके अलावा यूजर्स की सुरक्षा के लिए age verification, parental controls और grievance सिस्टम जैसे फीचर्स जरूरी किए गए हैं।
  • AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
    Meta की 2026 Adversarial Threat Report में बताया गया है कि ऑनलाइन स्कैम अब पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और इनमें AI का बड़ा रोल है। स्कैमर्स अब फेक प्रोफाइल, डीपफेक और नेचुरल बातचीत के जरिए लोगों को आसानी से झांसा दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये ठगी अब एक पूरी इंडस्ट्री की तरह काम कर रही है, जिसमें अलग-अलग स्टेज पर प्लानिंग की जाती है। साउथईस्ट एशिया से ऑपरेट होने वाले बड़े स्कैम नेटवर्क्स भारत समेत कई देशों को टारगेट कर रहे हैं। इसके अलावा फेक रेंटल और फेक फ्यूनरल जैसे नए स्कैम भी सामने आए हैं।
  • Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
    देश में फेक ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें साइबर ठग नकली मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल के मामलों में पुणे के एक दुकानदार से करीब 2.76 लाख रुपये और दिल्ली के एक व्यक्ति से 2.49 लाख रुपये की ठगी हुई। इन मैसेज में चालान भरने के नाम पर लिंक दिया जाता है, जिस पर क्लिक करने से यूजर की बैंकिंग जानकारी चोरी हो जाती है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों में रिमोट एक्सेस के जरिए फोन का कंट्रोल भी ले लिया जाता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
  • बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए सोशल मीडिया बैन? इस देश ने किया एलान
    स्पेन में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए यह प्रस्ताव सामने रखा है, लेकिन फिलहाल इसे कानून के तौर पर लागू नहीं किया गया है। प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त एज-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस कदम को बच्चों की मानसिक सेहत और डिजिटल सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • कोरियन ऑनलाइन गेमिंग के चलते गाजियाबाद में 3 बहनों ने की खुदकुशी, आप भी रहें सावधान!
    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या का मामला सामने आया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, 12, 14 और 16 साल की बहनों ने तड़के अपने फ्लैट की 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट और आठ पन्नों की डायरी मिली है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग और कोरियन कंटेंट का जिक्र है। शुरुआती जांच में किसी खास गेम का नाम सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और परिवार से पूछताछ जारी है।
  • बड़ी टेंशन खत्म! बच्चों का WhatsApp जल्द पैरेंट्स के कंट्रोल में, नया फीचर करेगा सब मैनेज
    WhatsApp बच्चों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए पैरेंटल कंट्रोल और सेकेंडरी अकाउंट फीचर पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सिस्टम के तहत पैरेंट्स बच्चों के लिए लिमिटेड WhatsApp अकाउंट बना सकेंगे, जिसमें अनजान कॉन्टैक्ट्स से बातचीत की अनुमति नहीं होगी। नए फीचर में पैरेंट्स को कुछ एक्टिविटी विजिबिलिटी मिलेगी, लेकिन मैसेज और कॉल्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के तहत सुरक्षित रहेंगे। सेकेंडरी अकाउंट्स में Updates टैब और Chat Lock जैसे फीचर्स नहीं मिलेंगे। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और भविष्य के अपडेट में रोलआउट किया जा सकता है।
  • एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
    डिजिटल अरेस्ट स्कैम्स के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार एक बड़े तकनीकी समाधान पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित हाई-लेवल कमेटी UPI और बैंकिंग ऐप्स में एक ‘किल स्विच’ फीचर जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इमरजेंसी बटन किसी संभावित ऑनलाइन ठगी के दौरान यूजर को तुरंत सभी बैंक ट्रांजैक्शन्स रोकने की सुविधा देगा। इस कदम का मकसद उन मामलों को रोकना है, जहां स्कैमर्स वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस पहचान के जरिए लोगों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
  • बिना मांगे आया Instagram का पासवर्ड रीसेट ईमेल? क्या आपका अकाउंट खतरे में है, कंपनी ने कहा...
    दुनियाभर के कई Instagram यूजर्स हाल के दिनों में उस वक्त घबरा गए, जब उन्हें बिना किसी रिक्वेस्ट के पासवर्ड रीसेट ईमेल मिलने लगे। सोशल मीडिया पर इसे लेकर हैकिंग और डेटा लीक की आशंकाएं तेज हो गईं। हालांकि Instagram ने साफ किया है कि यह किसी साइबर अटैक या सिस्टम ब्रीच का मामला नहीं है, बल्कि एक टेक्निकल इश्यू की वजह से कुछ अकाउंट्स पर ऐसे ईमेल ट्रिगर हो गए थे। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स के अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित हैं और इन ईमेल्स को नजरअंदाज किया जा सकता है।
  • Online Banking Tips: डिजिटल बैंकिंग के लिए इन 8 आदतों को अपना लिया तो खत्म हो जाएगा हैकर्स का डर!
    इस आर्टिकल में 7 जरूरी डिजिटल आदतों का ज़िक्र है, जो बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी और हैकिंग से बचाने में मदद करेंगी। इसमें 2FA सेट करना, फिशिंग ईमेल पहचानना, VPN का इस्तेमाल करना और ब्राउजिंग के समय URL सिक्योरिटी जैसे कदम शामिल हैं।
  • Online Fraud: 17% लोग मोबाइल में सेव रखते हैं बैंक पासवर्ड! 1 मिनट में हो सकता है चोरी- सर्वे
    यहां पर 88% लोगों ने कहा है कि उन्होंने कई तरह के कामों जैसे एप्लीकेशन, आईडी प्रूफ या बुकिंग्स आदि के लिए अपना आधार कार्ड शेयर किया हुआ है
  • ब्रिटिश सांसदों ने कहा: ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए Facebook, Google भी हो जवाबदेह
    सांसदों ने कहा है कि सभी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो विज्ञापनों के जरिए धोखधड़ी होती है उनके लिए प्लैटफॉर्म को कानूनी तौर पर जवाबदेह होना चाहिए।

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