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India Government - ख़बरें

  • यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
    भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक Android सिस्टम में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। इन कमजोरियों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 के शुरुआती वर्जन पर चलने वाले डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने स्मार्टफोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच जल्द इंस्टॉल करें।
  • WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई, CCI ने लगाई है 214 करोड़ रुपये की पेनल्टी
    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी में कथित तौर पर गड़बड़ी की वजह से 213.14 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप को ऑपरेट करने वाली अमेरिकी कंपनी Meta दाखिल की थी वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कोर्ट ने पूछा था कि क्या देश के करोड़ों निर्धन और अशिक्षित लोग इसे समझ सकते हैं?
  • भारत में सेमीकंडक्टर्स की 25 प्रतिशत डिमांड पूरी करेगी HCL 
    इस आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) प्लांट की शुरुआत 2028 तक की जा सकती है। अगले कुछ वर्षों में इस प्लांट में लगभग 3,700 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया जाएगा। इसमें केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रोजेक्ट की कॉस्ट का लगभग 70 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा और बाकी का इनवेस्टमेंट कंपनी करेगी।
  • Microsoft Edge चलाते हैं तो कभी भी हैक हो सकता है लैपटॉप-PC, तुरंत करें ये काम
    CERT-In ने Microsoft Edge के लिए हाई सीवेरिटी साइबर सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। एडवाइजरी CIVN-2026-0092 के अनुसार 144.0.3719.115 से पुराने वर्जन में heap buffer overflow से जुड़ी गंभीर खामी पाई गई है। इस कमजोरी का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर्स विशेष रूप से तैयार वेब पेज के जरिए सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। एजेंसी ने सभी यूजर्स व ऑर्गेनाइजेशंस को तुरंत लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है, ताकि अनऑथोराइज्ड एक्सेस और डेटा लीक से बचा जा सके।
  • Google Chrome चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए! हैक हो सकता है सिस्टम, तुरंत करें ये काम
    सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए हाई सीवेरिटी चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में बताया गया है कि Chrome के पुराने वर्जन में गंभीर “Use After Free” खामी पाई गई है, जिससे हैकर्स टारगेट सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। यदि ब्राउजर Linux पर 144.0.7559.75 या Windows/Mac पर 145.0.7632.75/76 से पुराना है, तो जोखिम बढ़ सकता है। एजेंसी ने यूजर्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि डेटा चोरी और मालवेयर हमलों से बचा जा सके।
  • Bharat Taxi यूज करने वालों के लिए अच्छी खबर, Paytm के साथ पेमेंट हो गया है डिजिटल!
    Paytm ने सरकार समर्थित राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म Bharat Taxi के साथ MoU साइन किया है, जिसके तहत कंपनी अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विसेस को Bharat Taxi ऐप में इंटीग्रेट करेगी। यात्रियों को UPI के जरिए इन ऐप पेमेंट के साथ QR कोड, Soundbox और कार्ड मशीन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। Bharat Taxi को 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने लॉन्च किया था। यह को ऑपरेटिव मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवरों से कमीशन नहीं लिया जाता। यह पहल Ola, Uber और Rapido जैसे निजी प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देती है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • Bharat Taxi Launched: Ola, Uber, Rapido को चुनौती देने आया कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म, जानें क्या है खास
    सरकार समर्थित Bharat Taxi ने भारत के राइड हाइलिंग मार्केट में आधिकारिक तौर पर एंट्री कर ली है। दो महीने के पायलट के बाद लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म को कोऑपरेटिव ओन्ड मॉडल पर तैयार किया गया है, जहां ड्राइवरों को Sarathi कहा जाता है और वे प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार भी होते हैं। Ministry of Cooperation के सपोर्ट वाले Bharat Taxi में जीरो कमीशन, बिना सर्ज प्राइसिंग और ड्राइवर ओनरशिप जैसे फीचर्स का दावा किया गया है। फिलहाल यह ऐप ऑटो, बाइक टैक्सी और कैब बुकिंग की सुविधा देता है।
  • कहीं से भी ऑनलाइन बदलें Aadhaar का मोबाइल नंबर, 28 जनवरी को लॉन्च होगा नया फीचर
    UIDAI आधार धारकों के लिए मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया को और आसान करने की तैयारी कर रहा है। नया फीचर 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत यूजर्स कभी भी और कहीं से भी आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे। इसका मकसद फिजिकल एनरोलमेंट सेंटर्स पर निर्भरता कम करना और आधार सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। आधार से जुड़ा वैध मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होता है। UIDAI का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल सेवाएं ज्यादा स्मूद और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
  • ये सरकारी ऐप दे रही फ्री स्किल कोर्स, नौकरी भी कर पाएंगे सर्च, सब कुछ मिलेगा बिलकुल मुफ्त, जानें कैसे
    भारत में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) भारत के नागरिकों के लिए नौकरी और स्किल कोर्स के लिए Skill India Digital Hub ऐप की पेशकश करता है। सरकार की इस ऐप के जरिए आप आसानी से फ्री में मौजूद कोर्स के जरिए अपने स्किल को अपग्रेड कर सकते हैं और कई नौकरियों के विकल्प भी देख सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप कैसे इस ऐप के डाउनलोड कर सकते हैं, रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
  • सरकार मांग रही है स्मार्टफोन का सीक्रेट एक्सेस? सोर्स कोड मामले पर फैक्ट चेक में निकला बड़ा ट्विस्ट
    भारत सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों से सोर्स कोड एक्सेस लेने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर साफ किया कि सरकार ने Apple, Samsung या Xiaomi जैसी कंपनियों को सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा है। यह सफाई Reuters की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें नए मोबाइल सिक्योरिटी नियमों के तहत सोर्स कोड एक्सेस की बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, फिलहाल मोबाइल सिक्योरिटी को लेकर सिर्फ इंडस्ट्री के साथ स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन चल रहा है और कोई अंतिम नियम तय नहीं किए गए हैं।
  • सरकार मांग रही है मोबाइल का सोर्स कोड? Apple-Samsung ने जताई नाराजगी
    भारत सरकार स्मार्टफोन सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए नए नियमों पर विचार कर रही है, जिसके तहत Apple और Samsung जैसी कंपनियों से मोबाइल सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड एक्सेस मांगा जा सकता है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार करीब 83 नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू करने की तैयारी में है। इनमें बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट की जानकारी पहले देने और कुछ सिस्टम लेवल बदलाव भी शामिल हैं। टेक कंपनियों का कहना है कि ऐसा करने से उनकी प्रॉप्रायटरी टेक्नोलॉजी और यूजर प्राइवेसी को खतरा हो सकता है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
  • Apple ने किया 50 अरब डॉलर से ज्यादा के मेड इन इंडिया iPhones का एक्सपोर्ट
    केंद्र सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत एपल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने भारत से 50 अरब डॉलर से अधिक के आईफोन्स की शिपमेंट की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी ने लगभग 16 अरब डॉलर के आईफोन मॉडल्स का एक्सपोर्ट किया है। देश से स्मार्टफोन्स के एक्सपोर्ट के लिए अमेरिका एक बड़ा मार्केट है।
  • सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
    भारत के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम में एक अहम कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित GIMS में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का बेनिफिट मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल एनवायरनमेंट में अपने सॉल्यूशन्स को टेस्ट और वैलिडेट करने का मौका देना है। इससे इलाज को ज्यादा सटीक, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने में मदद मिलेगी।

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