Healthcare

Healthcare - ख़बरें

  • Infosys में होगी 20,000 नए ग्रेजुएट्स की हायरिंग
    इंफोसिस को AI स्ट्रैटेजी का अच्छा रिजल्ट मिल रहा है। AI से जुड़ी सर्विसेज से कंपनी को डबल-डिजिट में ग्रोथ मिल रही है। पिछली तिमाही में कंपनी के टोटल रेवेन्यू में AI से जुड़ी सर्विसेज की हिस्सेदारी लगभग 8.2 प्रतिशत की है। इंफोसिस की वर्कफोर्स में पिछली तिमाही में 532 वर्कर्स की कमी हुई है। कंपनी के पास लगभग 3.28 लाख वर्कर्स हैं।
  • ChatGPT for Healthcare: OpenAI ChatGPT की अब हेल्थकेयर में एंट्री! अस्पतालों, डॉक्टर्स को ऐसे होगा फायदा
    OpenAI के ChatGPT की एंट्री अब हेल्थकेयर में भी हो चुकी है। कंपनी ने दो दिन पहले ChatGPT Health को लॉन्च किया था। अब उसके ठीक बाद इसका नया AI स्यूट चैटजीपीट फॉर हेल्थकेयर (ChatGPT for Healthcare) भी पेश कर दिया गया है। ChatGPT Health जहां कंज्यूमर्स को सपोर्ट करता है, ChatGPT for Healthcare मेडिकल सर्विस मुहैया करवाने वालों को सपोर्ट करेगा जिसमें अस्पताल, मेडिकल इंस्टीट्यूशन, डॉक्टर्स आदि को फायदा पहुंचेगा।
  • स्मार्ट गैजेट्स के बाद अब स्मार्ट दवा! चिप वाली गोली पेट में जाके भेजेगी सिग्नल, जानें किस काम आएगी
    MIT की नई रिसर्च में एक स्मार्ट पिल पेश की गई है, जो मरीज के पेट में पहुंचते ही रेडियो सिग्नल भेजकर यह कन्फर्म कर देती है कि दवा निगली जा चुकी है। इस पिल में बायोडिग्रेडेबल RF एंटीना का इस्तेमाल किया गया है, जो कुछ दिनों में शरीर के अंदर घुल जाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें ट्रांसप्लांट, टीबी या HIV जैसी बीमारियों में नियमित दवा लेना जरूरी होता है। इससे डॉक्टर मरीज की दवा लेने की आदत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।
  • सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
    भारत के सरकारी हेल्थकेयर सिस्टम में एक अहम कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित GIMS में देश का पहला सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक शुरू किया गया है। यह क्लिनिक GIMS Centre for Medical Innovation के तहत स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टरों और मरीजों को AI आधारित हेल्थकेयर सॉल्यूशन्स का बेनिफिट मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल एनवायरनमेंट में अपने सॉल्यूशन्स को टेस्ट और वैलिडेट करने का मौका देना है। इससे इलाज को ज्यादा सटीक, तेज और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने में मदद मिलेगी।
  • 2025 में Free AI कोर्स से बढ़ाएं अपनी स्किल्स: Google, AWS, Microsoft जैसे टॉप ट्रेनिंग प्रोग्राम बिल्कुल फ्री में सीखें
    आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। अगर आप AI सीखना चाहते हैं लेकिन पैसे खर्च नहीं करना चाहते, तो कई बड़ी टेक कंपनियां मुफ्त कोर्सेज पेश कर रही हैं। Google, IBM, Microsoft जैसी कंपनियों ने ऐसे ऑनलाइन कोर्स तैयार किए हैं जिनसे शुरुआती से लेकर एडवांस लेवल तक की जानकारी हासिल की जा सकती है। इन कोर्सेज में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, डेटा साइंस और AI के अन्य एप्लीकेशन्स की ट्रेनिंग शामिल होती है। चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
  • AI से हेल्थ सेक्टर में मिलेंगी नौकरी, IIT दिल्ली ने शुरू किया हेल्थकेयर में AI के लिए ऑनलाइन कोर्स
    IIT दिल्ली और टीमलीज ने हेल्थकेयर में AI वाला एक नया ऑनलाइन एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम शुरू किया है। कोर्स की फीस 1.20 लाख रुपये + 18 प्रतिशत जीएसटी है। IIT दिल्ली का यह हेल्थकेयर कोर्स नवंबर में शुरू होगा। यह कोर्स वीकेंड पर लाइव, इंटरैक्टिव ऑनलाइन सेशन के जरिए पढ़ाया जाएगा। इंडस्ट्री और एजुकेशन सेक्टर में काम करने वाला कोई भी ग्रेजुएट प्रोफेशनल हेल्थकेयर में एआई से संबंधित एरिया में काम करता है तो वह इस कोर्स के लिए पात्र है।
  • Blinkit की 10 मिनट में एंबुलेंस की सर्विस ने बचाया मरीज का जीवन
    ब्लिंकिट की इस सर्विस की मदद से हाल ही में एक मरीज को समय पर हॉस्पिटल पहुंचाया जा सका जिससे डॉक्टरों को उनका जीवन बचाने में सहायता मिली। इस बारे में डॉक्टर Manan Vora ने ऑनलाइन प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म LinkedIn पर एक पोस्ट में बताया कि Blinkit ने अपनी 10 मिनट में एंबुलेंस की सर्विस से एक जीवन को बचाया है।
  • Philips में होगी 6,000 वर्कर्स की छंटनी, भारी घाटे में कंपनी
    फिलिप्स की शुरुआत 130 वर्ष से अधिक पहले एक लाइटिंग फर्म के तौर पर हुई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस कंपनी में बड़े बदलाव हुए हैं। इसने अपने कई एसेट्स बेचे हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स बनाने पर फोकस किया है
  • चीन में कोरोना मचा रहा भारी तबाही, पिछले 30 दिनों में लगभग 60,000 लोगों की मृत्यु
    पिछले महीने चीन के प्रेसिडेंट Xi Jinping की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बाद जीरो कोविड पॉलिसी को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना के Omicron वेरिएंट से संक्रमण तेजी से फैला था
  • इस वर्ष इन जॉब्स की है ज्यादा डिमांड, सॉफ्टवेयर डिवेलपर का पहला रैंक
    टेक इंडस्ट्री में बरकरार रहने वाले वर्कर्स के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ गया है क्योंकि इस इंडस्ट्री में पोजिशंस कम हो रही हैं और उन्हें हासिल करने की कोशिश करने वालों की संख्या बढ़ गई है
  • फेसबुक में 2-3 दिन पहले जॉइन करने वाले कुछ भारतीय IT प्रोफेशनल हुए छंटनी का शिकार
    महामारी के दौरान टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था और इसका असर उनके वैल्यूएशंस पर भी दिखा था। इस वर्ष इन्फ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी से इन कंपनियों के वैल्यूएशंस में काफी गिरावट आई है

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