Artificial Intelligence News

Artificial Intelligence News - ख़बरें

  • क्या कंपनियां AI को बना रही हैं छंटनी का बहाना? Sam Altman ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई
    OpenAI के CEO Sam Altman ने CNBC TV-18 को दिए इंटरव्यू में कहा कि कुछ कंपनियां AI के नाम पर छंटनी को सही ठहराने की कोशिश कर रही हैं, जिसे उन्होंने “AI washing” कहा। उनके मुताबिक, हर जॉब कट AI की वजह से नहीं हो रहा, हालांकि कुछ सेक्टर में असली बदलाव भी देखने को मिल रहा है। Altman ने माना कि आने वाले सालों में AI का रोजगार पर प्रभाव और स्पष्ट होगा, लेकिन नई तरह की नौकरियां भी पैदा होंगी। AI इंडस्ट्री के अन्य लीडर्स ने भी इस मुद्दे पर अलग अलग राय रखी है।
  • AI Impact Summit: डेटा के बाद अब AI को सस्ता बनाएगा Reliance Jio, 10 लाख करोड़ का होगा निवेश
    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने India AI Impact Summit में ऐलान किया कि जियो अगले सात साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उनके मुताबिक, यह निवेश इसी साल से शुरू होगा और इसका फोकस भारत के लिए सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर रहेगा। जियो इंटेलिजेंस गीगावॉट स्तर के डेटा सेंटर स्थापित करेगा, ताकि AI को सस्ता और सुलभ बनाया जा सके। अंबानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य हर नागरिक और हर सेक्टर तक AI पहुंचाना है।
  • इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
    AI के बढ़ते असर के बीच Florida के डिफेंस टेक फाउंडर Aaron Sneed ने दावा किया है कि वह अपनी पूरी कंपनी AI एजेंट्स के सहारे चला रहे हैं। उन्होंने “The Council” नाम से करीब 15 AI एजेंट्स का सिस्टम तैयार किया है, जो HR, लीगल, सप्लाई चेन और डेटा मैनेजमेंट जैसे काम संभालता है। Sneed के मुताबिक इससे हर हफ्ते लगभग 20 घंटे की बचत होती है और लागत भी कम होती है। हालांकि उन्होंने माना कि अंतिम कानूनी और रणनीतिक फैसलों के लिए अभी भी मानव विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है।
  • कोडिंग करने वालों की जॉब खतरे में? OpenAI से Anthropic तक, AI लिख रहा है 90% से ज्यादा कोड
    AI अब सिर्फ कोडिंग असिस्टेंट नहीं रहा, बल्कि खुद सॉफ्टवेयर का मुख्य लेखक बनता जा रहा है। San Francisco बेस्ड AI लैब Cognition के को-फाउंडर Scott Wu ने बताया कि उनकी कंपनी में 90 प्रतिशत से ज्यादा कोड AI सिस्टम्स द्वारा लिखा जा रहा है और इंजीनियर्स को 10 प्रतिशत से भी कम कोड खुद टाइप करना पड़ता है। OpenAI ने भी हाल ही में खुलासा किया कि उसकी एक टीम ने पूरा प्रोडक्ट AI से जनरेट कोड पर शिप किया। Anthropic और xAI जैसे नाम भी इसी ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक कोडिंग की परिभाषा बदलती नजर आ रही है।
  • AI नहीं छीन रहा नौकरी, 2026 में 25 हजार युवा ग्रेजुएट हायर करेगी Cognizant
    आईटी सर्विस कंपनी ने बुधवार को कहा कि वह कर्मचारियों की संख्या में इजाफा करने की स्ट्रैटजी के तहत 2026 में करीबन 24-25 हजार नए युवा इंजीनियर्स को भर्ती करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह 2025 के मुकाबले में करीबन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, बीते साल कंपनी ने लगभग 20 हजार ग्रेजुएट्स को हायर किया था।
  • 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
    चीन की टेक कंपनी Kuaishou का वीडियो जनरेशन मॉडल Kling AI तेजी से ग्लोबल AI रेस में उभर रहा है। LatePost की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में Kling AI के मंथली एक्टिव यूजर्स 12 मिलियन से ज्यादा हो गए हैं और 2025 में इसकी कमाई 140 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़े कंपनी के शुरुआती टारगेट से कहीं ज्यादा हैं। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Kling AI की यह ग्रोथ Google और OpenAI जैसे बड़े प्लेयर्स के लिए सीधी चुनौती बन रही है, खासकर AI वीडियो जनरेशन के सेगमेंट में।
  • AI गॉडफादर की डरावनी चेतावनी: AI खाएगा नौकरियां, 2026 में हो जाएगा और तेज!
    AI के “गॉडफादर” Geoffrey Hinton ने 2026 को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब इतनी तेजी से बेहतर हो रहा है कि हर कुछ महीनों में इसकी क्षमता दोगुनी हो जाती है। हिन्टन के मुताबिक, AI पहले ही कॉल सेंटर्स में नौकरियां रिप्लेस कर रहा है और जल्द ही सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में भी इंसानों की जरूरत काफी कम हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि AI अब रीजनिंग और लोगों को गुमराह करने जैसी क्षमताओं में पहले से कहीं ज्यादा आगे निकल चुका है, जो चिंता की बात है।
  • इस AI फील्ड में भारत का दमखम, इंडेक्स में बड़े मार्जिन से टॉप पर!
    EY की 2025 Work Reimagined Survey के मुताबिक, भारत वर्कप्लेस पर AI अपनाने के मामले में ग्लोबल लीडर बनकर उभरा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 62 प्रतिशत कर्मचारी अपने काम में रेगुलर तौर पर Generative AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 90 प्रतिशत एम्प्लॉयर्स और 86 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना है कि AI से प्रोडक्टिविटी बेहतर हुई है। AI Advantage Index में भारत को 53 स्कोर मिला है, जो ग्लोबल एवरेज से काफी ज्यादा है। हालांकि, AI स्किल ट्रेनिंग में अभी निवेश सीमित बताया गया है।
  • दुनिया का सबसे छोटा रोबोट तैयार, साइज रेत जैसा लेकिन सोचने और चलने की ताकत
    University of Pennsylvania और University of Michigan के वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे छोटे पूरी तरह प्रोग्रामेबल और ऑटोनॉमस रोबोट तैयार किए हैं। ये माइक्रो रोबोट रेत के एक दाने से भी छोटे हैं और लाइट की मदद से चलते व प्रोग्राम होते हैं। रिसर्च के मुताबिक, ये रोबोट अपने आसपास के माहौल को सेंस कर सकते हैं और ग्रुप में मिलकर भी काम कर सकते हैं। Science Robotics और PNAS में प्रकाशित स्टडीज़ के अनुसार, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भविष्य में मेडिकल ट्रीटमेंट, सेल-लेवल हेल्थ मॉनिटरिंग और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
  • AI अगले पांच सालों में लाखों नौकरियां खा जाएगा- सर्वे
    सर्वे कहता है कि दुनियाभर में बड़ी कंपनियां अगले पांच सालों में अपने कर्मचारियों को बड़ी संख्या में हटाने जा रही हैं।
  • साल 2030 से पहले परमाणु युद्ध जैसी तबाही ला सकता है ‘AI’, एक्‍सपर्ट ने दी चेतावनी, जानें क्‍या कहा
    AI : दुनिया भर में AI के एक तिहाई से ज्‍यादा रिसर्चर्स का कहना है कि आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस सिस्‍टम द्वारा लिए गए ‘गलत’ फैसलों की वजह से इस सदी में ‘परमाणु युद्ध’ जैसी तबाही हो सकती है।
  • अब नेत्रहीन भी महसूस कर पाएंगे फेसबुक पर साझा होने वाली तस्वीरें
    सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक ने एक ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) फीचर की शुरुआत की है, जिससे नेत्रहीन और नेत्रहीन उपयोगकर्ता फेसबुक पर साझा होने वाली तस्वीरों को महसूस कर पाएंगे।
  • दुनिया भर में सबको इंटरनेट पहुंचाने की योजना में फेसबुक को बड़ी कामयाबी
    सोशल नेटवर्किंग दिग्गज फेसबुक ने कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) तकनीक और संसाधनों के प्रयोग से समूची धरती को चिन्हित कर दुनिया के सबसे विस्तृत जनसांख्यिकीय नक्शे को बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है।

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