Kling AI की तेजी से बढ़ती यूजर बेस और कमाई ने इसे Google और OpenAI के लिए बड़ी चुनौती बना दिया है।
Photo Credit: Kuaishou
2025 में Kling AI की कमाई 140 मिलियन डॉलर तक अनुमानित
Kuaishou के वीडियो जनरेशन मॉडल Kling AI को लेकर हालिया आंकड़े टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में Kling AI के मंथली एक्टिव यूजर्स 12 मिलियन के पार पहुंच चुके हैं, वहीं 2025 में इसकी कमाई करीब 140 मिलियन डॉलर (लगभग 1,285 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है, जो कंपनी के शुरुआती टारगेट से दोगुने से भी ज्यादा है। यही लेटेस्ट ग्रोथ Kling AI को सिर्फ एक उभरता AI टूल नहीं, बल्कि Sora, Veo, Luma जैसे दिग्गजों के लिए सीधी चुनौती बनाती है और यहीं से शुरू होती है इसकी ग्लोबल पॉपुलैरिटी की कहानी। चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर क्या है Kling AI और इससे Google, OpenAI या XAI की टेंशन कैसे बढ़ सकती है।
Kling AI एक एडवांस text-to-video और image-to-video जनरेशन मॉडल है, जिसे खास तौर पर शॉर्ट और मिड-फॉर्म वीडियो कंटेंट के लिए डिजाइन किया गया है। यह 1080p रिजॉल्यूशन और 30fps तक वीडियो बनाने की क्षमता रखता है और अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो को सपोर्ट करता है। Kling को इस तरह डेवलप किया गया है कि क्रिएटर्स और ब्रांड्स कम समय में सोशल मीडिया रेडी वीडियो बना सकें, वो भी बिना भारी पोस्ट-प्रोडक्शन के।
Kuaishou ने Kling को सिर्फ विजुअल जनरेशन तक सीमित नहीं रखा। इसके लेटेस्ट वर्जन में ऑडियो और वीडियो एक साथ जनरेट करने की क्षमता जोड़ी गई है, जिससे कैरेक्टर बोलते हुए और नेचुरल मूवमेंट के साथ नजर आते हैं। इसके अलावा, रेफरेंस इमेज और मोशन कंट्रोल जैसे फीचर्स Kling को ज्यादा प्रैक्टिकल बनाते हैं। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ एक्सपेरिमेंट तक सीमित नहीं, बल्कि प्रोफेशनल कंटेंट में भी बढ़ रहा है।
AI वीडियो जनरेशन में OpenAI का Sora और Google का Veo पहले से चर्चा में हैं। Sora को हाई-क्वालिटी और सिनेमैटिक आउटपुट के लिए जाना जाता है, जबकि Veo Google के इकोसिस्टम और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा हुआ है। Kling इन दोनों से अलग रास्ता अपनाता है। यह ज्यादा क्रिएटर-फ्रेंडली, तेज और कम कॉम्प्लेक्स वर्कफ्लो ऑफर करता है, जिससे आम यूजर्स भी इसका इस्तेमाल आसानी से कर पा रहे हैं।
जहां कई AI टूल्स अभी भी फ्री ट्रायल और लिमिटेड एक्सेस तक सीमित हैं, वहीं Kling AI तेजी से रेवेन्यू जनरेट करने वाला प्रोडक्ट बन चुका है। 2025 में इसकी कमाई कंपनी के शुरुआती टारगेट से दोगुनी से भी ज्यादा रहने का अनुमान है। यही कमर्शियल सक्सेस इसे सिर्फ टेक डेमो नहीं, बल्कि एक मजबूत बिजनेस मॉडल बनाती है, जो Google और OpenAI के लिए चिंता का विषय है।
Kling AI की पॉपुलैरिटी सिर्फ चीन तक सीमित नहीं है। एशिया, यूरोप और अमेरिका में भी क्रिएटर्स इसे Sora और Veo के ऑप्शन के तौर पर देख रहे हैं। खास बात यह है कि Kling को शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जहां स्पीड, कंसिस्टेंसी और स्टाइल ज्यादा मायने रखते हैं।
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