• होम
  • टेलीकॉम
  • ख़बरें
  • कॉल ड्रॉप छिपाने की शिकायतों पर ट्राई सख्त, दूरसंचार ऑपरेटरों से तकनीक का ब्यौरा मांगा

कॉल ड्रॉप छिपाने की शिकायतों पर ट्राई सख्त, दूरसंचार ऑपरेटरों से तकनीक का ब्यौरा मांगा

कॉल ड्रॉप छिपाने की शिकायतों पर ट्राई सख्त, दूरसंचार ऑपरेटरों से तकनीक का ब्यौरा मांगा
विज्ञापन
दूरसंचार नियामक ट्राई दूरसंचार ऑपरेटरों से रेडियो लिंक टाइमआउट प्रौद्योगिकी का ब्यौरा मांगेगा। इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कथित तौर पर कॉल ड्रॉप को छुपाने के लिये किया जा रहा है परिणामस्वरूप ग्राहकों को उंचा बिल चुकाना पड़ रहा है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आर.एस. शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोई भी जांच बिठाने से पहले हम दूरसंचार ऑपरेटरों से रेडियो लिंक टैक्नालॉजी (आरएलटी) का ब्यौरा मांगेंगे। यह ब्यौरा उन मानदंडों के दायरे में मांगा जायेगा जो कि यहां अपनाये जा रहे हैं और ऐसे मानदंड जो कि पिछले एक साल के दौरान अपनाये जाते रहे हैं।’’ ट्राई द्वारा दिल्ली में किये गये ताजा परीक्षण के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल नेटवर्क आधारित गुणवत्ता पूर्ण सेवाओं के सभी मानदंडों पर असफल साबित हुई।

दिल्ली की परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार एयरसेल और वोडाफोन दूसरी दूरसंचार कंपनियों के मुकाबले आरएलटी का अधिक इस्तेमाल कर रहीं हैं। आरएलटी यानी रेडियो लिंक टाइमआउट एक ऐसा मानदंड है जिसमें यह तय किया जाता है कि सिगनल गुणवत्ता के एक सीमा से ज्यादा कमजोर पड़ जाने के बावजूद कितने समय तक कॉल को बरकरार रखा जा सकता है।

एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार कुछ दूरसंचार ऑपरेटर इस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कॉलड्राप को छुपाने के लिये कर रहे हैं जिससे कि ग्राहकों को अधिक बिल का बोझ उठाना पड़ता है।

शर्मा ने कहा, ‘‘आज हैदराबाद और भोपाल की परीक्षण रिपोर्ट को जनता के समक्ष रखा जायेगा।’’ उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें कॉल ड्रॉप के लिये दूरसंचार कंपनियों को ग्राहकों को एक रपये प्रति कॉल और एक दिन में अधिकतम तीन रपये के हिसाब से मुआवजा देने का नियम रखा गया था।

वर्तमान में दूरसंचार कंपनियों और ग्राहकों के बीच के विवाद को उपभोक्ता अदालतों में नहीं लिया जाता है क्योंकि उच्चतम न्यायालय के 2009 के एक फैसले के तहत ग्राहकों को उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत इस तरह के राहत से अलग रखा गया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि इसके लिये भारतीय टेलिग्राफ कानून में विशेष प्रकार का समाधान दिया गया है।

राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2012 में उपभोक्ता और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के बीच विवाद को उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत स्थापित उपभोक्ता मंचों के तहत लाने के लिये विधायी उपाय करने को कहा गया है। बहरहाल, कॉल ड्राप की समस्या से चिंतित ट्राई ने गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली दूरसंचार कंपनियों को दंडित करने के लिये उसे और अधिकार दिये जाने की मांग की है।

दूरसंचार सचिव जे.एस. दीपक ने हालांकि, कहा है कि अधिक अधिकार दिये जाने के बारे में ट्राई से कोई संदेश उन्हें अभी तक नहीं मिला है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Trai, call drop

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Lava Yuva Star 3 बजट फोन भारत में लॉन्च होगा 13MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ!
  2. LG ने मेड इन इंडिया AC भारत में किए लॉन्च, खास फीचर्स से लैस, जानें सबकुछ
  3. boAt की डैशकैम मार्केट में एंट्री! GPS, ADAS सपोर्ट के साथ लॉन्च किए 3 मॉडल, कीमत Rs 2,499 से शुरू
  4. Bharat Taxi vs Ola vs Uber vs Rapido: एक ही रूट पर किसका किराया कम?
  5. Google की ओर से खुशखबरी! Android से iPhone में चुटकी में होगी फाइल शेयर
  6. Oppo Find X9s के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, MediaTek Dimensity 9500s हो सकता है चिपसेट
  7. Honor 600 में होगी सेगमेंट की सबसे बड़ी बैटरी, टिप्सटर ने किया खुलासा
  8. Apple का iPhone 17e जल्द हो सकता है लॉन्च, MagSafe चार्जिंग का मिल सकता है फीचर
  9. अब अंतरिक्ष में चला पाएंगे iPhone, NASA ने दी अनुमति, मिलेगी चांद और वायुमंडल की अनोखी फोटो
  10. 13MP कैमरा, 14550mAh बैटरी के साथ Brave Ark एंड्रॉयड पीसी लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »