नई ऑथोराइज्ड यूनिट को अपने टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क के सभी सिस्टम और उससे जुड़े डाटा, लॉग और जानकारी भारत के अंदर ही स्टोर करना होगा।
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देश का डाटा देश में स्टोर करना होगा।
भारत में टेलीकॉम विभाग ने नियमों को कड़ा करते हुए सभी संस्थाओं के लिए टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क डाटा और लॉग से संबंधित जानकारी को भारत में ही स्टोर करना अनिवार्य कर दिया है। अब सभी टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क सिस्टम, उनसे जुड़ा डेटा और लॉग्स सिर्फ भारत के भीतर ही स्टोर किए जाएंगेऔर इनकी कोई भी कॉपी देश के बाहर न तो भेजी जा सकती है, न ही शेयर की जा सकती है और न ही उपलब्ध कराई जा सकती है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
देश में टेलीकॉम डिपार्टमेंट सरकार ने टेलीकॉम सर्विस के लिए क्लाउड-बेस्ड नेटवर्क, मोबाइल टावर और सैटेलाइट गेटवे से संबंधित कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स को देश के बाहर किसी भी डेटा को शेयर करने से रोक दिया है। टेलीकॉम विभाग ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के लिए ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क पर जारी एक नोटिफिकेशन में यह अनिवार्य किया है कि सारा टेलीकम्युनिकेशन डाटा देश के अंदर ही स्टोर किया जाए और किसी भी तरीके से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जाए।
सभी नई कंपनियों के लिए जरूरी
अब सभी नई ऑथोराइज्ड यूनिट को अपने टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क के सभी सिस्टम और उससे जुड़े डाटा, लॉग और जानकारी भारत के अंदर ही स्टोर करना होगा।
डाटा, लॉग और जानकारी की कोई भी कॉपी भारत के बाहर न तो भेजी जाएगी, न शेयर की जाएगी और न ही उपलब्ध करवाई जाएगी।
सरकार टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 के तहत लाइसेंसिंग सिस्टम से हटकर लाइट रेगुलेशन की ओर बढ़ने की रणनीति बना रही है और ऑथोराइजेशन फ्रेमवर्क इसी रणनीति का हिस्सा हैं। ए फ्रेमवर्क के तहत नेशनल लेवल पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर, डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर, इंटरनेट एक्सचेंज पॉइंट प्रोवाइडर, सैटेलाइट अर्थ स्टेशन गेटवे प्रोवाइडर, क्लाउड-होस्टेड टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क प्रोवाइडर और मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी प्रोवाइडर ऑथराइजेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सख्ती से करना होगा नियमों का पालन
नियमों का पालन ठीक से हो रहा है या नहीं इसे मॉनिटर करने के लिए देश की सरकार प्रक्रिया या सिस्टम का ऑडिट करने के लिए किसी खास एजेंसी को नियुक्त कर सकती है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि अगर किसी जानकारी का खुलासा करने से किसी यूजर या ऑथोराइज्ड संस्था की प्रतिस्पर्धी स्थिति को नुकसान पहुंच सकता है तो सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसी ऐसी जानकारी इकट्ठा नहीं करेगी और न ही उसके खुलासे की मांग करेगी।
देश में बढ़ेंगे डाटा सेंटर
इससे देश के अंदर डाटा सेंटर की डिमांड तेजी से बढ़ेगी और नए अवसर शुरू होंगे।
क्लाउड-होस्टेड टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क प्रोवाइडर कैटेगरी शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये की एंट्री फीस है।
इसके लिए सालाना ऑथराइजनेशन के लिए सालान फीस जोरी है।
क्लाउड डेटा सेंटर और टेलीकॉम नेटवर्क आसानी से जुड़ पाएंगे और इंफ्रास्ट्रक्चर तक आसान एक्सेस होगा।
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