BSNL को लगा झटका, छंटनी के विरोध में उतरे कर्मचारी

BSNL की एंप्लॉयी यूनियन का कहना है कि कंपनी के वर्कर्स की संख्या इसकी वित्तीय समस्याओं का कारण नहीं है। कंपनी के प्रबंधन की रेवेन्यू बढ़ाने में अक्षमता इसका वास्तविक कारण है।

BSNL को लगा झटका, छंटनी के विरोध में उतरे कर्मचारी

इसकी एंप्लॉयी यूनियन ने प्रबंधन की नाकामी को दोषी बताया है

ख़ास बातें
  • BSNL ने लगभग 19,000 वर्कर्स को VRS के तहत हटाने का प्रपोजल दिया है
  • इसकी एंप्लॉयी यूनियन ने फैसले को वापस लेने की मांग की है
  • प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों से BSNL को कड़ी टक्कर मिल रही है
विज्ञापन
सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की वर्कर्स की छंटनी करने की योजना को झटका लगा है। BSNL की एंप्लॉयी यूनियन ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। BSNL ने लगभग 19,000 वर्कर्स को वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) के तहत हटाने का प्रपोजल दिया है। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की एंप्लॉयी यूनियन या BSNLEU ने BSNL के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर, Robert J Ravi को लिखे पत्र में इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। इस पत्र में बताया गया है कि कंपनी के पास लगभग 29,750 एग्जिक्यूटिव्स और लगभग 26,435 नॉन- एग्जिक्यूटिव वर्कर्स हैं। BSNLEU ने पत्र में कहा है, "कंपनी के वर्कर्स की संख्या इसकी वित्तीय समस्याओं का कारण नहीं है। कंपनी के प्रबंधन की रेवेन्यू बढ़ाने में अक्षमता इसका वास्तविक कारण है। हम प्रबंधन से इस फैसले पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने का निवेदन करते हैं।" 

BSNLEU ने बताया है कि कंपनी को अपनी रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा लैंडलाइन सर्विस से मिलता है। हालांकि, लगभग चार वर्ष पहले BSNL के बड़ी संख्या में वर्कर्स को VRS देने के बाद लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड कनेक्शंस की मेंटेनेंस को आउटसोर्स किया गया था। इससे इन सर्विसेज की क्वालिटी पर बड़ा असर पड़ा है और BSNL के लैंडलाइन कनेक्शंस बहुत कम रह गए हैं। इस सेगमेंट पर Reliance Jio की बड़ी हिस्सेदारी हो गई है। 

कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाने के लिए अपनी मौजूदा वर्कफोर्स को लगभग 35 प्रतिशत घटाने की योजना बनाई है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) जल्द ही BSNL की दूसरी वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री से स्वीकृति मांग सकता है। BSNL के बोर्ड ने VRS के जरिए 18,000 से 19,000 कर्मचारियों को हटाने के लिए एक प्रपोजल भेजा है। कम्युनिकेशंस मिनिस्ट्री के निर्देश के बाद इस कंपनी ने VRS का प्रपोजल दिया है। इसे फाइनेंस मिनिस्ट्री से स्वीकृति मिलने के बाद मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के सामने पेश किया जाएगा। कंपनी ने VRS के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की मांग की है। यह कंपनी अपने कर्मचारियों के वेतन पर वार्षिक लगभग 7,500 करोड़ रुपये का खर्च करती है, जो इसके रेवेन्यू का लगभग 38 प्रतिशत है। कंपनी की योजना इस खर्च को घटाने की है। 


 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Haier F11 फ्रंट लोड वाशिंग मशीन लॉन्च, AI फीचर्स, 12 Kg कैपिसिटी, कलर डिस्प्ले से लैस, जानें कीमत
  2. ICSE, ISC Results Update: 10वीं, 12वीं के ICSE रिजल्ट ऐसे करें डाउनलोड, जानें पूरी डिटेल
  3. Motorola Edge 60 Pro vs Vivo V60e vs OnePlus Nord 5, Rs 35 हजार से कम में कौन सा है बेस्ट?
  4. 108MP कैमरा वाला Redmi फोन Rs 6 हजार सस्ता खरीदें! मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट
  5. 46 घंटे बैटरी और डुअल ड्राइवर के साथ Honor Earbuds 4 TWS ईयरफोन्स हुए लॉन्च, जानें कीमत
  6. Motorola Razr 70 Ultra में मिल सकते हैं डुअल कैमरा, 2 कलर्स के ऑप्शन
  7. Mercedes की CLA EV कल होगी भारत में लॉन्च, 700 किलोमीटर से ज्यादा हो सकती है रेंज 
  8. Vivo, Huawei से डर गई Apple? iPhone 18 Pro, 19 Pro में मिल सकते हैं बड़े कैमरा अपग्रेड
  9. Moto G87 होगा 6 रंगों में लॉन्च! 8GB रैम, 5000mAh से ज्यादा हो सकती है बैटरी
  10. सस्ता स्मार्टफोन Lava Bold N1 5G नए वेरिएंट में लॉन्च, 6GB रैम, 5000mAh बैटरी, Rs 11,999 में खरीदें
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »