• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • मंगल ग्रह जैसी जिंदगी पृथ्‍वी पर जिएंगे ये 4 साइंटिस्‍ट, कब, कहां, कैसे? जानें

मंगल ग्रह जैसी जिंदगी पृथ्‍वी पर जिएंगे ये 4 साइंटिस्‍ट, कब, कहां, कैसे? जानें

Nasa Mars House : एक सेटअप में नासा फ‍िर से 4 नए लोगों को रहने के लिए भेजने वाली है।

मंगल ग्रह जैसी जिंदगी पृथ्‍वी पर जिएंगे ये 4 साइंटिस्‍ट, कब, कहां, कैसे? जानें

Photo Credit: Nasa

ख़ास बातें
  • नासा ने सिलेक्‍ट किए चार वॉलंटियर्स
  • 45 दिनों के लिए रहेंगे एक खास जगह में
  • वहां मंगल ग्रह का वातावरण होगा
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का एक मकसद भविष्‍य में मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजना है। उसने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। पिछले साल जून में नासा ने 4 आम लोगों को एक ऐसी जगह पर ठहराया, जहां मंगल ग्रह जैसे हालात हैं। स्‍पेस एजेंसी ने धरती पर ही ऐसा सेटअप तैयार कर दिया, जिसमें मंगल ग्रह का वातावरण है। इस सेटअप में नासा एक बार फ‍िर से 4 नए लोगों को रहने के लिए भेजने वाली है। चारों वॉलंटियर्स 45 दिनों तक उस सेटअप में रहेंगे, जिसकी शुरुआत 10 मई से हो रही है। 

रिपोर्ट के अनुसार, चारों वॉलंटियर्स के नाम जेसन ली, स्टेफनी नवारो, शरीफ अल रोमैथी और पियुमी विजेसेकरा हैं। 10 मई को सभी एक सेटअप में एंट्री करेंगे और 24 जून को उससे बाहर आएंगे। 
Latest and Breaking News on NDTV

यह जगह अमेरिका के ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर में है। इसे क्रू हेल्थ एंड परफॉर्मेंस एक्सप्लोरेशन एनालॉग (CHAPEA) कहा जाता है। लोगों के लिए पृथ्‍वी पर ही मंगल ग्रह के हालात तैयार कर और वहां इन 4 वॉलंटियर्स को रखकर नासा मंगल ग्रह की स्थितियों को समझना चाहती है। वह चाहती है कि असल में जब इंसान को मंगल पर रहने के लिए भेजा जाएगा, तो उसे किस तरह की स्थितियां देखनी होंगी।
 

3D प्रि‍ंटेड है ‘घर'

जिस घर में चारों वॉलंटियर्स रहने जाएंगे, वह 3D प्रि‍ंटेड हाउस है। इसमें रहने वाले लोगों को खुद के लिए पत्तेदार सब्जियां उगानी होंगी। वो सभी काम करने होंगे, जो वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर करने पड़ सकते हैं।

जिस घर में वॉलंटियर्स रहेंगे, उसका दरवाजा एयरलॉक होगा। ऐसा इसलिए क्‍योंकि मंगल ग्रह पर ऑक्‍सीजन नहीं है और पृथ्‍वी पर नकली मंगल वातावरण में भी चारों लोगों को कृत्रिम ऑक्‍सीजन के भरोसे रहना होगा। नासा का कहना है कि यह जगह वैज्ञानिकों को उनकी स्‍टडी में मदद करेगी। साइंटिस्‍ट जान पाएंगे कि चंद्रमा, मंगल और अन्‍य ग्रहों पर जाने से पहले क्रू मेंबर्स को कैसे एडजस्‍ट होना होता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro कहां सबसे सस्ता? दुबई, सिंगापुर से लेकर अमेरिका तक, कीमत में इतना अंतर
  2. '10 सालों में AI इंसानों को खत्म कर देगा', Anthropic रिसर्चर ने दी चेतावनी, छोड़ी नौकरी!
  3. iPhone 18 Pro से फोल्डेबल Duo तक, Apple के नए प्रोडक्ट्स की भारत में इतनी है कीमत
  4. PhonePe से अब विदेशों में करें VISA पेमेंट! नहीं पड़ेगी कार्ड की जरूरत, बना भारत का पहला ऐप
  5. HMD Key 2 बजट फोन जल्द हो सकता है लॉन्च! 13MP डुअल कैमरा, 5000mAh बैटरी
  6. 500 रुपये से कम में 5 वायर्ड ईयरफोन, JBL और boAt जैसे कई ऑप्शन
  7. Apple Watch Ultra 4 लॉन्च हुई 50 घंटे की बैटरी के साथ, S11 चिप से लैस, जानें कीमत
  8. Apple Watch Series 12 हुई लॉन्च, नई S11 चिप, 38 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  9. Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च, बुक स्टाइल के साथ डबल कैमरा से लैस, जानें कितना है खास
  10. Apple Airpods 5 लॉन्च हुए ANC फीचर, लम्बी बैटरी, IP57 रेटिंग के साथ, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »