NASA ने खोजी 1.5 गुना बड़ी एक और पृथ्वी! यहां 19 दिन का है एक साल

TOI-715 b एग्जोप्लेनेट का अपना सौरमंडल है।

NASA ने खोजी 1.5 गुना बड़ी एक और पृथ्वी! यहां 19 दिन का है एक साल

Photo Credit: NASA

TOI-715 b एग्जोप्लेनेट का अपना सौरमंडल है।

ख़ास बातें
  • इसे पृथ्वी का चक्कर लगा रहे नासा के टेलीस्कोप ने स्पॉट किया है।
  • इसका अपना सोलर सिस्टम है जो कि 137 प्रकाशवर्ष दूर मौजूद है।
  • यह हमारी धरती से 30 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक बड़ा है।
विज्ञापन
पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज करना अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का सबसे महत्वाकांक्षी मिशन है। नासा इसके लिए अंतरिक्ष मिशन चलाती रहती है। अब स्पेस एजेंसी को पृथ्वी से कहीं ज्यादा बड़ा एक और ग्रह मिला है। इसे सुपर अर्थ (Super Earth) कहा है। यह हमारी धरती से 30 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक बड़ी बताई जा रही है। इसे पृथ्वी का चक्कर लगा रहे नासा के टेलीस्कोप ने स्पॉट किया है। 

नासा को एक एग्जोप्लेनेट अंतरिक्ष में दिखाई दिया है जिसका नाम TOI-715 b है। यह हमारी पृथ्वी से 1.5 गुना बड़ा है। इसका अपना सोलर सिस्टम है जो कि 137 प्रकाशवर्ष दूर मौजूद है। नासा का कहना है कि इस ग्रह की जो इसके तारे से दूरी है, वो इसकी सतह पर पानी बनने के लिए एकदम सही है। अभी इस बारे में बहुत ज्यादा नहीं कहा जा सकता है। स्पेस एजेंसी का कहना है कि इसमें कई और कारक जुड़े हैं। जिसमें सबसे बड़ा कारक तो यही है कि इसकी सतह का तापमान सही हो। 

TOI-715 b एग्जोप्लेनेट का अपना सौरमंडल है। यानि कि इसका भी एक तारा है जो सूरज जैसा है। यह ग्रह उस तारे का एक चक्कर 19 दिन में पूरा करता है। यानी कि वहां पर एक साल केवल 19 दिन का है। Monthly Notices of the Royal Astronomical Society में इस खोज को प्रकाशित किया गया है। चूंकि ये 137 प्रकाशवर्ष दूर है इसलिए जब यह अपने तारे के सामने आता है तो केवल एक काले बिंदू के रूप में दिखाई देता है। 

हाल ही में एक और ऐसे ही एग्जोप्लेनेट का जिक्र रिपोर्ट में सामने आया था। वैज्ञानिकों ने साल 2017 में LHS 1140b एग्जोप्लेनेट को खोजा था। इसके बाद इस पर नजर रखी गई और कई टेलीस्कोप के माध्यम से इसकी जांच की गई। जिसके बाद सामने आया कि यह एक चट्टानी ग्रह है जो धरती से 1.7 लाख गुना बड़ा है। LHS 1140b को पर्याप्‍त रूप से घना नहीं बताया गया है। इसका मतलब है कि या तो इसमें बहुत ज्‍यादा पानी होना चाहिए या इसमें हाइड्रोजन और हीलियम जैसे एलिमेंट होने चाहिए। बहरहाल, TOI-715 b के बारे में वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इसका क्लोज ऑब्जर्वेशन करने के लिए James Webb Space Telescope को 10 लाख मील की दूरी पर रखना होगा।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: , NASA, nasa news, exoplanet
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. बड़ी टेंशन खत्म! बच्चों का WhatsApp जल्द पैरेंट्स के कंट्रोल में, नया फीचर करेगा सब मैनेज
  2. भारत से हटेगा विदेशी स्मार्टफोन कंपनियों का दबदबा! 18 महीनों में आएंगे स्वेदशी स्मार्टफोन ब्रांड
  3. Asteroid Alert: बिजली सी स्पीड वाले 2 बड़े एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
  4. Redmi Note 15 Pro+ लॉन्च से पहले प्राइस लीक, 24GB तक रैम, 6500mAh बैटरी, Pre Booking ऑफर में Free स्मार्टवॉच!
  5. Republic Day Parade Live: 77वें गणतंत्र दिवस पर परेड LIVE, जानें सभी खास बातें
  6. Penguin Viral Video: वायरल 'पेंगुइन वीडियो' का क्या है सच! क्यों चल पड़ा अकेला पेंगुइन, वैज्ञानिकों का जवाब
  7. चांद से टकराया था एस्टरॉयड? चट्टानों के टुकड़ों ने खोला पुराना राज!
  8. Infosys ने वर्क-फ्रॉम-होम वाले वर्कर्स से मांगी इलेक्ट्रिसिटी बिल की जानकारी, ये है कारण....
  9. Oppo Find N6 का ग्लोबल लॉन्च जल्द, मिलेगी 16GB रैम, 6000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग!
  10. Redmi Note 15 Pro प्री-ऑर्डर शुरू, 200MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ 29 जनवरी को होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »