नासा ने दिखाई ज्युपिटर के Ganymede मून की शानदार इमेज

ज्युपिटर पर रेडिएशन अधिक होने के कारण स्पेसक्राफ्ट के साथ ही कैप्चर की गई इमेज पर भी असर पड़ता है

नासा ने दिखाई ज्युपिटर के Ganymede मून की शानदार इमेज

धरती की तुलना में ज्युपिटर पर पूर्ण ग्रहण अधिक होता है

ख़ास बातें
  • जूनो ने ज्युपिटर के वातावरण में लगभग छह वर्ष पहले प्रवेश किया था
  • इससे सोलर सिस्टम के सबसे बड़े ग्रह के मौसम को समझने में मदद मिलेगी
  • इस स्पेसक्राफ्ट से ली गई इमेजेज को नासा लगातार जारी कर रही है
विज्ञापन
अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA का जूनो मिशन ने इस वर्ष 25 फरवरी को ज्युपिटर के निकट 40वीं बार उड़ान भरी थी। इसने ज्युपिटर और इसके सबसे बड़े मून्स में से एक Ganymede की इमेजेज कैप्चर की थी। इसके बाद इन इमेजेज को धरती पर भेजा गया जहां वैज्ञानिकों ने जूनोकैम इंस्ट्रूमेंट पर बेस्ड इमेजेज को रीक्रिएट किया था। 

नासा की ओर से इनमें से एक इमेज को प्रति दिन रिलीज किया जा रहा है। इस बार की इमेज से ज्युपिटर के Ganymede मून का शानदार नजारा दिख रहा है। इस इमेज के साथ दी गई जानकारी में नासा ने बताया है, "ज्युपिटर के पास 40वीं उड़ान के दौरान जूनो स्पेसक्राफ्ट ने Ganymede को ग्रह परएक बड़ा और गहरा धब्बा बनाते देखा। जूनोकैम ने ज्युपिटर के काफी निकट से इस इमेज को कैप्चर किया था। इससे Ganymede की छाया विशेषतौर पर बड़ी दिख रही है। इस इमेज को लेने पर जूनो स्पेसक्राफ्ट ज्युपिटर से लगभग 44,000 मील ऊपर और Ganymede की तुलना में ग्रह से लगभग 15 गुना निकट था।" 

ज्युपिटर पर रेडिएशन अधिक होने के कारण स्पेसक्राफ्ट के साथ ही कैप्चर की गई इमेज पर भी असर पड़ता है। धरती की तुलना में ज्युपिटर पर पूर्ण ग्रहण अधिक होता है। इसका बड़ा कारण ज्युपिटर के चार बड़े मून होना है, जो अक्सर ज्युपिटर और सूर्य के बीच से गुजरते हैं। नासा का जूनो मिशन सोलर सिस्टम के सबसे बड़े ग्रह पर मौसम और अन्य परिस्थितियों को समझने के लिए भेजा गया है। इसने ज्युपिटर के वातावरण में लगभग छह वर्ष पहले प्रवेश किया था और यह तब से ग्रह के निकट उड़ान भर रहा है। इसने ग्रह के बारे में कुछ रोमांचक जानकारियां दी हैं। 

अंतरिक्ष में भेजी गई सबसे बड़ी दूरबीन जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप अपनी तस्‍वीरों से दुनिया को हैरान कर रही है। हाल ही में इस टेलीस्‍कोप ने पिलर्स ऑफ क्रिएशन की डिटेल तस्‍वीर खींची है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे अंतरिक्ष में कुछ निर्माण की तैयारी चल रही है…कोई बड़ा कंस्‍ट्रक्‍शन। नासा ने बताया है कि तस्‍वीर में तारों से भरी गैस और धूल की विशाल संरचनाएं हैं। नासा और यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ESA ने संयुक्त तौर पर यह इमेज रिलीज की थी। नासा ने बताया कि जेम्‍स वेब टेलीस्कोप ने पृथ्वी से 6,500 प्रकाश वर्ष दूर ईगल नेबुला का यह शॉट लिया है। इन पिलर्स को सबसे पहले साल 1995 में नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्‍चर किया था लेकिन जेम्‍स वेब टेलीस्कोप की इंफ्रारेड कैपेसिटी के कारण इस इमेज को और बारीकी से कैप्‍चर किया गया है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL जल्द लॉन्च कर सकती है 5G नेटवर्क, 2 लाख 4G साइट्स इंस्टॉल करने की भी तैयारी
  2. भारत में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में गिरावट, चाइनीज ब्रांड्स को लगा बड़ा झटका
  3. iQOO Neo 11 Ultra में मिलेगा कस्टम MediaTek Dimensity चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  4. BSNL मात्र ₹2399 में दे रहा 365 दिनों की वैधता के साथ डेली 2GB डाटा, अनलिमिटेड कॉल, Airtel-Jio को कड़ी टक्कर
  5. Flipkart Freedom Sale: Nothing Phone 4b पर आया तगड़ा डिस्काउंट, यहां से खरीदें सस्ता
  6. Honor Magic 9 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  7. LPG गैस पर सब्सिडी पाने के लिए PMUY के लिए ऐसे करें अप्लाई
  8. iPhone 18 Pro का इंतजार? मिलेंगे तीन सबसे बड़े कैमरा अपग्रेड!
  9. Tecno Pova 8 Pro 5G के बैक पैनल पर मिलेगा सेकेंडरी डिस्प्ले, अगले सप्ताह भारत में लॉन्च
  10. Flipkart Freedom Sale: 65 इंच स्मार्ट टीवी पर मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट, कीमत ₹36 हजार से शुरू
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »