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Solar - ख़बरें

  • गजब का सोलर चार्जर, डिवाइस को चार्ज करने के लिए आपके आगे-पीछे घूमेगा, जहां दिखेगी अच्छी धूप वहां करेगा खुद को चार्ज
    Jackery ने CES 2026 में Solar Mars Bot एक सस्टेनेबल पावर का स्मार्ट पोर्टेबल समाधान पेश कर दिया है। नया सोलर मार्स बॉट एक सेल्फ नेविगेटिंग (खुद चलने वाला) सोलर जनरेटर है जो सौर ऊर्जा उत्पादन करता है। Solar Mars Bot सामान्य फिक्स्ड पैनल से एक कदम आगे होते हुए दिन भर में सबसे अच्छी धूप की तलाश करने और खुद को ऑटोमैटिक चार्ज करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो घर और बाहर दोनों जगह उपयोग किया जा सकता है।
  • सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ब्लड मून, सुपरमून ... 2026 में दिखेंगे अद्भुत नजारे!
    अंतरिक्ष की घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 में कई खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं। इसलिए अगर आप उनमें से हैं जिन्हें आसमान में ग्रहों, और तारों के अद्भुत नजारे देखने में रुचि है तो हम आपको इस साल होने वाली अंतरिक्षीय घटनाओं की पूरी सूचि बताने वाले हैं। इनमें सुपरमून, ब्लड मून, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण जैसी अद्भुत घटनाएं शामिल होंगी।
  • Solar Eclipse: सदी के सबसे बड़े सूर्य ग्रहण की कर लें तैयारी! दिन में होगी काली रात, जानें खास बातें
    सदी का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को लगने वाला है। यह सदी की सबसे बड़ी खगोलीय घटना बनने वाली है क्योंकि यह सबसे बड़ा पूर्ण सूर्यग्रहण होने वाला है जिसका प्रभाव पृथ्वी को कुछ समय के लिए अंधेरे की चादर में पूरी तरह से ढक देगा। यह सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा प्रभावी यूरोप, नॉर्थ अमरीका और मध्य पूर्व में रहेगा।
  • Google का अनोखा TV रिमोट, घर में बल्ब की रोशनी से चार्ज होगा, कभी खत्म नहीं होगी बैटरी
    Google अब अपने Google TV के लिए ऐसा रिमोट लेकर आ रहा है जिसकी बैटरी कभी खत्म नहीं होगी। यह टीवी रिमोट इनडोर लाइट का उपयोग करके चलता रहता है और इसकी बैटरी कभी भी खत्म नहीं होगी। अभी Google TV रिमोट में अधिकतर पुरानी AA या AAA बैटरियों का उपयोग होता हैं, जिन्हें यूजर्स को बदलना पड़ता है। टीवी रिमोट में बटन के ठीक नीचे एक छोटा सा लाइट कैप्चरिंग पैनल दिया गया है जो कि सोलर पैनल जैसा दिखता है।
  • न बैटरी बदलने की टेंशन, न चार्जिंग का झंझट! Google का नया TV रिमोट टेबल पर पड़े-पड़े होगा चार्ज
    Google TV इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आने वाला है। कंपनी के लिए तैयार किया गया नया G32 रिमोट सामने आया है, जो पूरी तरह इंडोर लाइट से चार्ज होता है और इसमें किसी डिस्पोजेबल बैटरी की जरूरत नहीं पड़ती। यह रिमोट Google का अपना प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि Ohsung Electronics के जरिए बनाया गया एक ऑफिशियल Google रेफरेंस रिमोट है, जिसमें पावर देने की जिम्मेदारी Epishine की इंडोर सोलर टेक्नॉलजी संभाल रही है। मतलब, घर में टीवी जितनी देर चलता है, रिमोट उतनी देर खुद ही चार्ज होता रहेगा।
  • Solar Eclipse 2026: दिन में छाएगा घनघोर अंधेरा! अगले साल इस दिन लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, नोट कर लें टाइम
    2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने वाला है। पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने वाला है। इसका अद्भुत नजारा दुनिया के कई हिस्सों में दिखने वाला है। आर्कटिक महासागर, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन से होकर यह गुजरेगा। अद्भुत नजारे को देखने दुनिया भर के कई हिस्सों में लोग खासतौर पर इकट्ठा होते हैं। इसका इतिहास काफी पुराना है। 2024 में नॉर्थ अमेरिका में इसी तरह के नजारे को देखने के आयोजनों में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था।
  • सोलर से चलेगा पूरा घर, ये नया ‘All-in-One’ सिस्टम खुद चार्ज होकर देगा फुल एनर्जी बैकअप!
    Eastman Auto & Power Ltd. ने भारत में अपने नए ‘Solar Access LIB’ सिस्टम को लॉन्च किया है, जो एक ऑल-इन-वन स्टोरेज सॉल्यूशन है। इस नए सिस्टम में इन्वर्टर और लिथियम-आयन बैटरी दोनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोडक्ट घरेलू और छोटे बिजनेस यूजर्स के लिए एक आसान, भरोसेमंद और एफिशिएंट क्लीन एनर्जी सॉल्यूशन साबित होगा।
  • अगर बृहस्पति न होता ऐसी न होती पृथ्वी! वैज्ञानिकों का दावा
    एक नई स्टडी पृथ्वी के अस्तित्व में आने के बारे में एक रोचक खुलासा करती है। अगर बृहस्पति ग्रह नहीं होता तो धरती कब की सूर्य में समा चुकी होती! बृहस्पति के शुरुआती विकास ने अंदरूनी सौर मंडल की ओर गैस और धूल के प्रवाह को रोक दिया, जिससे वह पदार्थ सूर्य की ओर नहीं जा सका, और बाद में इन्हीं पदार्थों ने पृथ्वी, शुक्र और मंगल का निर्माण किया।
  • इस वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को: भारत में दिखेगा या नहीं.... 
    सूर्य ग्रहण तब होता है जब धरती और सूर्य के बीच से चंद्रमा गुजरता है। इससे धरती तक सूर्य की रोशनी का पहुंचना आंशिक तौर पर या पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। यह अलाइनमेंट के आधार पर पूर्ण, आंशिक या गोले के आकार का हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य का केवल एक हिस्सा चंद्रमा की ओर से धुंधला होता है। यह एक आकर्षक खगोलीय दृश्य बनाता है।
  • धरती के लिए कभी खतरा बने एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका
    पिछले वर्ष इस एस्ट्रॉइड के धरती पर असर डालने की आशंका बनी थी। इस एस्ट्रॉइड को 2024 YR4 कहा जा रहा है। इसका व्यास लगभग 53-67 मीटर का है। इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है। पिछले वर्ष के अंत में इसका पता लगाया गया था। इसे Apollo प्रकार के एस्ट्रॉइड के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। धरती से इस एस्ट्रॉइड को नहीं देखा जा सकता है क्योंकि टेलीस्कोप से इसे देखने के लिए इसकी दूरी बहुत अधिक है।
  • India-Pakistan Tension: जंग के हालात में कैसे रहें तैयार? ये 7 चीजें आएंगी काम
    भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से माहौल गरमा गया है। 7 मई को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉर्डर के पास भारतीय फोर्सेस ने हाई अलर्ट मोड पर एक मॉक ड्रिल की, जिसमें एयर रेड सायरन और मोबाइल अलर्ट जैसी इमरजेंसी टेक्नोलॉजीज का यूज किया गया। इस तरह के हालात जब सामने आते हैं, तो सबसे पहले हमारी जरूरत बनती है सुरक्षित रहने और अपडेटेड रहने की। ऐसे में कुछ टेक गैजेट्स हैं जो इस तरह की सिचुएशंस में आपके लिए लाइफसेवर साबित हो सकते हैं।
  • एस्टरॉयड, धूमकेतु की टक्कर से ऐसा हो जाएगा धरती का हाल ...
    हाल ही में हुईं कुछ स्टडीज से पता चला है कि धूमकेतुओं के टकराने से पृथ्वी के वायुमंडल पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। ये ग्रहों के वातावरण को प्रभावित कर सकते हैं, विशेष रूप से वे ग्रह जो एम-ड्वार्फ तारों की परिक्रमा करते हैं। इन नतीजों ने न केवल ग्रहों के निर्माण की समझ को बढ़ाया है, बल्कि सुदूर रहने योग्य दुनिया की पहचान करने की उम्मीद भी जगाई है।
  • सूर्य से निकले सौर तूफान ने बृहस्पति में डाल दी 'दरार!' नई खोज ने चौंकाया
    सौर हवा को लेकर वैज्ञानिकों ने एक नई खोज की है जो काफी चौंकाने वाली है। साल 2017 में आए एक सौर तूफान का जिक्र इसमें किया गया है जिसने बृहस्पति पर ऐसा प्रभाव डाला कि इसका चुंबकीय मंडल दबाव में आ गया। इसने ग्रह के बीचों बीच एक बेहद गर्म क्षेत्र का निर्माण कर दिया। यह देखने में ऐसा था जैसे बृहस्पति पर एक दरार पड़ गई हो।
  • सूर्य ग्रहण 2025: आज इतने बजे लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें कहां, कैसे देख सकते हैं ग्रहण का नजारा
    आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा हमारी पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजर रहा होता है। सूर्य ग्रहण 2025 भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए यहां पर सूर्य ग्रहण का सूतक भी लागू नहीं होगा। यूरोप, अफ्रीका, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, और कनाडा के कई हिस्सों में सूर्य का ग्रहण दिखाई देगा।
  • कल लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में मोबाइल, लैपटॉप या TV में ऐसे देखें ऑनलाइन
    साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) आज, 29 मार्च को लगेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के एक हिस्से को ढक लेगा। यह खगोलीय घटना तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है और सूर्य की रोशनी को आंशिक रूप से रोक देता है। साल 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण लगेंगे, जिनमें से अगला 21 सितंबर को होगा। NASA के अनुसार, सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:13 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का चरम समय 4:17 बजे होगा।

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