मंगल ग्रह पर दिखी 'पत्थर की टोपी'!

मार्जिन यूनिट से यह सैम्पल लेकर रोवर इस मिशन में अगले पड़ाव पर चल पड़ा है जिसका नाम जुराबी पॉइंट बताया गया है।

मंगल ग्रह पर दिखी 'पत्थर की टोपी'!

मार्जिन यूनिट से यह सैम्पल लेकर रोवर इस मिशन में अगले पड़ाव पर चल पड़ा है जिसका नाम जुराबी पॉइंट बताया गया है।

ख़ास बातें
  • मंगल पर नासा का पर्सेवरेंस रोवर अब तक कई अजब चीजें खोज चुका है।
  • अब रोवर को मंगल पर एक अजब तरह का स्ट्रक्चर मिला है।
  • यह एक पत्थर का टुकड़ा है जो देखने में अंग्रेजी टोपी के आकार का है।
विज्ञापन
मंगल पर नासा का पर्सेवरेंस रोवर अब तक कई अजब चीजें खोज चुका है। यहां पर कई तरह के अजब स्ट्रक्चर पाए जा चुके हैं जिनके बारे में वैज्ञानिक भी पुख्ता रूप से कुछ कह नहीं सके हैं। अब पर्सेवरेंस रोवर को मंगल की सतह पर एक और अजब पत्थर मिला है। यह देखने में काफी रोचक है क्योंकि इसका आकार फैशन से भी जुड़ा हुआ है। नासा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इसे शेयर किया है। आइए जानते हैं इस नई खोज के बारे में। 

लाल ग्रह मंगल पर नासा का पर्सेवरेंस रोवर लगातार नई नई खोजें कर रहा है। अब रोवर को मंगल पर एक अजब तरह का स्ट्रक्चर मिला है। यह एक पत्थर का टुकड़ा है जो देखने में अंग्रेजी टोपी के आकार का है। फोटो को रोवर पर लगे Mastcam-Z कैमरा ने कैप्चर किया है। इसे अंग्रेजी में सोम्ब्रेरो रॉक कहा है यानी कि टोपी के आकार की चट्टान। रोवर को यह मार्जिन यूनिट पर घूमने के दौरान मिला है। वैज्ञानिकों को ये टोपी का आकार काफी रोचक लगा है और उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताने की कोशिश की है। 

इस अजब स्ट्रक्चर के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक खास प्रक्रिया के दौरान बनता है जिसे अंग्रेजी में केस हार्डनिंग कहते हैं। इसमें किसी चट्टान की बाहरी परत किसी केमिकल प्रक्रिया के दौरान सख्त हो जाती है, और भीतरी हिस्सा नर्म रह जाता है। या फिर इसका उल्टा भी हो जाता है। ऐसे में धीरे धीरे समय के साथ जब चट्टान घिसती चली जाती है तो इस तरह का खोखला स्ट्रक्चर बन जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चट्टान की बाहरी और भीतरी बनावट में इस अंतर के बारे में स्टडी करके इस एरिया के भूवैज्ञानिक इतिहास का भी पता लगाया जा सकता है। 

मार्जिन यूनिट से यह सैम्पल लेकर रोवर इस मिशन में अगले पड़ाव पर चल पड़ा है जिसका नाम जुराबी पॉइंट बताया गया है। यह वह जगह है जहां पर तीन अलग अलग भूवैज्ञानिक यूनिट एक दूसरे को काटती हैं। इनमें बाउल्डर रिच यूनिट, ऊपरी फैन सेडिमेंट्री चट्टान, और मार्जिन यूनिट शामिल हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से यह पॉइंट काफी महत्वपूर्ण है, और इसे ट्रिपल जंक्शन कहा गया है। इससे मंगल के भूविज्ञान को और गहराई से समझने में मदद मिलेगी। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Mars, NASA, Perseverance Mars rover, sombrero rock
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. UAN अब सिर्फ UMANG ऐप के जरिए होगा एक्टिवेट, EPFO ने किया बदलाव, जानें कैसे
  2. SIR को लेकर कन्फ्यूज? चुनाव आयोग ने बताया कब मांगे जाएंगे डॉक्यूमेंट्स और कौनसे होंगे मान्य
  3. Google Maps और Gemini से ली मदद, 1990 में उधार लिया पैसा चुकाने पहुंचे 1200 किमी दूर
  4. 7000mAh बैटरी वाले Moto G77 Power की सेल लाइव, लिमिटेड टाइम के लिए ₹2 हजार ऑफ!
  5. Kia ला रही है Tata Nexon EV का जवाब! लॉन्च से पहले सड़कों पर दिखी Syros EV
  6. हंगामे के बाद Meta का यू-टर्न! Instagram में बिना बताए बन रही थीं यूजर्स की AI इमेज, अब हटाया फीचर
  7. Lava Virat V1 5G, Virat V1 4G की लॉन्च डेट आई सामने, डिजाइन से लेकर कलर ऑप्शन का खुलासा, जानें
  8. URBN Atom Link: 5 इन 1 पावर बैंक, जो फोन के पीछे चिपककर करेगा चार्ज!
  9. भारत को बड़ी उपलब्धि, ISRO ने पूरे किए गगनयान के 3 टेस्ट, लैंडिग पर समुद्र में भी नहीं डूबेंगे अंतरिक्षयात्री
  10. Messenger पर कर पाएंगे सीक्रेट बातचीत, Facebook तक को नहीं लगेगी भनक, जानें कैसे
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »