NASA के फंसे हुए एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाने के लिए ISS पर पहुंचा स्पेसक्राफ्ट

विलियम्स और विल्मोर को लेकर SpaceX का स्पेसक्राफ्ट अगले सप्ताह बुधवार को ISS से रवाना हो सकता है। हालांकि, इसकी वापसी की फ्लाइट की तिथि मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 16 मार्च 2025 15:49 IST
ख़ास बातें
  • NASA का Crew-10 मिशन शुक्रवार को लॉन्च किया गया था
  • इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स को भेजा गया है
  • इन एस्ट्रोनॉट्स को विलियम्स और विल्मोर ISS पर जिम्मेदारियां सौंपेगे

इन एस्ट्रोनॉट्स की वापसी की फ्लाइट की तिथि मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पिछले कई महीनों से फंसे NASA के एस्ट्रोनॉट्स Sunita Williams और Butch Wilmore की अगले सप्ताह धरती पर वापसी हो सकती है। इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स को लाने के लिए बिलिनेयर Elon Musk की कंपनी SpaceX का स्पेसक्राफ्ट पहुंच गया है। 

NASA का Crew-10 मिशन शुक्रवार को लॉन्च किया गया था। NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से Falcon 9 रॉकेट के जरिए Dragon स्पेसक्राफ्ट पर Crew-10 मिशन को लॉन्च किया गया था। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स को भेजा गया है। इनमें एस्ट्रोनॉट्स Anne McClain (कमांडर) और Nichole Ayers (पायलट)  के साथ मिशन के स्पेशिलिस्ट्स जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के एस्ट्रोनॉट, Takuya Onishi और रूस की स्पेस एजेंसी Roscosmos के कॉस्मोनॉट, Kirill Peskov हैं। इन एस्ट्रोनॉट्स को विलियम्स और विल्मोर ISS पर जिम्मेदारियां सौंपेगे। इसके बाद इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी होगी। 

विलियम्स और विल्मोर को लेकर SpaceX का स्पेसक्राफ्ट अगले सप्ताह बुधवार को ISS से रवाना हो सकता है। हालांकि, इसकी वापसी की फ्लाइट की तिथि मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। अमेरिका के प्रेसिडेंट Donald Trump और मस्क यह आरोप लगा चुके हैं कि पूर्व प्रेसिडेंट Joe Biden ने जानबूझ कर इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स की वापसी को टाल दिया था। 

पिछले वर्ष जून में ये दोनों एस्ट्रोनॉट कुछ दिन के मिशन पर ISS पर गए थे। हालांकि, स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण ये फंस गए थे। Boeing के Starliner स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण विलियम्स और विल्मोर की वापसी नहीं हो सकी थी। स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को ISS तक पहुंचने में मुश्किलें हो रही थी। इस स्पेसक्राफ्ट से हीलियम का लीक होना एक बड़ी मुश्किल थी। ISS की कमान रूस के एस्ट्रोनॉट Oleg Kononenko ने विलियम्स को सौंपी थी। कुछ महीने पहले विलियम्स ने एक वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में धरती पर वापसी में देरी पर अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने ISS को एक 'खुशगवार स्थान' बताया था।  विलियम्स का कहना था कि उनके पिछले अनुभव के कारण अंतरिक्ष में जीवन को लेकर एडजस्टमेंट ज्यादा मुश्किल नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह माना था कि ISS पर उनका स्टे बढ़ने से कुछ तनाव है लेकिन वह मिशन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने कहा था कि इस प्रकार की चुनौतियां देश के महत्वाकांक्षी Gaganyaan मिशन के लिए महत्वपूर्ण सीख होगी। 

 
 

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