• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य से निकल रहीं रहस्‍यमयी तरंगें, क्‍या चल रहा है इस विशाल तारे के अंदर?

सूर्य से निकल रहीं रहस्‍यमयी तरंगें, क्‍या चल रहा है इस विशाल तारे के अंदर?

इस रिसर्च को न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) ने मिलकर किया है।

सूर्य से निकल रहीं रहस्‍यमयी तरंगें, क्‍या चल रहा है इस विशाल तारे के अंदर?

Photo Credit: Unsplash/Nasa

रिसर्च का सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि ये तरंगें मौजूदा थ्‍योरी से भी तीन गुना ज्‍यादा तेज रफ्तार से आगे बढ़ती हैं।

ख़ास बातें
  • ये हाई-फ्रीक्‍वेंसी रेट्रोगेट (HFR) तरंगें है, जो भंवरों के रूप में हैं
  • ये तरंंगें सूर्य के रोटेशन की उल्‍टी दिशा में चलती हैं
  • फ‍िलहाल रिसर्चर्स समझना चाह रहे हैं कि तरंगें इतनी तेज को चलती हैं
विज्ञापन
सूर्य में होने वाली हलचलों पर नजर रखने वाले रिसर्चर्स ने रहस्‍यमयी वेव्‍स (तरंगों) के ग्रुप का पता लगाया है। ये तरंगें सूर्य से निकलती हैं और पहले लगाए गए अनुमान से भी तीन गुना तेज यात्रा करती हैं। रिसर्चर्स को लगता है कि ये तरंगें उन्हें सूर्य के अंदरूनी हिस्सों को समझने में मदद कर सकती हैं। करीब 25 साल के डेटा को स्‍टडी करने के बाद इन तरंगों की खोज हुई है। ये हाई-फ्रीक्‍वेंसी रेट्रोगेट (HFR) तरंगें है, जो सौर सतह पर भंवरों के रूप में दिखाई देती हैं और सूर्य के रोटेशन की उल्‍टी दिशा में चलती हैं।

इस रिसर्च को न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) ने मिलकर किया है। रिसर्च का सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि ये तरंगें मौजूदा थ्‍योरी से भी तीन गुना ज्‍यादा तेज रफ्तार से आगे बढ़ती हैं। सूर्य के आंतरिक क्षेत्रों में क्‍या हो रहा है, इसके लिए भी इन तरंगों की स्‍टडी जरूरी है। तारों को अबतक जितना समझा गया है, उसमें HFR तरंगें नई पहले साबित हो सकती हैं। फ‍िलहाल तो रिसर्चर्स यह समझना चाह रहे हैं कि आखिर क्‍यों ये तरंगें इतनी तेज गत‍ि से चलती हैं। 

नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित अपने अध्ययन में रिसर्चर्स ने लिखा है कि इन तरंगों का यह अनजाना स्‍वभाव इनके फ‍िजिक्‍स और सोलर डायनैमिक्‍स के बारे में और समझने को कहता है। HFR तरंगों का अस्तित्व और उनकी उत्पत्ति एक रहस्य है। यह सूर्य के अंदर हो रही हलचलों को समझने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इन तरंगों का अध्ययन करके पृथ्वी और हमारे सौर मंडल के दूसरे ग्रहों पर सूर्य के असर को समझ सकेंगे।

विज्ञान से जुड़ी अन्‍य खबरों की बात करें, तो हाल ही में वैज्ञानिकों ने हमारे सौर मंडल के बाहर 5000 से ज्‍यादा ग्रहों के होने की पुष्टि की है। आज से कई साल पहले तक वैज्ञानिकों को चुनिंदा ग्रहों के बारे में जानकारी थी, लेकिन दुनिया को जानने की उत्‍सुकता ने उन्‍हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया है। अपने एक्सोप्लैनेट आर्काइव में नासा ने 65 ग्रहों का नया बैच शामिल किया है, जो हमारी मौजूदा सोलर फैमिली के बाहर हैं। इस तरह सौर मंडल के बाहर 5000 से ज्‍यादा ग्रह बीते 30 साल में खोजे जा चुके हैं। एक्सोप्लैनेट आर्काइव उन खोजों को रिकॉर्ड करता है, जिन्‍हें पहचानने के लिए कई तरीके इस्‍तेमाल किए जाते हैं और फ‍िर उनके होने की पुष्टि की जाती है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. RedMagic Gaming Tablet 5 Pro में मिलेगा 9.06 इंच OLED पैनल, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  2. ईरान में सरकार को गिराने के लिए इजरायल पर स्टारलिंक के इंटरनेट रिसीवर भेजने का आरोप
  3. Apple जल्द लॉन्च कर सकती है फोल्डेबल iPhone, OLED पैनल की शुरू हुई मैन्युफैक्चरिंग 
  4. 5,160 mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi 17C, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. 'पैसे नहीं दिए तो सब लीक...', Tata Electronics को हैकर्स की धमकी; 630GB डेटा, Apple-Tesla सीक्रेट्स खतरे में?
  6. Vivo X Fold 6 में मिल सकते हैं 4 स्टोरेज वेरिएंट्स, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  7. Motorola Edge 70 Max के जल्द लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  8. WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
  9. Realme P4x 4G 50 मेगापिक्सल कैमरा, 8000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. Samsung Galaxy M47 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »