• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • लाखों साल पहले इस प्रजाति को हुआ था ग्‍लोबल वॉर्मिंग से बड़ा ‘फायदा’, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा

लाखों साल पहले इस प्रजाति को हुआ था ग्‍लोबल वॉर्मिंग से बड़ा ‘फायदा’, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्गैज्‍म‍िक एंड इवोल्यूशनरी बायोलॉजी और म्यूजियम ऑफ कम्पेरेटिव जूलॉजी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि सरीसृपों का विकास बहुत पहले शुरू हो गया था।

लाखों साल पहले इस प्रजाति को हुआ था ग्‍लोबल वॉर्मिंग से बड़ा ‘फायदा’, नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा

रिसर्च में पता चला है कि सरीसृपों के तेजी से विकास की अवधि बढ़ते तापमान से जुड़ी हुई थी।

ख़ास बातें
  • 252 मिलियन साल पहले विलुप्‍त हो गईं थी जानवरों की प्रजातियां
  • इससे पृथ्‍वी पर सरीसृपों (reptiles) की आबादी तेजी से बढ़ी
  • इसकी बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन थी
विज्ञापन
पर्मियन भूगर्भिक काल (Permian geologic period) हमारी पृथ्‍वी के इतिहास में काफी महत्‍वपूर्ण है। इस काल के आखिर में प्रजातियों के दो सबसे बड़े सामूहिक विनाश हुए थे। इस विनाश को आप यूं समझ सकते हैं कि 252 मिलियन साल पहले हुई विलुप्ति में सभी जानवरों की प्रजातियों में से 86 फीसदी का धरती से सफाया हो गया। इस घटना ने एक नए युग की शुरुआत को भी चिह्नित किया और पृथ्‍वी पर सरीसृपों (reptiles) की आबादी तेजी से बढ़ी। अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि सरीसृपों की संख्या में बढ़ोतरी और उनका विकास उनके प्रतिस्पर्धियों के विलुप्त होने के कारण हुआ। लेकिन एक नई स्‍टडी से संकेत मिलता है कि बड़े पैमाने पर प्रजातियों के विलुप्त होने के बजाए ग्लोबल वार्मिंग यानी जलवायु परिवर्तन, सरीसृप आबादी और डायवर्सिर्टी की बढ़ोतरी की वजह बना। 

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्गैज्‍म‍िक एंड इवोल्यूशनरी बायोलॉजी और म्यूजियम ऑफ कम्पेरेटिव जूलॉजी के रिसर्चर्स ने यह खुलासा किया है। उन्‍होंने कहा है कि सरीसृपों का विकास बहुत पहले शुरू हो गया था। 

पोस्‍टडॉक्‍टरल फैलो टियागो आर सिमोस ने कहा, हमने अपनी रिसर्च में पाया है कि सरीसृपों के तेजी से विकास की ये अवधि बढ़ते तापमान से जुड़ी हुई थी। कुछ ग्रुप्‍स वास्तव में तेजी से बदले और कुछ कम तेजी से। लेकिन लगभग सभी सरीसृप पहले की तुलना में बहुत तेजी से विकसित हो रहे थे। सिमोस, साइंस एडवांस में प‍ब्‍लिश हुई स्‍टडी के प्रमुख लेखक भी हैं।

रिसर्च टीम ने शुरुआती एमनियोट्स (amniotes) को एग्‍जामिन किया। ये पक्षियों, सरीसृपों और उनके नजदीकी विलुप्त हो चुके रिश्तेदारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। रिसर्चर्स ने 125 प्रजातियों के 1,000 से अधिक जीवाश्म नमूनों के डेटा कलेक्‍शन का इस्‍तेमाल करके एक डेटासेट बनाया। रिसर्चर्स ने डेटा का विश्लेषण किया और इन प्रजातियों की उत्पत्ति और उनके विकास की गति का पता लगाने की कोशिश की।

रिसर्चर्स ने पाया कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की तेज अवधि ज्‍यादातर सरीसृपों में शारीरिक परिवर्तन से जुड़ी हुई थी। सरीसृप ने खुद को बदलते हुए पर्यावरण के अनुकूल बना लिया था। टीम को पता चला है कि उस दौरान सरीसृपों के शरीर के आकार में बदलाव हुआ। डेटा विश्‍लेषण ने बताया कि सरीसृपों के शरीर पर जलवायु का दबाव बहुत अधिक था। हालांकि बहुत तेजी से उन्‍होंने खुद को पर्यावरण के हिसाब से ढाल लिया था। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon की समर सेल में प्रमुख ब्रांड्स के लैपटॉप्स पर भारी डिस्काउंट
  2. Sony Xperia 1 VIII जल्द होगा लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Insta360 Luna Ultra की पहली झलक! 8K वीडियो के साथ होगा रिमोट कंट्रोल फीचर!
  4. 5 एस्टरॉयड का पृथ्वी पर हमला, नासा की बड़े खतरे की घंटी!
  5. Amazon सेल में Samsung, Redmi, OnePlus जैसे फोन 16 हजार तक सस्ते! जानें पूरी लिस्ट
  6. Oppo K15 में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, Snapdragon 6 Gen 5 चिप!
  7. दीवारघड़ी के सैल जितना छोटा पावरबैंक! इमरजेंसी में पावर का साथी, जानें कीमत
  8. 100 इंच बड़े टीवी Samsung ने भारत में किए लॉन्च, 4K डिस्प्ले से लैस, जानें कीमत
  9. 6 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी वाला धांसू फोन
  10. Xiaomi 17 Max में 8000mAh बैटरी के साथ होगा 100W फास्ट चार्जिंग फीचर!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »