भारत की 2027 में चंद्रयान-4 के लॉन्च की तैयारी, चंद्रमा से लाए जाएंगे सैम्पल

हाल ही में ISRO ने अपना 100वां मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन में आंध्र प्रदेश के Sriharikota के स्पेसपोर्ट से नेविगेशन सैटेलाइट एक GSLV रॉकेट से लॉन्च किया गया था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 फरवरी 2025 16:38 IST
ख़ास बातें
  • इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा से सैम्पल वापस धरती पर लाने का है
  • इससे स्पेस रिसर्च में भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताएं बढ़ेंगी
  • हाल ही में ISRO ने अपना 100वां मिशन लॉन्च किया था

ISRO की कुछ बहुत महत्वपूर्ण मिशंस को लॉन्च करने की तैयारी है

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद भारत की चंद्रयान-4 के लॉन्च की योजना है। देश के स्पेस एक्सप्लोरेशन के प्रयासों में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा से सैम्पल वापस धरती पर लाना होगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में पांच अलग कंपोनेंट्स को ले जाने के लिए LVM-3 रॉकेट के कम से कम दो लॉन्च की जरूरत होगी। 

यह चंद्रमा से सैम्पल लाने की देश की पहली कोशिश होगी। इससे स्पेस रिसर्च में भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताएं बढ़ेंगी। साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Jitendra Singh ने बताया, "चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य चंद्रमा की सतह से सैम्प्ल वापस धरती पर लाने का है।" आगामी वर्षों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की कुछ बहुत महत्वपूर्ण मिशंस को लॉन्च करने की तैयारी है। इनमें Gaganyaan मिशन भी शामिल है। इस मिशन में एस्ट्रोनॉट्स को लो-अर्थ ऑर्बिट में भेजा जाएगा। गगनयान मिशन को अगले वर्ष लॉन्च किया जाना है। 

हाल ही में ISRO ने अपना 100वां मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन में आंध्र प्रदेश के Sriharikota के स्पेसपोर्ट से नेविगेशन सैटेलाइट एक GSLV रॉकेट से लॉन्च किया गया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप में यूजर्स को सटीक पोजिशन, वेलोसिटी और टाइमिंग उपलब्ध कराने के लिए नेविगेशन विद द इंडियन कॉन्स्टेलेशन (NavIC) सीरीज में दूसरा सैटेलाइट है। NavIC में पांच सेकेंड जेनरेशन सैटेलाइट शामिल हैं। NVS-02 का डिजाइन और डिवेलपमेंट U R Satellite Centre ने किया है। इसका भार लगभग 2,250 किलोग्राम का है। इसके पास L1, L5 और S बैंड्स में नेविगेशन पेलोड हैं। 

पिछले सैटेलाइट NVS-01 की तरह इस पर C-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी है। हाल ही में ISRO ने स्पेस डॉकिंग की क्षमता को हासिल करने में कामयाबी पाई थी। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत यह क्षमता हासिल करने वाला चौथा देश बन गया है। पिछले वर्ष के अंत में लॉन्च किए गए ISRO के SpaDeX मिशन के प्रमुख लक्ष्यों में स्पेस डॉकिंग प्रोसेस शामिल था। यह क्षमता भविष्य में ह्युमन और स्पेश मिशंस के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस बड़ी सफलता पर ISRO की टीम को बधाई दी थी। मोदी ने कहा था कि आने वाले वर्षों में देश के महत्वाकांक्षी स्पेस मिशंस के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Sony Xperia 1 VIII में मिल सकता है स्क्वेयर कैमरा आइलैंड, जल्द लॉन्च की तैयारी
  2. Samsung Galaxy S26 सीरीज के फोन 19 हजार रुपये तक हुए सस्ते! कंपनी ने गिराई कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung के ट्रिपल फोल्ड स्मार्टफोन की बंद हुई बिक्री, जानें कारण....
  2. Sony Xperia 1 VIII में मिल सकता है स्क्वेयर कैमरा आइलैंड, जल्द लॉन्च की तैयारी
  3. सूरज की आग से धूमकेतु हो गया राख! नासा ने दिखाईं गजब तस्वीरें
  4. Xiaomi ने बिजली बचाने वाला नया AC किया लॉन्च, पावरफुल कम्प्रेसर से लैस, जानें कीमत
  5. Realme का सस्ता फोन C81 हो सकता है 6300mAh बैटरी से लैस! फीचर्स लीक
  6. Asteroid Alert: 54 फीट तक बड़े 2 एस्टरॉयड का आज पृथ्वी की तरफ निशाना
  7. Ola इलेक्ट्रिक टूव्हीलर पर 50 हजार रुपये का डिस्काउंट! अक्षय तृतीया पर कंपनी का जबरदस्त ऑफर
  8. Samsung Galaxy S26 सीरीज के फोन 19 हजार रुपये तक हुए सस्ते! कंपनी ने गिराई कीमत
  9. Google Pixel 8a पर सबसे बड़ा डिस्काउंट, आधी से भी कम कीमत में खरीदें 64MP कैमरा वाला फोन
  10. भारत में महंगे होंगे BYD के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, तीन प्रतिशत तक बढ़ेंगे प्राइसेज
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.