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DART मिशन : Nasa के स्‍पेसक्राफ्ट की टक्‍कर से 10 हजार किलोमीटर तक फैला एस्‍टरॉयड का मलबा, देखें तस्‍वीर

DART Mission : तस्‍वीर बताती है कि मलबा आपस में जुड़कर एक पूंछ के आकार में अंतरिक्ष में फैल गया। ध्‍यान रहे कि 26 सितंबर को DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

DART मिशन : Nasa के स्‍पेसक्राफ्ट की टक्‍कर से 10 हजार किलोमीटर तक फैला एस्‍टरॉयड का मलबा, देखें तस्‍वीर

Photo Credit: NOIRLab

DART Mission : ऐसा करके वैज्ञानिक यह परखना चाहते हैं कि भविष्‍य में जब कोई एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी की ओर आएगा तो इस तकनीक की मदद से क्‍या उसकी दिशा बदली जा सकेगी।

ख़ास बातें
  • डिमोर्फोस से निकला मलबा हजारों मील तक फैल गया
  • 26 सितंबर को DART स्‍पेसक्राफ्ट डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था
  • इस टक्‍कर का आकलन कर रहे हैं वैज्ञानिक
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का DART मिशन कितना सफल रहा, इसका अंदाजा लगाया जाने लगा है। एक नई और आश्चर्यजनक इमेज से पता चलता है कि डबल एस्‍टरॉयड रीडायरेक्‍शन टेस्‍ट (DART) स्‍पेसक्राफ्ट जब डिमोर्फोस एस्‍टरॉयड से टकराया, उसके बाद डिमोर्फोस से निकला मलबा हजारों मील तक फैल गया। तस्‍वीर बताती है कि मलबा आपस में जुड़कर एक पूंछ के आकार में अंतरिक्ष में फैल गया। ध्‍यान रहे कि 26 सितंबर को DART स्‍पेसक्राफ्ट जानबूझकर डिमोर्फोस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

डिमोर्फोस एक छोटा एस्‍टरॉयड उपग्रह है जिसे साल 2003 में खोजा गया था। यह एस्‍टरॉयड डिडिमोस का एक चंद्रमा है। डिमोर्फोस से पृथ्‍वी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन इस पर गतिज प्रभाव तकनीक (kinetic impact technique) का परीक्षण दुनिया में पहली बार किया गया। ऐसा करके वैज्ञानिक यह परखना चाहते हैं कि भविष्‍य में जब कोई एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी की ओर आएगा तो इस तकनीक की मदद से क्‍या उसकी दिशा बदली जा सकेगी। 

स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार,  स्‍पेसक्राफ्ट की एस्‍टरॉयड से टक्‍कर के बाद डिमोर्फोस की इस तस्‍वीर को लोवेल ऑब्जर्वेटरी के खगोलविद टेडी करेटा और US नेवल एकेडमी के मैथ्यू नाइट ने SOAR नाम के टेलिस्‍कोप की मदद से चित्रित किया है। एक बयान में टेडी करेटा ने कहा कि टक्‍कर के बाद के दिनों में इतनी स्पष्ट संरचना को कैप्‍चर करना पाना आश्चर्यजनक है।

डिमोर्फोस से कितना मलबा अंतरिक्ष में फैला, यह अवलोकन वैज्ञानिकों को इस एस्‍टरॉयड की सतह को बेहतर ढंग से निर्धारित करने में मदद करेगा। SOAR टेलिस्‍कोप से ली गई इमेज में दाहिने किनारे पर एक पूंछ के रूप में डिर्मोफोस का मलबा फैला हुआ दिखाई देता है। जिस समय इमेज ली गई, उस समय खगोलविदों ने अनुमान लगाया था कि यह पूंछ लगभग 10,000 किलोमीटर लंबी थी। 

SOAR डेटा की मदद से भी वैज्ञानिक DART एस्‍टरॉयड के प्रभाव का निरीक्षण करना जारी रखेंगे। स्‍पेसक्राफ्ट की टक्‍कर से एस्‍टरॉयड पर कितना असर हुआ, दिशा में कितना बदलाव हुआ, यह आकलन करने में अभी वक्‍त लगेगा, लेकिन जो परिणाम सामने आ रहे हैं, उससे यह उम्‍मीद की जानी चाहिए कि वैज्ञानिक अपनी कोशिश में सफल हुए हैं और भविष्‍य में एस्‍टरॉयड के खतरे से पृथ्‍वी को बचाने की उनकी कोशिश सफल हो सकती है।   
 

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