'चांद की रेत' से रॉकेट को पावर! अंतरिक्ष कंपनी Blue Origin ने बनाई AI पावर्ड बैटरी

रेत से बिजली बनाने वाला डिवाइस AI पावर्ड है और Istari Digital स्टार्टअप द्वारा बनाया गया है।

'चांद की रेत' से रॉकेट को पावर! अंतरिक्ष कंपनी Blue Origin ने बनाई AI पावर्ड बैटरी

Photo Credit: Shutterstock

Blue Origin अंतरिक्ष कंपनी ने एक क्रांतिकारी खोज की है जो रॉकेट ईंधनों की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है।

ख़ास बातें
  • चांद पर पाई जाने वाली रेत से बिजली पैदा कर सकता है नया डिवाइस
  • यह एक वैक्यूम डिवाइस बताया जा रहा है
  • यह डिवाइस AI पावर्ड है और Istari Digital स्टार्टअप द्वारा बनाया गया है
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अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट्स को अब 'चांद की रेत' से पावर दी जाएगी। अंतरिक्ष की दुनिया में Blue Origin एक क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है जिसके बाद रॉकेट में ईंधन के लिए चांद की रेत का इस्तेमाल किया जा सकेगा। Jeff Bezos की कंपनी ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है जो चांद की रेत से ऊर्जा पैदा कर सकता है। इस ऊर्जा को कंपनी अपने रॉकेट्स के लिए ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की प्लानिंग कर रही है। आइए जानते हैं कि कैसे काम करेगा यह डिवाइस जो आने वाले समय में अंतरिक्ष अभियानों और रॉकेट ईंधनों को एक नई दिशा दे सकता है।  

Blue Origin अंतरिक्ष कंपनी ने एक क्रांतिकारी खोज की है जो रॉकेट ईंधनों की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है। Wall Street Journal के अनुसार, कंपनी ने एक ऐसा डिवाइस तैयार कर लिया है जो चांद पर पाई जाने वाली रेत से बिजली पैदा कर सकता है। यह एक वैक्यूम डिवाइस बताया जा रहा है जो रेत को प्रोसेस करके उसे इलेक्ट्रिसिटी में बदल देता है। इस प्रयोग से अंतरिक्ष अभियानों के रॉकेट ईंधन उपलब्धता की एक बड़ी समस्या हल हो सकती है। यह डिवाइस AI पावर्ड है और Istari Digital स्टार्टअप द्वारा बनाया गया है। 

कंपनी ने इस वैक्यूम डिवाइस को Amazon ReInvent Event 2025 में पेश किया था जो Las Vegas में आयोजित किया गया था। Istarti Digital के सीईओ विल रोपर का कहना है कि डिवाइस चांद की रेत को अपने अंदर सोख लेता है और रेत में मौजूद हीट को बिजली में परिवर्तित कर देता है। इस बिजली को रॉकेट को पावर देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी रेत को यह बैटरी जैसे पावर सोर्स में बदल देता है। 

इस खोज से आने वाले चांद मिशनों की दिशा बदल जाएगी। क्योंकि हर 28 दिन बाद चांद पर दो हफ्तों के लिए घनी अंधेरी और ठंडी रातें आती हैं जिनमें हर तरह का डिवाइस काम करना बंद कर देता है। यह वह समय होता है जब चांद पर मौजूद स्पेस क्राफ्ट का हार्डवेयर काम करना बंद कर देता है। ऐसे में स्पेस क्राफ्ट को किसी हाल में भी पावर देना संभव नहीं हो पाता है। लेकिन चांद की रेत से बिजली बनाने की यह नई AI डिवाइस इस समस्या को हमेशा के लिए हल कर सकती है। 
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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