• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 33 हजार फीट गहरा गड्ढा खोद रहा है चीन धरती के सीने में! अब क्या है चीन का मकसद?

33 हजार फीट गहरा गड्ढा खोद रहा है चीन धरती के सीने में! अब क्या है चीन का मकसद?

अन्य मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पृथ्वी की सतह में ये गड्ढा करना पृथ्वी की सतह के बारे में खोजबीन करने के लिए हो सकता है।

33 हजार फीट गहरा गड्ढा खोद रहा है चीन धरती के सीने में! अब क्या है चीन का मकसद?

Photo Credit: Bloomberg

चीन धरती में अब तक का सबसे गहरा गड्ढा खोदने जा रहा है। यह Xinjiang क्षेत्र में खोदा जा रहा है

ख़ास बातें
  • चीन धरती की सतह में 10 हजार मीटर गहरा गड्ढा खोद रहा है
  • यह Xinjiang क्षेत्र में खोदा जा रहा है जिसमें चीन के भारी तेल भंडार हैं
  • 2021 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिया था प्रोजेक्ट का संकेत
विज्ञापन
चीन धरती की सतह में 10 हजार मीटर गहरा गड्ढा खोद रहा है। यह गहराई 32 हजार फीट से ज्यादा है। पृथ्वी की सतह को तीन परतों में बांटा गया है। इसमें सबसे ऊपर क्रस्ट, उसके नीचे मेंटल, और अंत में कोर आती है। चीन पृथ्वी के क्रस्ट में छेद करने पर तुला है। आखिर क्या वजह है कि चीन धरती के सीने में यह 33 हजार फीट का गहरा छेद करने जा रहा है। आइए आपको पूरा मामला बताते हैं। 

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कही जाती है। चीन धरती में अब तक का सबसे गहरा गड्ढा खोदने जा रहा है। यह Xinjiang क्षेत्र में खोदा जा रहा है जिसमें चीन के भारी तेल भंडार मौजूद हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, Xinhua News Agency के हवाले से यह जानकारी दी गई है। यह गड्ढा बीते मंगलवार को खोदना शुरू किया गया था। उसी दिन की सुबह को चीन ने गोबी मरुस्थल से स्पेस में अपना पहला सिविलियन भेजा था। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि एक पतली सी शाफ्ट धरती में 10 महाद्वीपीय स्तर या परतों को भेदेगी जिसमें चट्टानें होंगीं। फिर यह खोदते हुए धरती के क्रीटेशस सिस्टम में पहुंचेगा। यहां के लिए बताया गया है कि यहां कुछ 14.5 करोड़ साल पुरानी चट्टानें मौजूद हैं। न्यूज एजेंसी को चाइनीज एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के एक वैज्ञानिक ने बताया कि यह गड्ढा खोदना ऐसा है जैसा कि एक बड़े ट्रक को स्टील के दो पतले से तारों पर चलाना। 

अन्य मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पृथ्वी की सतह में ये गड्ढा करना पृथ्वी की सतह के बारे में खोजबीन करने के लिए हो सकता है। इस तरह के प्रोजेक्ट के जरिए भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी आपदाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है। जिससे आने वाली आपदा के बारे में पहले से ही लोगों को अलर्ट किया जा सकेगा। वहीं, 2021 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी पृथ्वी की गहन की खोज की बात एक भाषण में की थी। कहा जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट उसी से संबंधित है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 6,500mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Vivo X300 FE, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Samsung Galaxy A57, Galaxy A37 की बढ़ेगी कीमत! लॉन्च से पहले खुलासा
  3. Tecno लाई सस्ता फोन Pop X, 5000mAh बैटरी, 120Hz, बिना नेटवर्क भी होती है कॉलिंग! जानें कीमत
  4. Apple ने M5 Pro, M5 Max चिपसेट के साथ पेश किए नए MacBook Pro मॉडल, जानें फीचर्स
  5. WhatsApp पर आने वाले विज्ञापन से हो गए हैं परेशान तो ऐसे करें बंद
  6. MWC 2026: मोबाइल नहीं, ट्यूबलाइट! दुनिया का सबसे चमकीला डिस्प्ले 15000 निट्स, TCL CSOT ने किया लॉन्च
  7. MacBook Air M5 लॉन्च, 32GB तक रैम, 4TB तक स्टोरेज के साथ दमदार M5 चिप, जानें कीमत
  8. आपका लैपटॉप नहीं हो रहा Wifi से कनेक्ट, ऐसे कर सकते हैं परेशानी को दूर
  9. MWC 2026: Nubia Neo 5 GT लॉन्च हुआ 6210mAh बैटरी, 144Hz डिस्प्ले के साथ, धांसू गेमिंग फीचर्स
  10. 5 हजार सस्ता खरीदें Motorola का धांसू फोन, 50MP कैमरा, 5500mAh बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »