• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पृथ्‍वी से 3000 प्रकाश वर्ष दूर मिला ‘ब्लैक विडो’ स्‍टार, जानें इसके बारे में

पृथ्‍वी से 3000 प्रकाश वर्ष दूर मिला ‘ब्लैक विडो’ स्‍टार, जानें इसके बारे में

मैसाचुसेट्स इंस्टि‍ट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी (MIT) के रिसर्चर्स ने इस नए ब्‍लैक विडो स्‍टार का पता लगाया है।

पृथ्‍वी से 3000 प्रकाश वर्ष दूर मिला ‘ब्लैक विडो’ स्‍टार, जानें इसके बारे में

इसका नाम ZTF J1406+1222 रखा गया है।

ख़ास बातें
  • यह तेजी से घूमने वाला पल्सर या न्यूट्रॉन तारा हो सकता है
  • यह अपने छोटे और सहयोगी तारे को धीरे-धीरे खाकर पनपता है
  • मैसाचुसेट्स इंस्टि‍ट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी (MIT) के रिसर्चर्स ने इसे खोजा है
विज्ञापन
हमारा ब्रह्मांड रहस्यों से भरा है, जहां लाखों ऑब्‍जेक्‍ट्स घूम रहे हैं। हमारी आकाशगंगा में ऐसी बहुत सी चीजें हैं, जो छुपी हुई हैं। हम उनमें से बहुत कम के बारे में जानते हैं। हालांकि वो हमारे जीवन को किसी ना किसी रूप में प्रभावित करती हैं। इन पर स्‍टडी करने की कोशिशें होती रही हैं। ऐसे ही एक ऑब्‍जेक्‍ट का पता खगोलविदों ने लगाया है, जो पृथ्‍वी से लगभग 3,000 से 4,000 प्रकाश वर्ष दूर है। इससे रहस्यमयी रोशनी निकलती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चीज एक ‘ब्लैक विडो' स्‍टार हो सकती है, जो तेजी से घूमने वाला पल्सर या न्यूट्रॉन तारा हो सकता है। यह ऐसा तारा होता है, जो अपने छोटे और सहयोगी तारे को धीरे-धीरे खाकर पनपता है।

ब्लैक विडो स्टार काफी दुर्लभ हैं। खगोलविद मिल्की वे यानी हमारी आकाशगंगा में ऐसे सिर्फ दो दर्जन स्‍टार का ही पता लगा पाए हैं। मैसाचुसेट्स इंस्टि‍ट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी (MIT) के रिसर्चर्स ने इस नए ब्‍लैक विडो स्‍टार का पता लगाया है। उनका मानना ​​है कि यह उन सभी ब्‍लैक विडो स्‍टार में सबसे अजीब और अनोखा ब्लैक विडो पल्सर हो सकता है। इसका नाम ZTF J1406+1222 रखा गया है।

रिसर्चर्स ने कहा है कि इस तारे की सबसे छोटे ऑर्बिटल पीरियड की पहचान भी की गई है। यह ब्‍लैक विडो स्‍टार और इसका सहयोगी तारा हर 62 मिनट में एक-दूसरे का चक्कर लगाते हैं। यह सिस्‍टम यूनिक है, क्योंकि यह एक तीसरे तारे को होस्‍ट करता है, जो हर 10,000 साल में अपने दो आंतरिक तारों की परिक्रमा करता है। 

यह थ्री-स्टार सिस्टम सवाल उठाता है कि आखिर यह सब कैसे बना होगा। MIT के रिसर्चर्स को लगता है कि यह सिस्‍टम संभवतः ग्‍लोब्‍यूलर क्लस्टर के रूप में पहचाने जाने वाले पुराने तारों के घने तारामंडल से पैदा हुआ है। हो सकता है कि यह खास सिस्‍टम अपने क्लस्टर से दूर आकाशगंगा की ओर चला गया हो। 

MIT के डिपार्टमेंट ऑफ फ‍िजिक्‍स के प्रमुख रिसर्चर और फ‍िजिसिस्‍ट केविन बर्ज ने कहा कि शायद यह सिस्‍टम हमारी आकाशगंगा में सूर्य के होने से भी पहले से मौजूद है। यह स्‍टडी नेचर जर्नल में पब्लिश हुई है। रिसर्चर्स ने इस ट्रिपल स्टार सिस्टम का पता लगाने के लिए एक नया तरीका अपनाया। उन्‍होंने इसके लिए विजिबल लाइट का इस्‍तेमाल किया। 

 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Science News, black widow, Black Widow star, Earth, Milky Way, MIT
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. BSNL का प्राइवेटाइजेशन नहीं किया जाएगा, 9 करोड़ से ज्यादा हुए कस्टमर्स
  2. 9,020mAh की बैटरी के साथ जल्द लॉन्च होगा iQOO Z11
  3. Xiaomi Book Pro 14 लैपटॉप हुआ लॉन्च, टचस्क्रीन डिस्प्ले के साथ गजब के फीचर्स से है लैस, जानें कीमत
  4. अब नए तरीके से Reels कंट्रोल कर पाएंगे आप, Instagram पर टैप टू पॉज फीचर हुआ पेश, जानें
  5. Lyne ने Rs 449 से शुरू होने वाले ईयरबड्स CoolPods 11 Pro , नेकबैंड किए लॉन्च, 60 घंटे तक बैटरी!
  6. OnePlus Nord Buds 4 Pro लॉन्च, 54 घंटे तक चलेगी बैटरी, जानें क्या हैं खासियतें
  7. Lenovo ने  9,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च किया Legion Y700 Gen 5 गेमिंग टैबलेट, जानें प्राइस, फीचर्स
  8. Apple के चीफ Tim Cook ने जल्द रिटायरमेंट लेने से किया इनकार
  9. 40°C जैसी भयंकर गर्मी में राहत देने के लिए Elista लेकर आया 4 नए Snowstorm Air Cooler, जानें सबकुछ
  10. Realme C100i में हो सकती है 6.8 इंच LCD स्क्रीन, NBTC पर हुई लिस्टिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »