OSIRIS-REx स्पेस क्राफ्ट ने सैम्पल को Bennu नामक एस्टरॉयड से उठाया है।
ख़ास बातें
यह स्पेसक्राफ्ट 7 साल की यात्रा करके लौटा है
OSIRIS-REx नासा और यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना का साझा मिशन है
यह दुनिया का तीसरा एस्टरॉयड सैम्पल लेकर आया है
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एस्टरॉयड पृथ्वी के लिए खतरनाक बताए गए हैं। नासा इनकी स्टडी कर रही है क्योंकि ये ग्रहों के बनने की प्रक्रिया का राज खोल सकते हैं। नासा कहती है कि इनकी संरचना ग्रहों जैसी ही है इसलिए इनकी स्टडी करना काफी महत्वपूर्ण है। अब इसी कड़ी में नासा का एक स्पेस कैप्सूल एस्टरॉयड का सैम्पल लेकर आ रहा है। यह सैम्पल तीन साल पहले एक एस्टरॉयड की सतह से लिया गया था। ऊटाह के मरुस्थल में इस स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग होनी है। आइए जानते हैं इसके बारे में अहम बातें।
NASA एस्टरॉयड के बारे में लगातार जानकारी जुटाने में लगी है। अब नासा के स्पेसक्राफ्ट OSIRIS-REx ने अंतरिक्ष से एक स्पेस कैप्सूल रिलीज किया है जो कि एस्टरॉयड Bennu का सैम्पल लेकर आ रहा है। इसकी लैंडिंग आज, यानी रविवार के लिए निर्धारित बताई गई थी। यह पैराशूट के माध्यम से लैंड होगा। नासा ने कहा कि कैप्सूल धरती के वायुमंडल की परत से टकराएगा जो कि साउंड की स्पीड से भी 35 गुना ज्यादा तेज स्पीड से आ रहा है। यह वायुमंडलीय परत से टकराने के बाद 13 मिनट के भीतर धरती की सतह तक पहुंचेगा।
The #OSIRISREx spacecraft has released the capsule containing a piece of asteroid Bennu. The capsule will plummet through space for four hours, enter the atmosphere over California and land about 13 minutes later in Utah. https://t.co/lK5QmILjtjpic.twitter.com/gECoNC1sHU
नासा ने कहा है कि यह स्पेसक्राफ्ट 7 साल की यात्रा करके लौटा है। OSIRIS-REx नासा और यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना का साझा मिशन है जो कि दुनिया का तीसरा एस्टरॉयड सैम्पल लेकर आया है। कहा गया है कि यह एस्टरॉयड का अब तक सबसे बड़ा सैम्पल होगा जिसकी स्टडी की जाएगी। इससे पहले जापान की स्पेस एजेंसी एस्टरॉयड के लिए 2 ऐसे ही मिशन पिछले 13 सालों में पूरे कर चुकी है।
OSIRIS-REx स्पेस क्राफ्ट ने सैम्पल को Bennu नामक एस्टरॉयड से उठाया है। यह एस्टरॉयड 1999 में खोजा गया था। यह एस्टरॉयड हर 6 साल में धरती के करीब से गुजरता है। वैज्ञानिकों ने इसके बारे में कहा है कि 22वीं सदी में इसके धरती से टकराने की संभावना 2700 में से 1 बार है। जो कि काफी कम है। यह 1600 फीट का एस्टरॉयड है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह धरती और अन्य ग्रहों के बनने की प्रक्रिया का राज खोल सकता है।
OSIRIS-REx मिशन को 2016 में लॉन्च किया गया था। यह 2018 में एस्टरॉयड Bennu के पास पहुंच गया था। दो साल तक यह एस्टरॉयड के चक्कर लगाता रहा। उसके बाद 20 अक्टूबर 2020 को इसने एस्टरॉयड का सैम्पल लिया। सैम्पल का वजन 250 ग्राम बताया जा रहा है। यह इससे पहले आए दोनों सैम्पलों से ज्यादा है। 2010 में एस्टरॉयड Itokawa से सैम्पल लाया गया था। उसके बाद 2020 में एस्टरॉयड Ryugu से सैम्पल लाया गया था। लेटेस्ट सैम्पल उन दोनों से भारी है।