• होम
  • मोबाइल
  • ख़बरें
  • सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद एंड्रॉयड डिवाइस मेकर्स के लिए बड़े बदलाव करेगी Google

सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद एंड्रॉयड डिवाइस मेकर्स के लिए बड़े बदलाव करेगी Google

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने गूगल के खिलाफ कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के फैसले को बरकार रखा था

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद एंड्रॉयड डिवाइस मेकर्स के लिए बड़े बदलाव करेगी Google

देश में 60 करोड़ स्मार्टफोन्स में से लगभग 97 प्रतिशत एंड्रॉयड पर चलते हैं

ख़ास बातें
  • गूगल ने यूजर्स को डिफॉल्ट इंजन चुनने का विकल्प देने की घोषणा की है
  • कंपनी के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है
  • CCI ने पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 16.1 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था
विज्ञापन
ग्लोबल टेक कंपनी Google ने बुधवार को बताया कि वह भारत में डिवाइस मेकर्स को उसकी ऐप्स के प्री-इंस्टॉलेशन के लिए लाइसेंस की अनुमति देगी। इसके साथ ही गूगल ने यूजर्स को उनका डिफॉल्ट इंजन चुनने का विकल्प देने की भी घोषणा की है। ये गूगल के  Android सिस्टम के ऑपरेट करने के तरीके में बड़े बदलाव हैं। 

पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने गूगल के खिलाफ कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के फैसले को बरकार रखा था। इस फैसले में कहा गया था कि कंपनी ने मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है। CCI ने कंपनी को देश में अपने एंड्रॉयड सिस्टम की मार्केटिंग के तरीके में बदलाव करने को भी कहा था। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया, "पूरे इकोसिस्टम में इन बदलावों को लागू करना एक जटिल प्रक्रिया है और इसके लिए हमारे साथ ही कई मामलों में पार्टनर्स, ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) और डिवेलपर्स को भी बड़ा योगदान देना होगा।" 

CCI के इस फैसले को लेकर गूगल ने चिंता जताई थी क्योंकि यह यूरोपियन कमीशन की ओर से चार वर्ष पहले एंड्रॉयड के खिलाफ दिए गए फैसले से ज्यादा सख्त है। देश में 60 करोड़ स्मार्टफोन्स में से लगभग 97 प्रतिशत एंड्रॉयड पर चलते हैं। यूरोप में लगभग 55 करोड़ स्मार्टफोन्स के लिए यह आंकड़ा लगभग 75 प्रतिशत का है। CCI ने गूगल को चलाने वाली अमेरिकी कंपनी Alphabet Inc पर एंड्रॉयड के मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए पिछले वर्ष अक्टूबर में लगभग 16.1 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। 

कंपनी ने इसके खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील की थी। NCLAT ने इस पेनल्टी पर अंतरिम रोक लगाने से मना कर दिया था। इसके बाद गूगल ने NCLAT के ऑर्डर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पेनल्टी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को NCLAT के ऑर्डर के तहत पेनल्टी की 10 प्रतिशत रकम जमा करने के लिए कहा था। CCI की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल N Venkataraman ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि गूगल ने भारत और यूरोप में अलग स्टैंडर्ड रखे हैं। उन्होंने कहा था कि कंपनी ने यूरोपियन कमीशन की ओर से पास किए गए समान ऑर्डर का पालन किया है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख और भी... ...और भी

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Google Pixel 10 सीरीज के कैमरा स्पेसिफिकेशन लीक, कंपनी करेगी बड़ा फेरबदल! जानें डिटेल
  2. 20,000mAh बैटरी, 22.5W चार्जिंग वाले Ambrane Stylo N10, N20 पावरबैंक भारत में Rs 999 से शुरू
  3. भारत का पहला 3D प्रिंटेड घर! 4 महीने में बनकर हुआ तैयार, किया सबको हैरान, देखें वीडियो
  4. Xiaomi 15 Ultra vs OnePlus 13: महंगे दाम में Xiaomi 15 Ultra फोन OnePlus 13 से कितना आगे? जानें
  5. GT vs SRH Live Streaming: गुजरात टाइटंस बनाम सनराईजर्स हैदराबाद, आज कौन मारेगा बाजी? यहां मैच देखें फ्री!
  6. Xiaomi QLED TV X Pro: Xiaomi धांसू फीचर्स के साथ ला रही नई स्मार्ट TV सीरीज, 10 अप्रैल को होगी लॉन्च
  7. 2.5 टन कैपेसिटी वाले AC पर बंपर डिस्काउंट, 60 डिग्री गर्मी में भी मिलेगी कूलिंग
  8. Remote Jobs: इस जर्मन कंपनी में 29 रिमोट जॉब्स के लिए ऑनलाइन करें अप्लाई! घर बैठे करें काम
  9. 33 साल बाद इस जगह फटने वाला है 11 हजार फीट ऊंचा ज्वालामुखी! वैज्ञानिकों ने चेताया
  10. सिंगल चार्ज में 50 घंटे चलने वाले ईयरबड्स Noise Air Buds Pro 6 लॉन्च, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »