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Amazon, Flipkart की बढ़ी मुश्किल, CCI ने सुप्रीम कोर्ट से किया जल्द सुनवाई का निवेदन

देश में ई-कॉमर्स का मार्केट 2028 तक बढ़कर 160 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के लिए यह एक बड़ी रेगुलेटरी चुनौती है

Amazon, Flipkart की बढ़ी मुश्किल, CCI ने सुप्रीम कोर्ट से किया जल्द सुनवाई का निवेदन

हाल ही में ED ने एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के कुछ सेलर्स पर छापा मारा था।

ख़ास बातें
  • एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के लिए यह एक बड़ी रेगुलेटरी चुनौती है
  • इन कंपनियों पर कॉम्पिटिशन से जुड़े कानून के उल्लंघन का आरोप है
  • पिछले कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स का मार्केट तेजी से बढ़ा है
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बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों Amazon और Flipkart की मुश्किल बढ़ सकती है। कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने इन कंपनियों की जांच को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई करने का निवेदन किया है। CCI ने कहा है कि Samsung और Vivo और कुछ अन्य कंपनियों की ओर से दी गई जांच को चुनौतियों का टारगेट इस जांच को दबाना है। 

पिछले सप्ताह CCI की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक फाइलिंग में कहा गया है कि एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और इन ई-कॉमर्स कंपनियों के प्लेटफॉर्म्स पर सैमसंग, Vivo और कुछ अन्य वेंडर्स की ओर से विभिन्न हाई कोर्ट्स में दायर की गई चुनौतियों पर सुनवाई की जाए, जिससे इस मामले में जल्द फैसला हो सके। इस फाइलिंग को Reuters ने देखा है। इसे सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं किया गया है। इस बारे में एमेजॉन ने टिप्पणी करने से मना कर दिया। फ्लिपकार्ट, सैमसंग, Vivo और CCI ने टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदन का उत्तर नहीं दिया। 

देश में ई-कॉमर्स का मार्केट 2028 तक बढ़कर 160 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के लिए यह एक बड़ी रेगुलेटरी चुनौती है। विदेशी निवेश से जुड़े कानून के उल्लंघन की वजह से एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच का दायरा भी बढ़ा है। इन कंपनियों का कहना है कि वे देश के कानूनों का पालन करती हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से ED इन कंपनियों के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहा है। इन कंपनियों पर चुनिंदा सेलर्स के जरिए गुड्स की इन्वेंटरी पर नियंत्रण करने का आरोप है। देश के कानून के तहत, विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी वेबसाइट के जरिए बिक्री वाले प्रोडक्ट्स की इन्वेंटरी नहीं रख सकती और ये केवल सेलर्स के एक मार्केटप्लेस के तौर पर कार्य कर सकती हैं। 

हाल ही में ED ने एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के कुछ सेलर्स पर छापा मारा था। इस बारे में जानकारी रखने वाले एक सरकारी सूत्र ने बताया था कि ED के छापों में जब्त किए गए दस्तावेजों से यह सबूत मिला है कि इन कंपनियों ने विदेशी निवेश से जुड़े कानून का उल्लंघन किया है। इन सेलर्स से मिले डेटा के विश्लेषण के साथ ही पिछले कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ उनकी डीलिंग्स की भी जांच की जाएगी। फ्लिपकार्ट की मालिक अमेरिका की बड़ी रिटेल कंपनी Walmart है। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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