• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • YouTube की गाइडलाइंस को तोड़ने में भारत के यूजर्स सबसे आगे, 19 लाख वीडियो पर लगी रोक

YouTube की गाइडलाइंस को तोड़ने में भारत के यूजर्स सबसे आगे, 19 लाख वीडियो पर लगी रोक

यह संख्या किसी भी अन्य देश में हटाए गए वीडियोज से अधिक है। कम्युनिटी गाइडलाइंस के उल्लंघन के कारण वैश्विक स्तर पर 64.8 लाख से अधिक वीडियो को हटाया गया है

YouTube की गाइडलाइंस को तोड़ने में भारत के यूजर्स सबसे आगे, 19 लाख वीडियो पर लगी रोक

यह संख्या किसी भी अन्य देश में हटाए गए वीडियोज से अधिक है

ख़ास बातें
  • इन वीडियो को कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने की वजह से हटाया है
  • यूट्यूब इन गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करता है
  • वीडियो के कंटेंट पर निगरानी के लिए मशीन लर्निंग का भी इस्तेमाल होता है
विज्ञापन
वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म YouTube ने इस वर्ष जनवरी से मार्च के बीच भारत में 19 लाख से अधिक वीडियो को कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने की वजह से हटाया है। यह संख्या किसी भी अन्य देश में हटाए गए वीडियोज से अधिक है। इस अवधि में कम्युनिटी गाइडलाइंस के उल्लंघन के कारण वैश्विक स्तर पर 64.8 लाख से अधिक वीडियो को हटाया गया है।  

यूट्यूब की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वर्ष जनवरी से मार्च के दौरान भारत में गाइडलाइंस के उल्लंघन की वजह से 19 लाख से अधिक वीडियो को हटाया गया है। इसकी तुलना में अमेरिका में यह संख्या 6,54,968 वीडियोज, रूस में 4,91,333 वीडियोज और ब्राजील में 4,49,759 वीडियोज की थी। यूट्यूब का कहना है, "कंपनी के शुरुआती दौर से हमारी कम्युनिटी गाइडलाइंस ने यूजर्स को हानिकारक कंटेंट से सुरक्षित किया है। हम ह्युमन रिव्युअर्स और मशीन लर्निंग के कॉम्बिनेशन से अपनी पॉलिसीज को लागू करते हैं।" इस महीने की शुरुआत में यूट्यूब ने कहा था कि टेक्नोलॉजी के डिवेलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े टूल्स के आने से गलत जानकारी पर रोक लगाना महत्वपूर्ण है। 

इस बारे में यूट्यूब के भारत में डायरेक्टर, Ishan John Chatterjee ने बताया था कि कंपनी के पास मजबूत कम्युनिटी गाइडलाइंस हैं जिनसे यह तय किया जाता है किस तरह का कंटेंट इस प्लेटफॉर्म पर होगा। उन्होंने कहा था, "हमने गलत जानकारी पर रोक लगाने के लिए काफी इनवेस्टमेंट किया है। हम जानते हैं कि इसे लेकर हमारा कार्य कभी समाप्त नहीं होगा। इस वजह से हम इस एरिया में इनवेस्टमेंट करना जारी रखेंगे।" 

हाल ही में यूट्यूब ने ऑनलाइन गेम्स खेलने के लिए एक प्रोडक्ट की टेस्टिंग शुरू की थी। कंपनी ने एंप्लॉयीज को 'Playables' कहे जाने वाले एक नए प्रोडक्ट की टेस्टिंग के लिए निमंत्रण दिया था। इस पर स्टैक बाउंस जैसी गेम्स टेस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं। Wall Street Journal की रिपोर्ट में बताया गया था कि यूट्यूब ने अपनी पैरेंट कंपनी Google के एंप्लॉयीज को इस बारे में एक ईमेल भेजी है। इन गेम्स को वेब ब्राउजर्स पर यूट्यूब की साइट या गूगल के Android या Apple के iOS मोबाइल डिवाइसेज के जरिए खेला जा सकता है। यूट्यूब पर बहुत से यूजर्स गेम्स को स्ट्रीम करते हैं और गेम्स की लाइव स्ट्रीमिंग देखते हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X+ पर भारी डिस्काउंट, प्राइस में हुई 60,000 रुपये की कमी
  2. Motorola Edge 70 सीरीज में शामिल हो सकते हैं 3 नए Pro मॉडल्स
  3. ईरान और रूस में ड्रोन खरीदने के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
  4. WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
  5. SIM Binding: खुशखबरी! सिम बाइंडिंग की डेडलाइन इस तारीख तक बढ़ी, अभी बिना सिम नहीं बंद होंगे WhatsApp, Telegram जैसे ऐप
  6. Xiaomi Mijia Garment Steamer 2 हुआ लॉन्च, जिद्दी सिलवटें निकालने का दावा, 6 आयरन मोड, जानें कीमत
  7. लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
  8. Infinix Note 60 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, रियर पैनल पर मिलेगा Active Matrix Display
  9. Airtel के ग्राहक 65 करोड़ के पार! बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
  10. सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »