NPCI, DPDP कानून के तहत UPI ऐप्स और बैंकों के साथ नए प्राइवेसी नियमों पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल नंबर मास्क करने और Username आधारित UPI ID को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है।
DPDP कानून के तहत UPI में मोबाइल नंबर मास्किंग और Username ID की तैयारी
Photo Credit: Unsplash/ David Dvoracek
UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के तहत UPI ऐप्स और पार्टनर बैंकों के साथ जरूरी बदलावों पर चर्चा कर रहा है। इसका मकसद यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा बढ़ाना और पेमेंट के दौरान मोबाइल नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी के एक्सपोजर को कम करना है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट बताती है कि NPCI पहले ही UPI ऐप्स और बैंकों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर मास्क करने का निर्देश दे चुका है। UPI सिस्टम में मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पेमेंट भेजने और वेरिफिकेशन के लिए होता है, लेकिन यही व्यवस्था प्राइवेसी से जुड़ा जोखिम भी पैदा करती है। ऐसे में DPDP कानून लागू होने के बाद मोबाइल नंबर और पूरा नाम जैसी जानकारी को लेकर एक्स्ट्रा सावधानी बरती जाएगी।
रिपोर्ट आगे बताती है कि पिछले महीने NPCI ने एक सर्कुलर जारी कर UPI ऐप्स और सदस्य बैंकों को निर्देश दिया था कि सभी कस्टमर-फेसिंग इंटरफेस और कम्युनिकेशन में UPI ID, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर को मास्क किया जाए। नए नियम के तहत दूसरे यूजर को मोबाइल नंबर के केवल आखिरी चार अंक ही दिखाई देंगे।
इतना ही नहीं QR कोड के जरिए पेमेंट पूरा होने के बाद भी ऐप्स मोबाइल नंबर नहीं दिखाएंगे। NPCI ने इस बदलाव को लागू करने के लिए 4 सितंबर की समयसीमा तय की है। NPCI ने कथित तौर पर UPI ऐप्स से यह भी कहा है कि वे यूजर्स को मोबाइल नंबर के बजाय Username आधारित UPI ID बनाने और उसे डिफॉल्ट ऑप्शन के रूप में इस्तेमाल करने की सुविधा दें।
फिलहाल, पहली बार UPI इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर यूजर्स अपने मोबाइल नंबर को ही Virtual Payment Address (VPA) के रूप में चुनते हैं। हालांकि Username आधारित UPI ID का ऑप्शन पहले से मौजूद है, लेकिन बड़ी संख्या में यूजर्स इसके बारे में जानकारी नहीं रखते। नए बदलाव के बाद डिफॉल्ट रूप से Username आधारित ID को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले के मुकाबले बेहतर हो सकेगी।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।