UBON का Quick कॉमर्स के साथ ऑनलाइन बिजनेस तेजी से बढ़ाने का टारगेट

मोबाइल एक्सेसरीज के ऑफलाइन मार्केट में भारतीय कंपनी Ubon ने अपनी मजबूत स्थिति को बरकरार रखा है। इस सेगमेंट में Ubon का मार्केट शेयर (टियर 2 और टियर 3) लगभग 35 प्रतिशत का है

विज्ञापन
Written by अंकित शर्मा, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 22 सितंबर 2025 21:41 IST
ख़ास बातें
  • Ubon के बिजनेस का लगभ 95 प्रतिशत ऑफलाइन मार्केट से है
  • इसकी सेल्स का बड़ा हिस्सा राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब से मिलता है
  • यह क्विक कॉमर्स के सेगमेंट के जरिए अपनी सेल्स बढ़ाने की तैयारी कर रही है

मोबाइल एक्सेसरीज के सेगमेंट में कंपनी की टियर 2 और टियर 3 शहरों में बड़ी हिस्सेदारी है

देश में मोबाइल एक्सेसरीज का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। स्मार्टफोन्स के मार्केट में चीन और दक्षिण कोरिया की कंपनियों का दबदबा है लेकिन मोबाइल एक्सेसरीज के ऑफलाइन मार्केट में भारतीय कंपनी Ubon ने अपनी मजबूत स्थिति को बरकरार रखा है। इस सेगमेंट में Ubon का मार्केट शेयर (टियर 2 और टियर 3) लगभग 35 प्रतिशत का है। इसके पास हेडफोन, ईयरबड्स, चार्जर, नेकबैंड, केबल्स और पावर बैंक जैसे विभिन्न प्रोडक्ट्स हैं। Ubon की स्ट्रैटेजी के बारे में जानने के लिए Gadgets 360 ने कंपनी के को-फाउंडर, Lalit Arora के साथ बातचीत की है। प्रस्तुत हैं इसके मुख्य अंशः 

भारतीय उपभोक्ता UBON जैसे टेक एक्सेसरी ब्रांड को क्यों चुनते हैं, इस बारे में आपका क्या मानना है?

पहले की तुलना में कस्टमर्स के पास ज्यादा जानकारी है। वे ऐसी एक्सेसरीज को खोजते हैं जो प्रति दिन के इस्तेमाल के बावजूद अधिक चले। युवाओं के लिए डिजाइन महत्वपूर्ण है और वे ऐसे प्रोडक्ट्स चुनते हैं जो ट्रेंड में दिखते हैं और उनके व्यक्तित्व से कुछ मेल खाते हैं। इसके साथ ही इसको अनदेखा नहीं किया जा सकता कि प्राइस किसी प्रोडक्ट को चुनने का एक बड़ा कारण है। कस्टमर्स फास्ट चार्जिंग, बैटरी का अधिक चलना, क्लीयर ऑडियो और नई ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स की उम्मीद करने के साथ ही किफायती प्राइस चाहते हैं। 

इसके अलावा सर्विस भी महत्वपूर्ण है। ऐसे ब्रांड्स को पसंद किया जाता है जो बिना परेशानी के रिटर्न या एक्सचेंज करते हैं। इसके साथ ही लोग सांस्कृतिक तौर पर प्रभावी ब्रांड्स के साथ भी जुड़ते हैं, चाहे वह क्रिकेट पार्टनरशिप्स हों या फेस्टिव डील्स। UBON में हम इन सभी बिंदुओं को शामिल करने की पूरी कोशिश करते हैं। 

ऑडियो/वियरेबल्स सेगमेंट में कस्टमर्स के लिए कौन सी मुश्किलें हैं, इस बारे में आप क्या सोचते हैं?

इस मार्केट में बहुत भीड़ है लेकिन इसमें अक्सर निरंतररता की कमी होती है। आपको कम प्राइस वाली काफी एक्सेसरीज दिखती हैं जो शुरुआत में अच्छी लग सकती हैं लेकिन वे वादे के जैसे चलने या परफॉर्मेंस में नाकाम होती हैं, इससे कस्टमर्स निराशा महसूस करते हैं। इस मार्केट में आमतौर पर इंटरनेशनल ब्रांड्स बेहतर क्वालिटी देते हैं लेकिन कस्टमर्स की बड़ी संख्या के लिए इनके प्राइस बहुत अधिक होते हैं, विशेषतौर पर जब आप टियर 2 और टियर 3 शहरों को देखते हैं। 

इस वजह से अक्सर लोग सस्ते विकल्पों को चुनते हैं जो ज्यादा नहीं चलते या महंगे प्रोडक्ट्स लेते हैं जिनका प्राइस उनके लिए अधिक होता है। UBON की कोशिश इस अंतर को पूरा करने की है। कस्टमर्स को हम स्पीकर्स, नेकबैंड और TWS ईयरबड्स जैसे ड्यूरेबल और स्टाइलिश प्रोडक्ट्स को किफायती प्राइसेज पर देना चाहते हैं।  

टेक्नोलॉजी के लिहाज से UBON को आप boAt या Noise जैसे राइवल्स से कैसे अलग करेंगे?

यह वास्तव में हमारी यात्रा और इसने हमें क्या सिखाया है, इससे जुड़ा है। UBON एक भारतीय ब्रांड है और हम 25 वर्षों से ऑफलाइन मार्केट में मौजूद हैं। एक बड़ा अंतर यह है कि हमने कभी कोई बाहरी फंडिंग नहीं ली। इस कंपनी ने जो भी कदम उठाया है वह हमारी कड़ी मेहनत और कस्टमर्स के साथ जुड़ाव है। जब आप इस तरीके से कारोबार को बनाते हैं तो इससे आप हकीकत के साथ रहते हैं। आप प्रत्येक ट्रेंड के पीछे नहीं भाग सकते और न ही शॉर्ट-टर्म की लोकप्रियता में फंस सकते हैं। आपको यह सुनने और ध्यान देने की जरूरत होती है कि लोगों की क्या वास्तविक जरूरत है और कैसे सही और टिकाऊ वैल्यू उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे हम टेक्नोलॉजी में अंतर लाते हैं। हम व्यावहारिकता के साथ ही इनोवेशन पर जोर देते हैं। 

इसका एक उदाहरण हमारा CL 35 नेकबैंड है। इसके साथ एक अतिरिक्त बैटरी मिलती है। यह एक साधारण लेकिन उपयोगी फीचर है जिससे लोगों को चार्जिंग की ज्यादा चिंता नहीं करनी पड़ती। UBON में हमारी टेक्नोलॉजी को ड्यूरेबिलिटी और एफिशिएंसी को लेकर डिजाइन किया जाता है। चाहे हम अधिक प्लेटाइम, स्मार्ट चार्जिंग, क्वाड माइक सिस्टम और बिल्ट-इन होल्डर्स की बात करें, हम एक वास्तविक समस्या के समाधान के लिए डिजाइन करते हैं। हम प्रीमियम क्वालिटी के ऑडियो और वियरेबल टेक को किफायती प्राइस पर उपलब्ध कराना चाहते हैं। 

UBON के ऑफलाइन और ऑनलाइन बायर्स के लिए आप एक्सपीरिएंस में कैसे सुधार करेंगे?

हमारे लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों बायर्स का एक्सपीरिएंस बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे कस्टमर्स की बड़ी संख्या ऑफलाइन खरीदारी करती है और इस वजह से हमारा जोर पूरे प्रोसेस को आसान और मजेदार बनाने पर है। इसके लिए हम ट्रेंड रिटेल स्टाफ के साथ कार्य करते हैं और लाइव डेमो देते हैं जिससे लोग खरीदारी के फैसले से पहले साउंड को सुन सकते हैं। अगर किसी प्रोडक्ट में खामी निकलती है तो हम यह पक्का करते हैं कि प्रोडक्ट को बिना किसी परेशानी के वापस लिया जाए और समस्या का जल्द समाधान हो। नई स्कीम्स और ऑफर्स के बारे में रिटेलर्स को हम जानकारी देते हैं। इससे बायर्स को मजबूत ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट के साथ अतिरिक्त वैल्यू मिलती है। 

हमारे ऑनलाइन कस्टमर्स के लिए टारगेट सुविधा और विश्वास पर बना एक एक्सपीरिएंस देने का है। हमारी वेबसाइट और मार्केटप्लेस को क्लीन और यूजर फ्रेंडली रखा जाता है। इसके अलावा हम वॉट्सऐप और चैटबॉट्स के इस्तेमाल से फास्ट कस्टमर सपोर्ट चैनल्स बना रहे हैं। इसके साथ ही प्रोडक्ट्स की जल्द डिलीवरी और पैकेजिंग हमारे लिए एक प्रायरिटी है। 

आपका मौजूदा मार्केट शेयर कितना है और अगले पांच वर्षों के लिए आपका क्या टारगेट है? 

मोबाइल एक्सेसरीज के सेगमेंट में हमारा टियर 2 और टियर 3 शहरों में मार्केट शेयर लगभग 35 प्रतिशत का है। अगले पांच वर्षों में हमारा टारगेट इसे बढ़ाकर लगभग 50 प्रतिशत पर पहुंचाने का है। हमारे बिजनेस का लगभग 95 प्रतिशत ऑफलाइन मार्केट से है। हमारी योजना ऑनलाइन सेल्स से योगदान को बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की है। इसके लिए अगले वर्ष से हम ऑनलाइन एक्सक्लूसिव मॉडल्स को शुरू करेंगे। 

आपकी कंपनी के लिए किन राज्यों से अधिक बिजनेस मिल रहा है? क्या कंपनी अपनी एक्सपैंशन की योजना में मदद के लिए IPO लाने पर विचार कर रही है? 

UBON का विशेषतौर पर राजस्थान, महाराष्ट्र और पंजाब में प्रदर्शन अच्छा है और हमारी सेल्स में उत्तर प्रदेश का भी बड़ा योगदान है। IPL में राजस्थान रॉयल्स के साथ हमारी पार्टनरशिप ने निश्चित तौर पर ब्रांड की इन क्षेत्रों में विजिबिलिटी बढ़ाने में मदद की है। कंपनी की ग्रोथ के लिए हम प्रॉफिट का बिजनेस में दोबारा इनवेस्टमेंट कर रहे हैं। इस वजह से हमारी जल्द IPO लाने की योजना नहीं है। हालांकि, लंबी-अवधि में एक्सपैंशन की स्ट्रैटेजी के लिए हम इस पर विचार कर सकते हैं। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

अंकित शर्मा Gadgets 360 में डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  2. 48MP कैमरा वाला iPhone 17 Pro हुआ 21 हजार रुपये सस्ता, जानें कहां आई डील
  3. itel A100 Pro का 4GB रैम वेरिएंट लॉन्च, Free मिल रहा 1499 रुपये का नेकबैंड, जानें डिटेल
  4. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  5. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple, Samsung वाला फीचर अब OnePlus फोन में भी मिलेगा! शुरू हुआ रोलआउट
  2. 7 हजार सस्ता मिल रहा Google का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, यहां आया तगड़ा डिस्काउंट ऑफर
  3. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  4. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  5. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  6. Reliance Jio AI Call Agent: अब फोन पर बात करते हुए होगा खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग! जानें कैसे काम करेगा Jio AI कॉल एजेंट
  7. 80 किमी रेंज वाली Raleigh One इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, रिमूवेबल बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Tecno Camon Slim जल्द होगा लॉन्च, 5,600mAh हो सकती है बैटरी
  9. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  10. Reliance AGM 2026: AI एजेंट, AI ऐप्स से AI डेटा सेंटर तक, ये हैं रिलायंस के 10 बड़े ऐलान
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.