Infosys पर फ्रांस की लेबर अथॉरिटी ने कर्मचारियों के Working Hours रिकॉर्ड करने वाले सिस्टम में कमियां मिलने के बाद 1.75 लाख यूरो (करीब 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। इसके बाद X पर 70 घंटे वर्क वीक को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
फ्रांस में Working Hours सिस्टम को लेकर Infosys पर लगा 1.75 लाख यूरो का जुर्माना
IT कंपनी Infosys पर फ्रांस के लोकल लेबर अथॉरिटी, DRIEETS Ile-de-France ने 1.75 लाख यूरो (लगभग 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर यह कार्रवाई कर्मचारियों के काम के घंटों को रिकॉर्ड करने वाले सिस्टम में लोकल लेबर लॉ के अनुरूप कमियां पाए जाने के बाद की गई है। कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, फ्रांसीसी लेबर अथॉरिटी ने पाया कि Infosys का टाइम-ट्रैकिंग सिस्टम कुछ कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए वहां के नियमों को पूरी तरह पूरा नहीं करता। जांच में सिस्टम की विश्वसनीयता, ऑडिट करने की क्षमता और वर्किंग आवर्स की मॉनिटरिंग से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए गए। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि यह मामला किन कर्मचारियों से जुड़ा है।
फ्रांस के लेबर कानून के तहत कंपनियों के लिए कर्मचारियों के काम के घंटों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर नियोक्ता को संबंधित अधिकारियों के सामने यह रिकॉर्ड पेश करना होता है। इसके अलावा कर्मचारियों को भी अपने वर्किंग आवर्स का रिकॉर्ड देखने का अधिकार होता है।
Infosys ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि इस जुर्माने का कंपनी के फाइनेंशियल शिचुएशन, बिजनेस या अन्य एक्टिविटी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी फिलहाल फ्रांसीसी प्राधिकरण की ओर से भेजे गए कम्युनिकेशन को रिव्यू कर रही है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उसे अपने मौजूदा टाइम-रिकॉर्डिंग सिस्टम में बदलाव करने के निर्देश मिले हैं या नहीं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब Infosys भारत में अपने कर्मचारियों को दफ्तर से अधिक समय तक काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वहीं, कंपनी के को-फाउंडर एन. आर. नारायण मूर्ति (N. R. Narayana Murthy) के 70 घंटे प्रति सप्ताह काम करने वाले बयान को लेकर भी पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा होती रही है।
साल 2023 में एक पॉडकास्ट के दौरान नारायण मूर्ति ने कहा था कि अगर भारत को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनना है, तो देश के युवाओं को सप्ताह में 72 घंटे तक काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके इस बयान पर उस समय भी काफी बहस हुई थी और सोशल मीडिया पर इसके पक्ष और विपक्ष में कई रिएक्शन देखने को मिले थें।
दूसरी ओर, फ्रांस में फुल टाइम प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए कानूनी वर्क वीक 35 घंटे का निर्धारित है। कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन ओवरटाइम का पेमेंट तय नियमों के अनुसार किया जाता है।
अब X पर कई यूजर्स नारायण मूर्ति के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए अपनी राय शेयर कर रहे हैं। इनमें कुछ पोस्ट गंभीर चर्चा का हिस्सा हैं, जबकि कई यूजर्स इस मुद्दे पर मीम और मजाकिया अंदाज में भी रिएक्शन दे रहे हैं
An Infosys Indian employee reading the news while working 70 hours a week: pic.twitter.com/Fduad03jzo
— Nandkishor (@devops_nk) July 29, 2026Now Infosys employees need to work 140 hours a week to recover this loss.😭😭
— Trading Mind (@TradingMind2944) July 29, 2026🚨France's move is absolutely right.
forcing employees to work excessive hours at the expense of their mental health and family life is completely unacceptable…
Been living in Paris since 2016. One thing I've learned: people here value productivity, not hours at your desk. I once joined TCS France and couldn't last a year. The top-down management was incredibly toxic. Never again will I join such Indian companies🖕🏼
— BG (@tej2168) July 26, 2026फिलहाल यह मामला सिर्फ फ्रांस में लेबर लॉ के अनुपालन से जुड़ा है, लेकिन इसके बाद एक बार फिर कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस, ओवरटाइम और लंबे वर्किंग आवर्स को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कंपनी या फ्रांसीसी रेगुलेटर की ओर से कोई नया अपडेट आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
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