कार क्रैश सेफ्टी रेटिंग शुरू करने वाला पांचवां देश होगा भारत

अमेरिका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में कारों की सेफ्टी के आकलन के लिए इस तरह के प्रोग्राम पहले से मौजूद हैं

कार क्रैश सेफ्टी रेटिंग शुरू करने वाला पांचवां देश होगा भारत

क्रैश टेस्ट में कार के प्रदर्शन के आधार पर स्टार रेटिंग दी जाएंगी

ख़ास बातें
  • इससे अधिक सुरक्षित कारों की डिमांड बढ़ने का अनुमान है
  • अमेरिका, जापान और चीन जैसे देशों में यह प्रोग्राम पहले से लागू है
  • सभी पैसेंजर कारों में छह एयरबैग्स को भी अनिवार्य किया जाएगा
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देश में एक अलग कार क्रैश सेफ्टी प्रोग्राम मंगलवार से लॉन्च किया जा रहा है। कारों की सेफ्टी को बढ़ाने के लिए इस प्रोग्राम को लागू करने वाला भारत पांचवां देश होगा। अमेरिका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में कारों की सेफ्टी के आकलन के लिए इस तरह के प्रोग्राम पहले से मौजूद हैं। 

रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्ट्री की ओर से भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP) लॉन्च किया जा रहा है। देश में बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और भारत NCAP के लागू होने के बाद इनमें कमी हो सकती है। इसके तहत 3.5 टन के मोटर व्हीकल्स के लिए सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को बढ़ाया जाएगा।  मिनिस्ट्री ने कहा है कि इससे कार बायर्स को ऑटोमोबाइल मार्केट में उपलब्ध मोटर व्हीकल्स की क्रैश सेफ्टी का आकलन करने में आसानी होगी। भारत NCAP के तहत कार मेकर्स स्वेच्छा से अपनी कारों की टेस्टिग करा सकेंगे। क्रैश टेस्ट में कार के प्रदर्शन के आधार पर स्टार रेटिंग दी जाएंगी। कार को खरीदने से पहले कस्टमर्स इन स्टार रेटिंग को देखकर विभिन्न व्हीकल्स के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की तुलना कर सकेंगे। 

नए सेफ्टी रेगुलेशन के लागू होने के बाद अधिक सुरक्षित कारों की डिमांड बढ़ने का अनुमान है। इससे कार मेकर्स को भी सुरक्षित कारों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए Bharat NCAP का पालन करने का प्रोत्साहन मिलेगा। मिनिस्ट्री को उम्मीद है कि उच्च सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के साथ इंटरनेशनल मार्केट में देश में बनी कारों की डिमांड में भी बढ़ोतरी होगी। 

सभी पैसेंजर कारों (M1) कैटेगरी में 1 अक्टूबर से न्यूनतम छह एयरबैग्स को अनिवार्य किया जाएगा। ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए पैसेंजर कारों में छह एयरबैग का नियम पिछले वर्ष लागू होना था लेकिन इसे टाल दिया गया था। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इससे व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण सरकार से इस नियम पर दोबारा विचार करने का निवेदन किया था। इस बारे में जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कहा गया था कि M1 कैटेगरी (8 सीटों तक) के व्हीकल्स में कम से कम छह एयरबैग्स लगाने होंगे। इस नियम का असर बजट से मिड-रेंज व्हीकल्स पर पड़ेगा जिनमें पिछली सीट पर पैसेंजर्स के लिए एयरबैग्स नहीं होते। इस नियम के लागू होने के बाद पैसेंजर्स के लिए व्हीकल्स में सेफ्टी बढ़ जाएगी। पैसेंजर कारों के लिए दो एयरबैग्स पहले से अनिवार्य हैं। 

 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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