डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल लोकसभा में पारित, उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये की पेनल्टी 

इस बिल को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से लाए गए कुछ संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 अगस्त 2023 21:02 IST
ख़ास बातें
  • लोकसभा में मणिपुर के मुद्दे पर हंगामे के बीच बिल को पारित कराया गया
  • इसमें डेटा का गलत इस्तेमाल करने पर रोक लगाने से जुड़े प्रावधान हैं
  • यह बिल विस्तृत सार्वजनिक विचार विमर्श के बाद लाया गया है

इस बिल में देश के नागरिकों की प्राइवेसी की सुरक्षा पर जोर दिया गया है

देश में पिछले कुछ वर्षों से व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर कड़ा कानून बनाने की मांग उठ रही थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल पेश किया था। यह बिल सोमवार को लोकसभा में पारित हो गया। इसमें विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से लाए गए कुछ संशोधनों को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। 

इस बिल में देश के नागरिकों की प्राइवेसी की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसमें लोगों के डिजिटल डेटा के गलत इस्तेमाल या उसकी सुरक्षा में नाकामी होने एंटिटीज पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने छह वर्ष पहले 'प्राइवेसी के अधिकार' को एक मूलभूत अधिकार घोषित किया था। इस बिल में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लोगों के डेटा का गलत इस्तेमाल करने पर रोक लगाने से जुड़े प्रावधान हैं। लोकसभा में मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के बीच इस बिल को पारित कराया गया। 

केंद्रीय IT मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने बिल को विचार और पारित करने के लिए पेश करते हुए कहा, "अगर विपक्ष इस बिल पर चर्चा करता तो अच्छा होता लेकिन कोई विपक्षी नेता या सदस्य नागरिकों के अधिकार को लेकर चिंतित नहीं है।" उन्होंने बताया कि यह बिल विस्तृत सार्वजनिक विचार विमर्श के बाद लाया गया है। उनका कहना था कि इसकी भाषा बहुत आसान है और इसे एक सामान्य व्यक्ति भी समझ सकता है। उन्होंने उन सिद्धांतों की जानकारी दी जिन पर यह बिल आधारित है। Ashwini ने कहा कि वैधता के सिद्धांत के अनुसार, किसी व्यक्ति के डेटा को मौजूदा कानूनों के आधार पर लेना चाहिए। उनका कहना था कि सीमित उद्देश्य के सिद्धांत के अनुसार, डेटा का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए जिसके लिए इसे लिया गया है। 

न्यूनतम डेटा के सिद्धांत का जिक्र करते हुए Ashwini ने कहा कि जरूरत से अधिक डेटा नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्टोरेज की लिमिट के बारे में बताया कि डेटा को उतनी ही अवधि के लिए रखा जाना चाहिए जितनी जरूरत है। इस बिल में विवाद के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कहा कि अगर कोई एंटिटी गल्ती करती है तो उसे डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के पास जाकर उस गल्ती को सुधारना और जुर्माने का भुगतान करना होगा। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. 120W चार्जिंग के साथ 2026 के टॉप स्मार्टफोन! OnePlus 15, IQOO 13 समेत जानें पूरी लिस्ट
  2. टैबलेट या लैपटॉप? Xiaomi भारत में लॉन्च करने वाला है नया डिवाइस, शेयर किया टीजर वीडियो
  3. Bitcoin का प्राइस 50,000 से नीचे गिरने की आशंका, Peter Schiff ने दी चेतावनी
  4. Poco X8 Pro और Poco X8 Pro Max में मिल सकती है 1.5K OLED स्क्रीन
  5. Tata Punch EV फेसलिफ्ट हुई लॉन्च: 468km रेंज, वेंटिलेटेड सीट्स और सनरूफ भी! जानें सभी वेरिएंट्स की कीमत
  6. 6 ग्रहों की परेड का दिखेगा नजारा! सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर भी होगा शामिल, नोट कर लें दिन और समय
  7. Realme P4 Lite 4G भारत में लॉन्च: जानें 6300mAh बैटरी और Pulse Light डिजाइन वाले बजट फोन की कीमत
  8. Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
  9. Lava Bold N2 vs Samsung Galaxy F07 vs Moto G06 Power: Rs 8 हजार के अंदर कौन बेहतर?
  10. QR Code की क्रांति! दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड, हजारों सालों तक डेटा करेगा स्टोर, जानें कैसे
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.